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प्रयागराज जंक्शन की ‘संगमरमर वाली मस्जिद’ के ध्वस्तीकरण नोटिस का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, की गई ये मांग

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Prayagraj News: प्रयागराज जंक्शन के सिटी साइड स्थित संगमरमर वाली मस्जिद को हटाने वाली नोटिस के खिलाफ इलाहबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि यह मस्जिद वक़्फ़ में रजिस्टर्ड है, लिहाजा रेलवे की तरफ से जारी नोटिस पर रोक लगाई जाए. उधर रेलवे की तरफ से जारी नोटिस का आज आखिरी दिन है.

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प्रयागराज जंक्शन से सटे इस मस्जिद को हटाने का नोटिस

प्रयागराज. नार्थ सेंट्रल रेलवे के प्रयागराज जंक्शन सिटी साइड में स्थित मस्जिद हटाने को लेकर रेलवे की ओर से जारी नोटिस का सोमवार को अंतिम दिन है.  इस बीच मस्जिद कमेटी की तरफ से इस नोटिस को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है.  रेलवे भूमि पर बनी मस्जिद को 27 अप्रैल तक हटाने का रेलवे अधिकारियों ने मस्जिद कमेटी को अल्टीमेटम दिया था. हालांकि, मस्जिद कमेटी ने ध्वस्तीकरण नोटिस को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की गई है कि रेलवे के ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगाई जाए. साथ ही रेलवे की ओर से 10 अप्रैल को जारी नोटिस को रद्द करने की भी मांग की गई है.

याचिका में दलील दी गई है कि मस्जिद वक्फ बोर्ड में दर्ज है. इसका वक्फ रजिस्टर नंबर 161 है. अदालत से अपील की गई है कि यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी करें. यह याचिका वक्फ मस्जिद रेलवे स्टेशन वक्फ नंबर 161 के सेक्रेटरी महबूब अली की ओर से दाखिल की गई है. याचिका अधिवक्ता जहीर असगर और सैयद अहमद फैजान के माध्यम से दाखिल की गई है. याचिका पर हाईकोर्ट में इस हफ़्ते सुनवाई होने की उम्मीद है. याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट एसएफए नकवी बहस करेंगे.

रेलवे का यह आरोप

गौरतलब है कि प्रयागराज जंक्शन स्टेशन का लगभग नौ करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है. रेलवे का आरोप है कि रेलवे भूमि पर अनाधिकृत रूप से कब्जा कर मस्जिद बनाई गई है. रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर की ओर से 10 अप्रैल को नोटिस जारी किया गया है. मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली को नोटिस के माध्यम से बताया गया है कि 15 अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू होना है. सिटी साइड सर्कुलेटिंग एरिया में आपकी मस्जिद रेलवे भूमि पर स्थित है. नोटिस में कहा गया है कि मस्जिद की बिल्डिंग खाली न करने पर होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी मस्जिद कमेटी की होगी. मस्जिद कमेटी का कहना है कि यह मस्जिद यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज है.

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें



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