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Hardik Pandya is a plastic captain: चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों मुंबई इंडियंस की 8 विकेट से करारी हार के बाद पूर्व भारतीय चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कप्तान हार्दिक पांड्या पर तीखा हमला बोला है. हार्दिक की 23 गेंदों में 18 रनों की बेहद धीमी पारी और 10 डॉट गेंदों से निराश श्रीकांत ने उन्हें ‘प्लास्टिक कप्तान’ करार दिया. उन्होंने हार्दिक की गेम अवेयरनेस और रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं. श्रीकांत के मुताबिक विपक्षी टीमें अब हार्दिक की शारीरिक कमजोरी को भांप चुकी हैं.
हार्दिक पंड्या पर बरसे पूर्व सेलेक्टर.
नई दिल्ली. हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस के लिए मौजूदा आईपीएल किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई इंडियंस को चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों 8 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी. इस हार के बाद मैदान पर सन्नाटा था, लेकिन मैदान के बाहर पूर्व भारतीय चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत के बयानों ने तूफान खड़ा कर दिया है. श्रीकांत ने मुंबई के कप्तान हार्दिक पांड्या पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें ‘प्लास्टिक कप्तान’ करार दिया और उनकी कप्तानी व बल्लेबाजी के इरादों पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
मुकाबले की बात करें तो मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजी एक समय नियंत्रण में दिख रही थी. जब हार्दिक पांड्या क्रीज पर आए, तो मुंबई इंडियंस का स्कोर 12.5 ओवर में 109 रन पर चार विकेट था. उनके साथ सेट बल्लेबाज नमन धीर मौजूद थे. लेकिन हार्दिक के आते ही टीम की रन गति पर जैसे ब्रेक लग गया. 23 गेंदों का सामना करते हुए हार्दिक ने केवल 18 रन बनाए, जिसमें मात्र दो चौके शामिल थे. हार्दिक की इस पारी के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात रही 10 डॉट गेंदें. एक ऐसा विकेट जहां सेट बल्लेबाज से तेजी से रन बनाने की उम्मीद थी, वहां हार्दिक का संघर्ष साफ दिख रहा था. 12वें ओवर से 16वें ओवर के बीच टीम का रन रेट लगातार गिरता गया. स्कोर 159/7 पर सिमट गया, जो कि इस पिच पर जीत के लिए पर्याप्त नहीं था.
हार्दिक पंड्या पर बरसे पूर्व सेलेक्टर.
श्रीकांत का ‘प्लास्टिक’ वाला प्रहार
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए, कृष्णमाचारी श्रीकांत ने हार्दिक पांड्या की तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘आंकड़ों को देखिए 23 गेंदों में 18 रन।.यह क्या है? वह एक प्लास्टिक कप्तान हैं.’ श्रीकांत के अनुसार, हार्दिक की कप्तानी में गेम अवेयरनेस (खेल की समझ) का भारी अभाव दिखता है. उन्होंने आगे कहा, ‘वह साझेदारी देखिए इरादा क्या था? हार्दिक पांड्या करने की कोशिश क्या कर रहे थे? अगर आप मिडिल ओवर्स में डॉट गेंदों की संख्या देखें, तो यह स्पष्ट है कि कोई उचित गणना या खेल की समझ नहीं थी. रन-रेट उस चरण के दौरान बहुत तेजी से गिरा.’ श्रीकांत ने डेटा का विश्लेषण करते हुए बताया कि कैसे छठे-सातवें ओवर तक रन रेट 9 के आसपास चल रहा था, लेकिन उसके बाद यह 7, 6, 5, 4 और 3 तक गिर गया. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब कप्तान खुद क्रीज पर हो और टीम संघर्ष कर रही हो, तो वहां से वापसी की रणनीति नजर आनी चाहिए थी, जो पूरी तरह नदारद थी.
सीएसके का गेम प्लान ‘बॉडीलाइन’ अटैक
श्रीकांत ने यह भी उजागर किया कि विपक्षी टीमें अब हार्दिक पांड्या की कमजोरी को समझ चुकी हैं. सीएसके के गेंदबाजों ने इस मैच में हार्दिक को कोई आसान गेंद नहीं दी. विशेष रूप से जेमी ओवरटन ने हार्दिक के शरीर को निशाना बनाया (बॉडीलाइन गेंदबाजी). श्रीकांत ने कहा, ‘टीमें अब जानती हैं कि हार्दिक को कैसे लॉक करना है. वे अब उन्हें स्लॉट में गेंद नहीं डालेंगे. वे जानते हैं कि अगर वे लेंथ पर गेंद डालेंगे, तो हार्दिक उन्हें मार देंगे, इसलिए वे वहां गेंद नहीं फेंकेंगे. टीमें अब लगातार उनके शरीर को निशाना बना रही हैं और हार्दिक इसके खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं.’
आगे क्या?
हार्दिक पांड्या का इस सीजन में 136.45 का स्ट्राइक रेट पहले से ही चर्चा का विषय रहा है. मिडिल ऑर्डर में मुंबई के पास फायरपावर की कमी साफ दिख रही है, और कप्तान का खुद फॉर्म से जूझना टीम के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है. अब मुंबई इंडियंस के लिए चुनौती और बढ़ गई है. MI को अपना अगला मुकाबला 4 मई को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेलना है.वानखेड़े की पिच बल्लेबाजी के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन हार्दिक के लिए असली चुनौती अपनी तकनीकी खामियों को सुधारने और अपनी कप्तानी पर उठ रहे सवालों के जवाब बल्ले से देने की होगी. क्या हार्दिक ‘प्लास्टिक’ वाली छवि को तोड़कर एक असली लीडर के रूप में वापसी कर पाएंगे? क्रिकेट प्रेमी और MI के प्रशंसक अब इसी सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


