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these 5 fast bowlers purple cap race: आईपीएल 2026 में तेज गेंदबाजों ने अपनी घातक गेंदबाजी से पूरे टूर्नामेंट का मिजाज बदल दिया है. पर्पल कैप की रेस में टॉप-5 में एक भी स्पिनर का न होना, इस सीजन की सबसे बड़ी कहानी है. भुवनेश्वर कुमार और अंशुल कम्बोज जैसे गेंदबाजों की रफ्तार और सटीकता के सामने बल्लेबाज घुटने टेक रहे हैं, वहीं रबाडा, आर्चर और मलिंगा भी लगातार विकेट चटकाकर दबाव बनाए हुए हैं. क्या यह सीजन पूरी तरह से ‘पेस बैटरी’ के नाम रहेगा, या स्पिनर्स वापसी करेंगे? यह जंग जारी है.
आईपीएल में छाए तेज गेंदबाज.
नई दिल्ली. आईपीएल 2026 के इस रोमांचक सीजन में जब भी क्रिकेट फैंस स्टेडियम का रुख कर रहे हैं, या टीवी स्क्रीन के सामने बैठ रहे हैं, तो एक बात बिल्कुल साफ नजर आ रही है. यह सीजन स्पिनरों की चतुराई का नहीं, बल्कि तेज गेंदबाजों की घातक रफ्तार का है. आईपीएल के इतिहास में अक्सर मिडिल ओवरों में स्पिनरों का जादू चलता था, लेकिन इस बार की पिचें और हालात कुछ अलग कहानी कह रहे हैं. पर्पल कैप की दौड़ को अगर आप देखें, तो वहां स्पिनरों का ‘अकाल’ सा पड़ गया है. टॉप 5 गेंदबाजों की सूची पर नजर डालें तो वहां सिर्फ ‘पेस बैटरी’ का दबदबा है, और यही आईपीएल 2026 की सबसे बड़ी कहानी बन गई है.
इस सीजन में पर्पल कैप की रेस किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म की पटकथा से कम नहीं है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी तेज गेंदबाज बी कुमार (भुवनेश्वर कुमार) ने जिस तरह से इस सीजन में कमान संभाली है, वह काबिले तारीफ है. नौ मैचों में 17 विकेट चटकाकर वे इस रेस में सबसे आगे खड़े हैं. उनकी इकॉनमी 7.54 की रही है, जो टी20 क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज के लिए एक बेहतरीन आंकड़ा माना जाता है. भुवनेश्वर कुमार ने साबित कर दिया है कि रफ्तार और स्विंग का मेल आज भी दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकता है.
आईपीएल में छाए तेज गेंदबाज.
युवा जोश बनाम अनुभव
भुवनेश्वर कुमार के साथ ही जो नाम इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह है चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कम्बोज. दस मैचों में 17 विकेट लेकर उन्होंने भी कुमार को कड़ी चुनौती दी है. कम्बोज की गेंदबाजी में जो आक्रामकता है, उसने सीएसके की गेंदबाजी यूनिट को एक नई ऊर्जा दी है.वे न केवल विकेट निकाल रहे हैं, बल्कि विपक्षी बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका भी नहीं दे रहे हैं. भुवी और कम्बोज के बीच पर्पल कैप के लिए चल रही यह जंग इस सीजन का सबसे बड़ा आकर्षण बन गई है.
विदेशी दिग्गजों की दहाड़
टॉप 5 की इस सूची में अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज तेज गेंदबाजों ने भी अपना जलवा बरकरार रखा है. गुजरात टाइटंस के लिए कगिसो रबाडा ने दस मैचों में 16 विकेट लिए हैं. रबाडा की उछाल और गति को खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है. वहीं, राजस्थान रॉयल्स के जोफ्रा आर्चर भी पीछे नहीं हैं. 10 मैचों में 15 विकेट चटकाकर उन्होंने यह दिखा दिया है कि लंबे समय के बाद भी उनकी गेंदबाजी में वही पुरानी धार और घातक बाउंसर मौजूद हैं. इस लिस्ट में सनराइजर्स हैदराबाद के एहसान मलिंगा का नाम भी स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो रहा है. 10 मैचों में 15 विकेट और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/32 रहा है. मलिंगा की सटीक यॉर्कर आज भी बल्लेबाजों के लिए पहेली बनी हुई है. यह देखना वाकई दिलचस्प है कि ये तीनों दिग्गज गेंदबाज अपनी गति और वेरिएशन के दम पर लगातार विकेट निकाल रहे हैं.
स्पिनर क्यों गायब हैं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस बार स्पिनर टॉप 5 की रेस से बाहर क्यों हैं? क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की पिचों पर तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त उछाल और मूवमेंट मिल रही है. इसके अलावा, बल्लेबाजों का आक्रामक रवैया स्पिनरों के खिलाफ बहुत ज्यादा हो गया है, जिससे वे अपनी लाइन और लेंथ खो रहे हैं. पावरप्ले के बाद अक्सर बल्लेबाजों को स्पिनरों पर आक्रमण करने की छूट मिल जाती है, जिसका फायदा उठाकर बल्लेबाज आसानी से रन बटोर लेते हैं. वहीं, तेज गेंदबाज डेथ ओवर्स में अपनी गति और सटीक यॉर्कर के दम पर बल्लेबाजों को बांधे रखने में सफल रहे हैं.
क्या कोई स्पिनर करेगा वापसी?
अभी टूर्नामेंट का आधा सफर बाकी है और आईपीएल के मिजाज को बदलते देर नहीं लगती. क्या कोई लेग स्पिनर या मिस्ट्री स्पिनर इस सूची में सेंध लगा पाएगा? या फिर भुवनेश्वर कुमार और अंशुल कम्बोज की यह ‘पेस तिकड़ी’ (रबाडा, आर्चर और मलिंगा के साथ) सीजन के अंत तक अपनी बादशाहत बरकरार रखेगी? फिलहाल, पर्पल कैप का यह मुकाबला पूरी तरह से तेज गेंदबाजों के नाम रहा है. प्रशंसकों के लिए यह रोमांचक है क्योंकि हर गेंद पर एक नई चुनौती है. यह सीजन हमें याद दिला रहा है कि टी20 क्रिकेट में रन चाहे कितने भी क्यों न बनें, लेकिन एक सटीक यॉर्कर या घातक बाउंसर से विकेट उखाड़ने का जो आनंद है, वह कुछ और ही है. आईपीएल अभी अपने चरम पर है और पर्पल कैप की यह लड़ाई आगे जाकर और भी दिलचस्प होने वाली है. क्या आपकी पसंद का गेंदबाज इस रेस में जीत पाएगा? यह आने वाले मैचों में साफ हो जाएगा.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


