10.1 C
Munich

Good News: दिल्ली को मिलने जा रहा चौथा ISBT, गुरुग्राम-मानेसर को भी होगा फायदा, पढें हर डिटेल

Must read


होमफोटोमनीLatest Money

Good News: दिल्ली को मिलने जा रहा चौथा ISBT, गुरुग्राम-मानेसर को भी होगा फायदा

Last Updated:

द‍िल्‍ली को नया इंटरस्‍टेट बस टर्मिनल म‍िलने जा रहा है. यह आईएसबीटी द‍िल्‍ली के द्वारका सेक्‍टर 22 में बनने जा रहा है. इसकी जानकारी द‍िल्‍ली सरकार में मंत्री पंकज स‍िंह ने दी है. इस टर्मिनल के बनने से लाखों यात्र‍ियों को बड़ी सुव‍िधा म‍िलने जा रही है. फ‍िलहाल इसका प्‍लान तैयार क‍िया गया है और इसकी डीपीआर बननी है. आइए जानते हैं इसके बारे में व‍िस्‍तार से…

दिल्ली में परिवहन के क्षेत्र में नई और बड़ी सुविधा जुड़ने जा रही है. दिल्ली सरकार द्वारका सेक्टर-22 में नया इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) बनाने जा रही है. यह टर्मिनल कई मायनों में खास होने जा रहा है. यह सिर्फ बस स्टैंड नहीं होगा बल्कि आधुनिक मल्टी-मॉडल हब होगा.

दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री पंकज सिंह की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि यह दिल्ली का चौथा आईएसबीटी होगा जो पहले से मौजूद तीनों आईएसबीटी से बेहतर होगा और दिल्ली के ट्रांसपोर्ट को नई दिशा देगा. सरकार इसे सेल्फ-सस्टेनिंग हब बनाने की योजना बना रही है.पूरी परियोजना की लागत लगभग 4,200 करोड़ रुपये बताई गई है.

दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री पंकज सिंह की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि यह दिल्ली का चौथा आईएसबीटी होगा जो पहले से मौजूद तीनों आईएसबीटी से बेहतर होगा और दिल्ली के ट्रांसपोर्ट को नई दिशा देगा. सरकार इसे सेल्फ-सस्टेनिंग हब बनाने की योजना बना रही है.पूरी परियोजना की लागत लगभग 4,200 करोड़ रुपये बताई गई है.

सबसे खास बात इस आईएसबीटी की लोकेशन है जो बहुत शानदार है. यह ISBT द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन, बिजवासन रेलवे स्टेशन, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यशोभूमि के पास बनेगा.

सबसे खास बात इस आईएसबीटी की लोकेशन है जो बहुत शानदार है. यह ISBT द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन, बिजवासन रेलवे स्टेशन, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यशोभूमि के पास बनेगा.

Add News18 as
Preferred Source on Google

बता दें कि दिल्ली के मौजूदा तीनों ISBT (कश्मीरी गेट, आनंद विहार, सराय काले खां) क्षमता से ज्यादा बसें संभाल रहे हैं. इससे आसपास की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लगता है. नया टर्मिनल बसों को बांटकर जाम कम करेगा. द्वारका में यह नया हब बनने से वेस्ट दिल्ली का ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होगा.

बता दें कि दिल्ली के मौजूदा तीनों ISBT (कश्मीरी गेट, आनंद विहार, सराय काले खां) क्षमता से ज्यादा बसें संभाल रहे हैं. इससे आसपास की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लगता है. नया टर्मिनल बसों को बांटकर जाम कम करेगा. द्वारका में यह नया हब बनने से वेस्ट दिल्ली का ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होगा.

इसकी मुख्य सड़कों और एक्सप्रेसवे से भी सीधी कनेक्टिविटी होगी. यात्री बस, मेट्रो, ट्रेन और हवाई यात्रा को आसानी से जोड़ सकेंगे. यह ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) का बेहतरीन उदाहरण होने जा रहा है. यह सिर्फ परिवहन ही नहीं बल्कि रिहाइश के लिए भी खास होगा.

