18.9 C
Munich

इंडिया-पाकिस्तान खेल संबंधों पर पर स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री का बड़ा फैसला, बाइलेटरल सीरीज पर रोक रहेगी कायम लेकिन…

Must read


होमखेलक्रिकेट

इंडिया-पाकिस्तान खेल संबंधों पर पर स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री का बड़ा फैसला

Last Updated:

IND-PAK New Sports Policy: खेल मंत्रालय ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल संबंधों पर रोक बरकरार रखने का निर्णय लिया है. हालांकि, बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी बनी रहेगी. भारत को वैश्विक खेल स्थल बनाने और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों तथा 2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी के लिए, मंत्रालय ने वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाने की घोषणा की है. इस दौरान, युवा मामले और खेल मंत्रालय ने अपना दफ्तर शास्त्री भवन से हटाकर नेताजी नगर के नए परिसर में स्थानांतरित कर लिया है.

Zoom

भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों पर नई नीति जारी की है.

नई दिल्ली.  खेल मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल संबंधों पर जो रोक पिछले साल लगाई गई थी, वह आगे भी जारी रहेगी. लेकिन पाकिस्तान के खिलाड़ी कई देशों के टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ सकते हैं. मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों, तकनीकी स्टाफ और अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के अधिकारियों के लिए वीजा प्रक्रिया आसान बनाई जाएगी ताकि भारत को एक पसंदीदा खेल स्थल के रूप में स्थापित किया जा सके.

मंत्रालय ने सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों, भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण समेत अन्य संस्थाओं को सर्कुलर में कहा कि भारतीय टीमें पाकिस्तान में होने वाली द्विपक्षीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेंगी और न ही पाकिस्तानी टीमों को भारत में खेलने दिया जाएगा. लेकिन अंतरराष्ट्रीय और बहु-राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में, चाहे वे भारत में हों या विदेश में, भारत अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं की गाइडलाइन और अपने खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखेगा. इसके मुताबिक, भारतीय टीमें और खिलाड़ी उन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे जिनमें पाकिस्तान की टीमें या खिलाड़ी भी होंगे.

भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों पर नई नीति जारी की है.

इसी तरह, पाकिस्तानी खिलाड़ी और टीमें भारत द्वारा आयोजित बहुपक्षीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगी. यह नीति सबसे पहले पिछले साल अगस्त में घोषित की गई थी, जब यूएई में हुए क्रिकेट एशिया कप में भारत के भाग लेने को लेकर विवाद हुआ था. उस समय मंत्रालय ने कहा था कि बहुपक्षीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में कोई रुकावट नहीं डाली जाएगी जब तक मेजबान देश पाकिस्तान न हो.

यह नीति साफ करती है कि 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने का इच्छुक भारत ओलंपिक चार्टर और उसकी समावेशिता की भावना का पालन करेगा ताकि वह वैश्विक प्रतियोगिताओं का अच्छा मेजबान बन सके. मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भारत को पसंदीदा जगह बनाने के लिए खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों, तकनीकी स्टाफ और अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के अधिकारियों के लिए वीजा प्रक्रिया आसान की जाएगी.

मंत्रालय ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के अधिकारियों को उनके कार्यकाल के लिए प्राथमिकता के आधार पर बहु-प्रवेश वीजा दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा पांच साल होगी. इस बीच युवा मामले और खेल मंत्रालय ने अपना दफ्तर शास्त्री भवन से हटाकर नेताजी नगर के नए परिसर में शिफ्ट कर लिया है.

About the Author

authorimg

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article