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Fastest triple hundreds by minutes in test: टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक बनाना किसी तपस्या से कम नहीं, लेकिन इतिहास में दो ऐसे दिग्गज रहे जिन्होंने समय की परवाह किए बिना रनों का अंबार लगा दिया. वैली हैमंड ने 1932 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सबसे तेज तिहरे शतक का विश्व रिकॉर्ड बनाया. वहीं, डॉन ब्रैडमैन ने 1930 में 336 मिनट में लीड्स में इतिहास रचा. आज के दौर में जहां आक्रामक बल्लेबाजी का बोलबाला है, इन दिग्गजों का यह कीर्तिमान आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं है.
मिनटों के हिसाब से सबसे तेज टेस्ट में तिहरा शतक जड़ने का विश्व कीर्तिमान हैमंड के नाम है.
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में तिहरा शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. यह न केवल बल्लेबाज की तकनीक, बल्कि उनके धैर्य और शारीरिक सहनशक्ति की परीक्षा भी है.आमतौर पर, टेस्ट क्रिकेट में 300 रन बनाने के लिए बल्लेबाज पूरे दिन या उससे ज्यादा समय लेते हैं. लेकिन खेल के इतिहास में कुछ ऐसे जादुई पल आए हैं, जब बल्लेबाजों ने ‘समय’ के साथ रेस लगाई और चंद घंटों में ही तिहरा शतक ठोक दिया. यहां हम उन दो महान खिलाड़ियों की बात कर रहे हैं, जिन्होंने समय की पाबंदियों को धता बताते हुए सबसे तेज तिहरे शतक जड़कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराया.
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज तिहरे शतक का रिकॉर्ड आज भी इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज वैली हैमंड के नाम है. यह बात है 1932-33 की. स्थान था ऑकलैंड का मैदान और विपक्षी टीम थी न्यूजीलैंड. उस मैच में हैमंड जिस लय में थे, उसे देख दर्शक और विपक्षी गेंदबाज दोनों ही हक्के-बक्के रह गए थे. उन्होंने न केवल गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि क्रीज पर बिताए गए समय को भी न्यूनतम रखा. वैली हैमंड ने मात्र 288 मिनट बल्लेबाजी करते हुए अपना तिहरा शतक पूरा किया. यह अपने आप में एक ऐसा कीर्तिमान है जिसे आज भी क्रिकेट के पंडित और सांख्यिकीविद आश्चर्य से देखते हैं. उस दौर में, जब टी-20 या वनडे क्रिकेट का नामोनिशान नहीं था, तब एक बल्लेबाज का इतनी तेजी से 300 रन बनाना किसी चमत्कार से कम नहीं था. हैमंड की पारी में अटूट आत्मविश्वास और शॉट्स की विविधता साफ झलक रही थी. उन्होंने गेंद को मैदान के हर कोने में भेजा और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को सेट होने का कोई मौका ही नहीं दिया. 288 मिनट में तिहरा शतक यह रिकॉर्ड बताता है कि हैमंड केवल रुकने के लिए नहीं, बल्कि खेल को खत्म करने के लिए क्रीज पर आए थे.
मिनटों के हिसाब से सबसे तेज टेस्ट में तिहरा शतक जड़ने का विश्व कीर्तिमान हैमंड के नाम है.
डॉन ब्रैडमैन के नाम 336 मिटन में ट्रिपल सेंचुरी जड़ने का रिकॉर्ड है
वैली हैमंड (Wally Hammond) के रिकॉर्ड के करीब अगर कोई पहुंचा और जिसने अपनी बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया, तो वे थे सर डॉन ब्रैडमैन. वर्ष 1930 का लीड्स टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार मैचों में गिना जाता है. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए इस मुकाबले में ब्रैडमैन ने अपनी बल्लेबाजी का वो स्तर दिखाया जो शायद ही किसी और ने कभी देखा हो. लीड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ब्रैडमैन ने महज 336 मिनट में अपना तिहरा शतक पूरा किया. यह पारी केवल रनों के लिहाज से नहीं, बल्कि उस दबदबे के लिए जानी जाती है जो ब्रैडमैन ने अंग्रेजी गेंदबाजों पर बनाया था. उस समय इंग्लैंड की गेंदबाजी लाइनअप दुनिया की सबसे घातक मानी जाती थी, लेकिन ब्रैडमैन ने उन्हें एक स्कूली स्तर के गेंदबाज की तरह ट्रीट किया.
ब्रैडमैन की सबसे बड़ी खूबी उनका ‘कंसंट्रेशन’ था
डॉन ब्रैडमैन (Don Bradman) की सबसे बड़ी खूबी उनका ‘कंसंट्रेशन’ था. 336 मिनट तक लगातार बल्लेबाजी करना और एक भी गलती न करना, यह मानसिक दृढ़ता का उत्कृष्ट उदाहरण है. जहां हैमंड ने अपनी आक्रामकता से सुर्खियां बटोरीं, वहीं ब्रैडमैन ने अपनी तकनीक और टाइमिंग से खेल की परिभाषा ही बदल दी,. उस मैच में उनका तिहरा शतक न केवल ऑस्ट्रेलिया के लिए जीत का आधार बना, बल्कि इसने दुनिया को यह बता दिया कि टेस्ट क्रिकेट में भी ‘स्पीड’ का क्या मतलब होता है.
समय और रनों का तालमेल
इन दो पारियों पर नजर डालें तो एक बात स्पष्ट होती है कि क्रिकेट के पुराने दौर में भी विस्फोटक बल्लेबाजी की कमी नहीं थी. आज जब हम टी-20 की चर्चा करते हैं, तो अक्सर लगता है कि तेज स्कोरिंग केवल आज के दौर की देन है. लेकिन 1930 और 1932 के इन आंकड़ों को देखें तो यह स्पष्ट हो जाता है कि आक्रामकता टेस्ट क्रिकेट का हमेशा से ही अभिन्न अंग रही है. वैली हैमंड का 288 मिनट का आंकड़ा और डॉन ब्रैडमैन का 336 मिनट का सफर, यह साबित करता है कि महान खिलाड़ी जानते थे कि खेल को कब आगे बढ़ाना है. यह केवल चौके-छक्के जड़ने की बात नहीं थी. यह खेल को पढ़ने, गेंदबाजों की कमजोरी पहचानने और फिर उन पर प्रहार करने की कला थी. इन दोनों दिग्गजों ने यह दिखाया कि अगर आप सही मानसिकता के साथ क्रीज पर उतरें, तो टेस्ट क्रिकेट की धीमी गति भी एक तीव्र रोमांच में बदल सकती है.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