इसकी मुख्य सड़कों और एक्सप्रेसवे से भी सीधी कनेक्टिविटी होगी. यात्री बस, मेट्रो, ट्रेन और हवाई यात्रा को आसानी से जोड़ सकेंगे. यह ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) का बेहतरीन उदाहरण होने जा रहा है. यह सिर्फ परिवहन ही नहीं बल्कि रिहाइश के लिए भी खास होगा.

यह पहला ऐसा ISBT होगा जिसमें मिक्स्ड लैंड यूज होगा. करीब 60 फीसदी जगह पर हाई-डेंसिटी हाउसिंग बनेगी. ये 6-7 मंजिला आवासीय इमारतें होंगी. इनमें किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग) भी शामिल होंगे. सरकार की नई TOD पॉलिसी के अनुसार 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा छोटे फ्लैट्स (100 वर्ग मीटर से कम) का होगा. यह परिवारों के लिए अच्छा मौका.

यह पहला ऐसा ISBT होगा जिसमें मिक्स्ड लैंड यूज होगा. करीब 60 फीसदी जगह पर हाई-डेंसिटी हाउसिंग बनेगी. ये 6-7 मंजिला आवासीय इमारतें होंगी. इनमें किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग) भी शामिल होंगे. सरकार की नई TOD पॉलिसी के अनुसार 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा छोटे फ्लैट्स (100 वर्ग मीटर से कम) का होगा. यह परिवारों के लिए अच्छा मौका.

इस आईएसबीटी में कमर्शियल और पब्लिक स्पेस भी खूब होंगे. 15-20 फीसदी जगह पर दुकानें, ऑफिस और होटल जैसी सुविधाएं बनेंगी. जबकि 10% हिस्सा पब्लिक और सेमी-पब्लिक सुविधाओं के लिए रखा गया है. यहां हरे-भरे गार्डन, वॉकवे और प्लाजा भी बनाए जाएंगे. यात्री और रहने वाले दोनों को आरामदायक अनुभव मिलेगा.

इस आईएसबीटी में कमर्शियल और पब्लिक स्पेस भी खूब होंगे. 15-20 फीसदी जगह पर दुकानें, ऑफिस और होटल जैसी सुविधाएं बनेंगी. जबकि 10% हिस्सा पब्लिक और सेमी-पब्लिक सुविधाओं के लिए रखा गया है. यहां हरे-भरे गार्डन, वॉकवे और प्लाजा भी बनाए जाएंगे. यात्री और रहने वाले दोनों को आरामदायक अनुभव मिलेगा.

प्लान के अनुसार लगभग यहां 2,29,000 वर्ग मीटर में हाउसिंग सुविधाएं होंगी, 65,000 वर्ग मीटर में कमर्शियल डेवलपमेंट होगा, 27,000 वर्ग मीटर में DTC बस डिपो बनेगा, 50,000 वर्ग मीटर में पब्लिक सुविधाएं बनाई जाएंगी. बाकी जगह पर यात्री सुविधाएं, टिकटिंग और बस ऑपरेशन होगा.

प्लान के अनुसार लगभग यहां 2,29,000 वर्ग मीटर में हाउसिंग सुविधाएं होंगी, 65,000 वर्ग मीटर में कमर्शियल डेवलपमेंट होगा, 27,000 वर्ग मीटर में DTC बस डिपो बनेगा, 50,000 वर्ग मीटर में पब्लिक सुविधाएं बनाई जाएंगी. बाकी जगह पर यात्री सुविधाएं, टिकटिंग और बस ऑपरेशन होगा.

इस ISBT के बनने से दिल्ली में जाम कम होगा. यह लोगों को बाहरी राज्यों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी देगा और इससे सरकार को अच्छी आमदनी भी होगी. इसके आवासीय हिस्से से 3,700 करोड़ और कमर्शियल से 1,400 करोड़ की कमाई का अनुमान है. इसे अगले 25 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है. अभी यह प्लानिंग में है और जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार होगी.

इस ISBT के बनने से दिल्ली में जाम कम होगा. यह लोगों को बाहरी राज्यों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी देगा और इससे सरकार को अच्छी आमदनी भी होगी. इसके आवासीय हिस्से से 3,700 करोड़ और कमर्शियल से 1,400 करोड़ की कमाई का अनुमान है. इसे अगले 25 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है. अभी यह प्लानिंग में है और जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार होगी.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article