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IPL bad boys list: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग वेपिंग को लेकर बड़े विवाद में फंस गए हैं. पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में रियान को ड्रेसिंग रूम में ई सिगरेट पीते हुए देखा गया जो आईपीएल के नियमों के खिलाफ है. ऐसे में आइए जानते हैं आईपीएल के ऐसे कुछ रूल ब्रेकर प्लेयर्स के बारे में जिनका करियर तक बर्बाद हो गया.
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग वेपिंग यानी ई सिगरेट पीने को लेकर विवादों में हैं. आईपीएल मैच के दौरान किसी भी तरह का स्मोकिंग या नशा पूरी तरह से बैन है. इसे लेकर बीसीसीआई ने भी रियान पराग से जवाब तलब किया है. इस घटना के कारण रियान पराग पर बैन भी लग सकता है. आइए जानते हैं आईपीएल में ऐसी कुछ घटनाओं के बारे में जब खिलाड़ियों ने बैड बॉय बनकर नियमों की धज्जियां उड़ाई, जिसके कारण किसी का करियर बर्बाद हुआ तो किसी को बैन झेलना पड़ा.

इस लिस्ट में पहला और सबसे बड़ा विवाद हरभजन सिंह और एस श्रीसंत के बीच हुआ थप्पड़ कांड है. आईपीएल 2008 में किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के मैच के बाद ये शर्मनाक घटना हुई. मैच हारने के बाद चिढ़े हुए हरभजन सिंह ने श्रीसंत को मैदान पर ही थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद श्रीसंत रोते हुए देखे गए. इस घटना पर बीसीसीआई ने तत्काल एक्शन लेते हुए हरभजन सिंह को पूरे आईपीएल सीजन के लिए बैन कर दिया था. इसके अलावा उनकी 11 मैचों की मैच फीस भी काट ली. हालांकि, बाद में दोनों के बीच सुलह हो गया.

दूसरा मामला भी श्रीसंत ही जुड़ा है. साल 2013 में दिल्ली पुलिस ने राजस्थान रॉयल्स के श्रीसंत को बुकीज के साथ मिलकर स्पॉट फिक्सिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. आरोप था कि उन्होंने तौलिये से सिग्नल देकर बुकी के कहने पर तय रन दिए थे. इस घटना के बाद बीसीसीआई ने श्रीसंत पर आजीवन बैन लगा दिया. हालांकि, लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा कम की और बैन को 7 साल किया गया. इसका असर ये हुआ कि श्रीसंत का इंटरनेशनल करियर पूरी तरह खत्म हो गया.
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इस लिस्ट में दिग्गज रविंद्र जडेजा का भी नाम शामिल है. साल 2010 में युवा रविंद्र जडेजा पर आरोप लगा कि वह अपनी मौजूदा टीम राजस्थान रॉयल्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट को बढ़ाने के बजाय दूसरी टीमों के साथ डील के लिए सौदेबाजी कर रहे थे जो आईपीएल के प्लेयर नियमों का उल्लंघन था. इस मामले में आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने जडेजा पर एक साल का बैन लगाया था, जिसके कारण वह आईपीएल 2010 नहीं खेल पाए थे.

पूर्व क्रिकेटर टीपी सुधींद्रा भी आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग मामले में फंसे थे. साल 2012 में एक न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में डेक्कन चार्जर्स के टीपी सुधींद्रा को घरेलू मैचों और आईपीएल में फिक्सिंग के लिए पैसे मांगते हुए पकड़ा गया. स्टिंग में उन्होंने स्वीकार किया कि वह पैसों के लिए नो-बॉल फेंक सकते हैं. बीसीसीआई ने आरोपों की पुष्टि होने के बाद टीपी सुधींद्रा पर आजीवन बैन लगा दिया.

लिस्ट में अजीत चंदिला और अंकित चव्हाण का भी नाम शामिल है. ये दोनों साल 2013 के उसी स्पॉट फिक्सिंग कांड में श्रीसंत के साथ शामिल थे. राजस्थान रॉयल्स के अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को भी गिरफ्तार किया गया था. चंदीला को बुकीज और खिलाड़ियों के बीच मुख्य कड़ी माना गया था, जबकि अंकित ने कथित तौर पर एक ओवर में फिक्स रन देने की बात मानी थी. इन दोनों पर भी बीसीसीआई ने लाइफ टाइम बैन लगाया था.


