17.3 C
Munich

मात्र ₹2000 में घर लाएं ‘ठंडक की मशीन’, गाजियाबाद की मालीवाड़ा मार्केट में मची है लूट!

Must read


Last Updated:

Ghaziabad Cooler Market: भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जूझ रहे दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए गाजियाबाद का मालीवाड़ा चौक कूलर मार्केट राहत का केंद्र बना हुआ है. 1978 से स्थापित इस ऐतिहासिक बाजार में ₹2000 से ₹20000 तक की रेंज में किफायती और टिकाऊ कूलर उपलब्ध हैं. 200 से अधिक फैक्ट्रियों और हज़ारों व्यापारियों वाले इस मार्केट में प्लास्टिक कूलरों की भारी मांग है. बेहतरीन ऑफर्स और विशाल वैरायटी के कारण यहां सीजन में करीब 1 लाख कूलरों की रिकॉर्ड बिक्री होती है.

Ghaziabad Cooler Market: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में सूरज की तपिश ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर ऐसा है कि लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं. ऐसे में कूलर एक सस्ता और असरदार विकल्प बनकर सामने आ रहा है, जिसकी मांग इन दिनों बाजारों में चरम पर है. इसी बढ़ती जरूरत के बीच गाजियाबाद का मालीवाड़ा चौक स्थित कूलर मार्केट लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. अगर आप कम बजट में अच्छा और टिकाऊ कूलर खरीदना चाहते हैं तो यह बाजार आपके लिए एक बेहतरीन जगह साबित हो सकता है. यहां आपको हर तरह के कूलर मिल जाते हैं चाहे वह लोकल हो या किसी बड़ी कंपनी का ब्रांडेड कूलर.

1978 से शुरू हुआ सफर, आज बना देश की पसंद
स्थानीय व्यापारी गोपीचंद ने बताया कि इस मार्केट की शुरुआत सन 1978 में हुई थी. उस समय यहां कुछ ही दुकानें थीं लेकिन आज यह बाजार काफी बड़ा रूप ले चुका है. वर्तमान में यहां करीब 200 से ज्यादा कूलर फैक्ट्री और लगभग हजार के आसपास ट्रेडर्स सक्रिय हैं. यही वजह है कि यह मार्केट अब सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी पहचान बना चुका है. यहां कूलरों की कीमत भी हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तय की गई है.

हर बजट के लिए विकल्प: ₹2000 से ₹20000 तक की रेंज
बाजार में कूलर की कीमत लगभग 2000 रुपये से शुरू होकर 2,000 रुपये तक जाती है. यानी कम बजट वाले ग्राहक से लेकर बेहतर क्वालिटी की तलाश करने वाले लोग भी यहां आसानी से अपनी पसंद का कूलर खरीद सकते हैं. इस मार्केट की दिलचस्प बात यह है कि यहां से सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि, देश के कई हिस्सों में कूलरों की सप्लाई की जाती है. खासकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में यहां से बड़ी मात्रा में कूलर भेजे जाते हैं.

महीने भर में 1 लाख की बिक्री
पीक सीजन यानी गर्मियों के एक महीने के भीतर यहां से एक लाख से ज्यादा कूलरों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की जाती है. समय के साथ कूलरों की मांग और पसंद में भी बदलाव आया है. पहले जहां लोहे के कूलर ज्यादा पसंद किए जाते थे वहीं अब उनकी मांग घटकर लगभग 5 प्रतिशत रह गई है. आज के समय में हल्के और टिकाऊ प्लास्टिक कूलरों की डिमांड तेजी से बढ़ी है. इसके अलावा यहां कूलर के सभी जरूरी पार्ट्स, जैसे जाली, घास वाली जाली और अन्य सामान भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है.

कूलरों पर मिल रहे हैं ऑफर और आकर्षक दाम
गर्मी बढ़ने के साथ इस बाजार में ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. दुकानदारों का कहना है कि इस समय कई वैरायटी के कूलरों पर आकर्षक दाम और ऑफर भी दिए जा रहे हैं जिससे खरीदारों को और ज्यादा फायदा मिल रहा है. अगर आप भी इस भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर खरीदने की सोच रहे हैं तो गाजियाबाद के पुराने बस अड्डे के पास स्थित मालीवाड़ा चौक का यह कूलर मार्केट आपके लिए एक सही और किफायती विकल्प साबित हो सकता है. यहां की वैरायटी, कीमत और भरोसेमंद सप्लाई इसे खास बनाती है.

About the Author

Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article