14.8 C
Munich

चले थे वकील साहब पत्नी से गुजारा भत्ता लेने, हाईकोर्ट ने ठोंक दिया 15 लाख का जुर्माना

Must read


Last Updated:

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी से भरण-पोषण की राशि की मांग करने वाले अधिवक्ता पति पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है. अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अधिवक्ता पति ने फैक्ट्स गलत दिए और सच्चाई भी छिपाई.

Zoom

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेंटनेंस की याचिका पर की बड़ी टिप्पणी.

प्रयागराजः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अधिवक्ता को याचिका दायर करने पर फटकार लगाने के साथ-साथ लाखों का जुर्माना भी ठोंक दिया. अधिवक्ता ने अपनी पत्नी से भरण-पोषण की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए अनावश्यक बताया और यह भी कहा कि यह याचिका झूठे बहाने बनाकर दायर की गई. जस्टिस विनोट दिवाकर ने तथ्यों को छिपाने और एक्स वाइफ को नुकसान पहुंचाने के लिए अधिवक्ता पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया.

कोर्ट ने कहा- फैसले को छिपाया, गलत फैक्ट्स बताए
कोर्ट ने कहा, ‘शारीरिक रूप से सक्षम और वकालत के पेशे से मौजूद याचिकाकर्ता ने न केवल अपने पक्ष में दिए गए गुजारा भत्ता को छिपाया. बल्कि अपनी पत्नी के लिए गए पर्सनल लोन का पैसा भी रईसी जीवन जीने और शराब पीने में उड़ा डाला. दरअसल, साल 2019 में 18 मई को अधिवक्ता ने एक लड़की से शादी की. उस वक्त दोनों ही कंपटेटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे थे. शादी के बाद पत्नी की इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपर निजी सचिव के पद पर नौकरी लग गई. जबकि पति लॉ से ग्रेजुएट होने और रजिस्टर्ड वकील होने के बावजूद बेरोजगार रह गया. जिसके कुछ समय बाद दोनों में झगड़ा शुरू हो गया.

फैमिली कोर्ट से मिला था पक्ष में फैसला लेकिन…
इसके बाद पति ने इटावा जिले के फैमिली कोर्ट में गुजारा भत्ते का आवेदन किया, जहां उसके पक्ष में फैसला आया. लेकिन इस फैसले के खिलाफ वकील ने प्रयागराज के फैमिली कोर्ट में याचिका लंबित होने के चलते उसने आय का कोई सोर्स नहीं होने के दावा करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की. वहीं पत्नी ने हाईकोर्ट को बताया कि साल 2020 में 10 नवंबर को पति ने एक प्लॉट खरीदने का झूठा बहाना बनाकर उसे भरोसे में लिया और उसके खाते के बेस पर 11 लाख 50 हजार को लोन ले लिया.

पत्नी ने कोर्ट में बताई पति की हरकत
इसके अलावा पत्नी ने बताया कि उसके पति ने फिर दोबारा 6 अक्टूबर 2022 को 13 लाख 56 हजार रुपये का लोन लिया. तब से वह 26 हजार 20 रुपये की किस्त भर रही है और वह 2028 तक भरती रहेगी. पत्नी ने कोर्ट को यह भी बताया कि उसके पति ने धोखाधड़ी से सारे पैसे अपने अकाउंट में ले लिए और उस पैसे से शराब पी गया. पत्नी ने बताया कि वह पति की इन हरकतों से परेशान हो गई और 2025 में तलाक की याचिकरा दायर कर दी और पति ने मनगढ़ंत तथ्यों के आधार पर गुजारा भत्ते का आवेदन किया.

About the Author

authorimg

Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें





Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article