10.1 C
Munich

होर्मुज में चला भारत की कूटनीति का जादू, लड़ते रह गए अमेरिका और ईरान, IRGC ने चकनाचूर किया ट्रंप का घमंड

Must read


होमताजा खबरदेश

होर्मुज में चला भारत की कूटनीति का जादू, लड़ते रह गए अमेरिका और ईरान

Last Updated:

होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए डरावना गेम चल रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी एकदम जारी की है. ट्रंप ने कहा कि रास्ता नहीं खुला तो भारी बमबारी होगी. अमेरिका इस रास्ते पर अपनी ताकत दिखाना चाहता है. ट्रंप ने समझौते के लिए कुछ समय तक रोक हटा ली है. इस डरावने एक्शन से पूरे मिडिल ईस्ट में भारी दहशत मच गई है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

ईरान ने होर्मुज में अमेरिका और इजरायल को मात दे दी. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को बताया कि ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत के चलते अब तक 11 भारतीय जहाज होर्मुज की खाड़ी से निकल चुके हैं. नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में आगे प्रगति हो रही है और मंत्रालय लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है.

उन्होंने कहा, “हमें प्रगति दिख रही है और इसी प्रगति, कूटनीतिक बातचीत और ईरान के साथ संवाद के चलते अब तक 11 भारतीय जहाज होर्मुज की खाड़ी से बाहर निकल चुके हैं. अभी 13 जहाज फारस की खाड़ी में मौजूद हैं. हम ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं, ताकि बाकी जहाज भी सुरक्षित रूप से होर्मुज की खाड़ी पार करके भारत आ सकें, जो उनका अंतिम गंतव्य है.”

खबरों के मुताबिक, होर्मुज की खाड़ी अब फिर से खुलने की ओर बढ़ रही है. बुधवार को अमेरिका और ईरान की ओर से ऐसे संकेत मिले कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर लगी रोक हटाई जा सकती है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार की शाम को कहा था कि वह कुछ समय के लिए रोक हटाकर देखना चाहते हैं कि ईरान के साथ कोई समझौता हो सकता है या नहीं. इसके बाद ईरान के सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को कहा कि वह अब जहाजों को इस रास्ते से गुजरने देगा.

उसने दावा किया कि अमेरिका की धमकियों को ‘बेअसर’ कर दिया गया है. ट्रंप ने बुधवार की सुबह चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर रोक नहीं हटाई तो वह फिर से और भी ज्यादा ताकत के साथ बमबारी शुरू कर सकते हैं. ईरान ने यह रास्ता उस समय बंद कर दिया था जब 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने उसके खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था. यह वही रास्ता है जिससे दुनिया का करीब 20 प्रत‍िशत तेल और गैस गुजरता है. इसके बाद अमेरिका ने 13 अप्रैल को ईरानी बंदरगाहों पर अपनी ओर से भी रोक लगा दी थी, जब दोनों देशों के बीच बातचीत अचानक टूट गई थी.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article