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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live: 70KM की रफ्तार से तूफान और ओलों का अटैक, UP-बिहार में ठनका का अलर्ट; IMD की बड़ी चेतावनी

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Today Weather Live: मई के महीने में गर्मी अपने चरम पर होती है. हर तरफ आसमान से आग बरस रही होती है. लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी, लू और तपती हवाओं का डर सताने लगता है. लेकिन इस बार मौसम ने अलग ही करवट ले ली है. कहीं 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल रही हैं, तो कहीं ओलों की मार किसानों की चिंता बढ़ा रही है. उत्तर प्रदेश और बिहार में ठनका यानी आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं. अच्छी बात यह है कि भीषण गर्मी और लू पर फिलहाल ब्रेक लगा हुआ है. लेकिन राहत के साथ खतरा भी जुड़ा है. तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाएं अचानक नुकसान पहुंचा सकती हैं. यही वजह है कि मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों को राहत भी दे रहा है और डर भी पैदा कर रहा है.

मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिन देशभर में मौसम काफी एक्टिव रहेगा. पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर जरूर हो रहा है, लेकिन इसका प्रभाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. वहीं पूर्वोत्तर भारत में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी से मौसम सुहावना बना हुआ है जबकि दक्षिण भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो चुकी हैं. तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी है. कुल मिलाकर देश का मौसम इस समय एक साथ कई रंग दिखा रहा है.
IMD के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण तेज गरज-चमक वाले बादल बन रहे हैं. (फाइल फोटो PTI)
  • पिछले कई दिनों से चल रही मौसमी गतिविधियों के कारण तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. जिन राज्यों में कुछ दिन पहले तक लू चल रही थी, वहां अब बादल और बारिश राहत लेकर आए हैं. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत स्थायी नहीं है और 9 मई के बाद कई इलाकों में पारा फिर चढ़ सकता है.
  • IMD के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की संयुक्त गतिविधियों ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है. उत्तर भारत में जहां धूलभरी आंधियां और बिजली गिरने का खतरा है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई देगा. किसानों को खास सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

दिल्ली-NCR में बादलों की आवाजाही और राहत भरी हवा

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मौसम का मिजाज बदला हुआ बना रहेगा. गुरुवार को आंशिक बादल छाए रह सकते हैं. अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. हालांकि तेज बारिश की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन शाम के समय ठंडी हवाएं लोगों को राहत देंगी. मौसम विभाग ने बताया कि 6 और 7 मई को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. इससे गर्मी और लू से राहत बनी रहेगी. एयर क्वालिटी इंडेक्स में भी सुधार देखा गया है.

यूपी में आंधी, ओले और ठनका का खतरा

उत्तर प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम काफी सक्रिय रहेगा. पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक आंधी-पानी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, नोएडा, आगरा और कानपुर समेत कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी है. मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है. तापमान में गिरावट के कारण गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा चिंता बढ़ा सकता है.

बिहार में ठनका और भारी बारिश की चेतावनी

बिहार में पिछले तीन दिनों से मौसम लगातार बदला हुआ है. कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई है. IMD ने 15 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. किशनगंज, सुपौल, अररिया और खगड़िया समेत कई इलाकों में अगले 48 घंटे तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है. ठनका गिरने की आशंका को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है.

राजस्थान में बारिश के बाद फिर बढ़ेगी गर्मी

राजस्थान में पिछले कुछ दिनों की बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है. जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन-चार दिनों में बारिश की गतिविधियां कम होंगी और तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान में धीरे-धीरे गर्मी फिर असर दिखाने लगेगी.

पंजाब-हरियाणा में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट

पंजाब के कई जिलों में गुरुवार को 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला समेत कई हिस्सों में बारिश और ओले गिरने की संभावना है. मौसम विभाग ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है. हरियाणा में भी कमोबेश ऐसा ही मौसम बना रहेगा. गुरुग्राम, फरीदाबाद, जींद और कैथल में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इससे दिन के तापमान में कमी आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.

