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3 ओवर में ही बैट्समैन ने जड़ दिया शतक… बदल दी क्रिकेट की परिभाषा, 95 साल से अटूट है विश्व कीर्तिमान

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नई दिल्ली. क्रिकेट के इतिहास में डॉन ब्रैडमैन का नाम केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि एक युग का प्रतीक है. उनकी बल्लेबाजी की वह औसत, जो 99.94 के जादुई आंकड़े पर आकर ठहर गई, आज भी दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक रहस्य और प्रेरणा का विषय है. लेकिन ब्रैडमैन के करियर का एक पन्ना ऐसा भी है, जिसे पढ़कर आज की टी-20 पीढ़ी भी दंग रह जाए. यह कहानी है 1931 के उस विंटर सीजन की, जब ‘द डॉन’ ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी ऐसी आक्रामकता दिखाई थी, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है.

यह साल 1931 था, जब टेस्ट क्रिकेट अपने पारंपरिक स्वरूप में खेला जाता था. आज की तरह धुआंधार छक्के या आक्रामक टी-20 शैली का दौर तब नहीं था; बल्लेबाज क्रीज पर समय बिताने और पारी संवारने में विश्वास रखते थे. लेकिन डॉन ब्रैडमैन (Don Bradman) किसी भी युग के मोहताज नहीं थे. उन्होंने न्यू साउथ वेल्स के ब्लैकहीथ के मैदान पर जो किया, वह क्रिकेट की दंतकथाओं का हिस्सा बन चुका है. उस दौर में ओवर में आठ गेंदें हुआ करती थीं, जिससे गेंदबाजों के लिए मुसीबतें दोगुनी हो जाती थीं, और ब्रैडमैन जैसे बल्लेबाज के लिए रन बनाने के अवसर भी बढ़ जाते थे.

डॉन ब्रैडमैन ने 1931 में 22 गेंदों पर शतक जड़ा था. (सांकेतिक फोटो)

ब्रैडमैन ने पहले ओवर में बनाए 33 रन
एक क्लब मैच के दौरान ब्लैकहीथ के लिए खेलते हुए ब्रैडमैन जब क्रीज पर आए, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ मिनटों में मैदान पर रनों का कैसा बवंडर आने वाला है। स्ट्राइक पर आए ब्रैडमैन ने पहले ही ओवर से अपना इरादा स्पष्ट कर दिया था. गेंद बिल ब्लैक के हाथों में थी, लेकिन ब्रैडमैन ने उन्हें किसी नौसिखिया गेंदबाज की तरह ट्रीट किया. पहली आठ गेंदों पर ब्रैडमैन ने 6, 6, 4, 2, 4, 4, 6 और 1 रन बटोरे. केवल एक ओवर में 33 रन. दर्शक मंत्रमुग्ध थे, और गेंदबाज के चेहरे पर पसीने की बूंदें चमक रही थीं.ब्रैडमैन ने आखिरी गेंद पर एक सिंगल लिया ताकि स्ट्राइक उनके पास ही बनी रहे.

बेकर के ओवर में ब्रैडमैन ने 40 रन बनाए
अगला ओवर हॉरी बेकर का था.बेकर को शायद उम्मीद रही होगी कि वे ब्रैडमैन पर अंकुश लगा पाएंगे, लेकिन हुआ ठीक उल्टा. ब्रैडमैन ने बेकर के ओवर में मानो अपनी बल्लेबाजी का सारा गुस्सा निकाल दिया. उन्होंने कुल 40 रन कूटे. छह, चार, चार, छह, छह, चार, छह और चार. यह कोई साधारण स्कोरिंग नहीं, बल्कि क्रिकेट के मैदान पर किया गया एक विध्वंसक प्रहार था. ऐसा लग रहा था कि गेंद हर बार बाउंड्री के बाहर जाने के लिए ही बनी है.

दो ओवर में 73 रन बना चुके थे ब्रैडमैन
दो ओवर बीत चुके थे, और ब्रैडमैन के नाम 73 रन दर्ज हो चुके थे। शतक अब उनके बेहद करीब था। तीसरा ओवर फिर से बिल ब्लैक को दिया गया। गेंदबाज दबाव में था, और ब्रैडमैन आत्मविश्वास से भरे हुए थे। इस ओवर में ब्रैडमैन ने 1, 6, 6, 1, 1, 4, 4, 6 रन बनाए। और इसी के साथ, महज तीन ओवरों के भीतर ब्रैडमैन ने अपना शतक पूरा कर लिया. कुल 102 रन, वो भी सिर्फ तीन ओवरों के खेल में. उस समय यह उपलब्धि किसी चमत्कार से कम नहीं थी.

ब्रैडमैन ने शतक के दौरान 22 गेंदों का किया सामना
इस पारी के दौरान ब्रैडमैन ने कुल 22 गेंदों का सामना किया था. कुल मिलाकर उस मैच में उन्होंने 256 रन बनाए, जिसमें 29 चौके और 14 छक्के शामिल थे.यह स्कोर उस दौर के हिसाब से किसी टी-20 मुकाबले से भी ज्यादा तेज थाय. आज के मॉडर्न युग में जब छह गेंदों के ओवर होते हैं, तब भी 36 रन का अधिकतम स्कोर एक बड़ी चुनौती माना जाता है. लेकिन 94 साल पहले, आठ गेंदों के ओवरों में 40 रन का एक ओवर निकालना ब्रैडमैन की उस अद्वितीय प्रतिभा का प्रमाण है, जिसे आज भी कोई नहीं तोड़ सका है.

ब्रैडमैन के बिना क्रिकेट की कहानी कभी पूरी नहीं हो सकती
डॉन ब्रैडमैन का वह शतक केवल रनों की संख्या नहीं थी, बल्कि यह साबित करने का जरिया था कि वे अपने समय से बहुत आगे थे. उनकी तकनीक, उनका संयम और उनकी आक्रामकता का जो मेल था, वह आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक दुर्लभ अनुभव है.वे आंकड़े जो 95 साल पहले ब्लैकहीथ के मैदान पर लिखे गए थे, आज भी क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में उसी चमक के साथ दर्ज हैं. सच तो यह है कि डॉन ब्रैडमैन के बिना क्रिकेट की कहानी कभी पूरी नहीं हो सकती. उन्होंने न केवल रन बनाए, बल्कि क्रिकेट को देखने का नजरिया बदल दिया.



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