पहाड़ों पर बारिश और ठंड का एहसास

  • उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से मौसम बेहद सुहावना बना हुआ है. देहरादून, नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर और उत्तरकाशी समेत कई जिलों में अगले 48 घंटे तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो रही है, जिससे ठंड का एहसास बढ़ गया है. केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के आसपास ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कई जगहों पर भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा भी बना हुआ है. लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है. मैदानी इलाकों में भी सुबह-शाम ठंडी हवाएं चलने से लोगों को मई की गर्मी से राहत मिली है.
  • हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम लगातार खराब बना हुआ है. मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर समेत कई जिलों में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. कई ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि होने से सेब और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है. कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. लगातार बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट आई है और लोगों को फिर से हल्की ठंड महसूस होने लगी है. पर्यटक स्थलों पर मौसम खुशनुमा हो गया है, लेकिन खराब मौसम के कारण पहाड़ी रास्तों पर फिसलन भी बढ़ गई है.
  • जम्मू-कश्मीर में पिछले कई दिनों से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है. श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग समेत घाटी के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं. ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी से तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने 11 और 12 मई को एक और मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना जताई है. इसके असर से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है. कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है. लगातार ठंडे मौसम के कारण घाटी में सुबह और रात के समय सर्दी का एहसास बढ़ गया है.
फिलहाल 10 मई तक कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है. (PTI)

मध्य प्रदेश में गर्मी और बादलों का मिला-जुला असर

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है. दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर सकती है, जबकि शाम के समय बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 48 घंटों तक प्रदेश में ऐसा ही मौसम बना रहेगा. कुछ जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आएगी. हालांकि बुंदेलखंड और मालवा क्षेत्र में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा. कई शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है. बदलते मौसम के कारण लोग गर्मी और राहत दोनों का अनुभव कर रहे हैं.

गुजरात में तेज धूप और तटीय इलाकों में नमी

गुजरात में एक बार फिर गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा और गांधीनगर में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है. दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं. वहीं सूरत, भावनगर और तटीय इलाकों में समुद्री हवाओं के कारण नमी बढ़ेगी, जिससे उमस का असर ज्यादा महसूस होगा. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है. कुछ तटीय क्षेत्रों में हल्के बादल भी दिखाई दे सकते हैं, लेकिन फिलहाल बारिश की संभावना बहुत कम है.

महाराष्ट्र में उमस और हल्की बारिश की संभावना

महाराष्ट्र में मौसम अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रंग दिखा रहा है. मुंबई, ठाणे और कोंकण क्षेत्र में उमस लोगों को परेशान कर सकती है, जबकि पुणे और नासिक में मौसम थोड़ा राहत भरा रहने की संभावना है. विदर्भ क्षेत्र, खासकर नागपुर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. हालांकि शाम के समय कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार समुद्री हवाओं के कारण मुंबई में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है. बदलते मौसम के बीच लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ रहा है.

पूर्वोत्तर राज्यों में 70KM की रफ्तार से तूफान

पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिन मौसम बेहद खराब रहने वाला है. अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय और सिक्किम में भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की आशंका जताई गई है. प्रशासन ने लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है. मौसम की इस गतिविधि से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को हीटवेव से राहत मिली है.

दक्षिण भारत में प्री-मानसून एक्टिव, भारी बारिश का दौर

तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से एक्टिव हो चुकी हैं. साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो रही है. चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम समेत कई शहरों में मौसम सुहावना बना हुआ है. तटीय इलाकों में तेज समुद्री हवाएं चलने की संभावना है, जिससे मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने कुछ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया है. लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत में हीटवेव का असर लगभग खत्म हो गया है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है.

यूपी और बिहार में ठनका का अलर्ट क्यों जारी हुआ है?

IMD के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण तेज गरज-चमक वाले बादल बन रहे हैं. इससे आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बढ़ गया है. बिहार और पूर्वी यूपी में नमी ज्यादा होने के कारण ठनका की घटनाएं ज्यादा हो सकती हैं.

क्या गर्मी से राहत लंबे समय तक रहेगी?

फिलहाल 10 मई तक कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है. लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि इसके बाद पश्चिमी और मध्य भारत में फिर तापमान बढ़ सकता है और गर्मी दोबारा असर दिखाएगी.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है?

पूर्वोत्तर राज्यों, बिहार, यूपी और पहाड़ी इलाकों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. यहां तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है.

किसानों के लिए मौसम कितना चुनौतीपूर्ण है?

बारिश और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है. खासकर सब्जियों की खेती प्रभावित हो सकती है. मौसम विभाग ने किसानों को फसल सुरक्षित रखने और खुले में कटाई से बचने की सलाह दी है.

क्या प्री-मानसून गतिविधियां मानसून का संकेत हैं?

दक्षिण भारत में प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं. इसका मतलब यह नहीं कि मानसून तुरंत आ जाएगा, लेकिन यह संकेत जरूर है कि मौसम तेजी से बदल रहा है.



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