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महराजगंज का भेड़िहारी दर्जनिया मगरमच्छ संरक्षण केंद्र, गंडक नदी और घने जंगलों के बीच रोमांचक इको टूरिज्म का बना अनोखा ठिकाना

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Maharajganj news: नेपाल के पहाड़ों से निकलकर आने वाली गंडक नदी इसकी खूबसूरती में और भी वृद्धि करती है. इंडो नेपाल बॉर्डर के नजदीक का यह क्षेत्र नेपाल से आने वाली नदियों, घने जंगलों और वन्यजीवों से भरपूर है जो बहुत ही खास दिखता है. इस क्षेत्र में एक बड़ी संख्या में मगरमच्छों की मौजूदगी ने इस क्षेत्र को लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना दिया है. दर्जनिया मगरमच्छ संरक्षण केंद्र के आसपास के क्षेत्र में भी मगरमच्छ देखने को मिलते हैं.

महराजगंज: जिले के निचलौल क्षेत्र में मौजूद ऐसा ही एक क्षेत्र है जो पर्यटन के दृष्टिकोण से बहुत ही समृद्ध है. निचलौल क्षेत्र में स्थित भेड़िहारी, गेड़हवा और बैठवलिया गांव की भौगोलिक स्थिति इतनी समृद्ध है कि यहां पर आने वाला हर व्यक्ति इसके आकर्षण में खो जाता है. महराजगंज जिले का यह क्षेत्र मगरमच्छों की वजह से भी अपनी एक अलग पहचान बनाता है. भेड़िहारी में दर्जनिया मगरमच्छ संरक्षण केंद्र है जहां सैकड़ो की संख्या में मगरमच्छों का संरक्षण किया जाता है. यह जिले के सबसे बड़े पर्यटन स्थलों में से एक है.

घने जंगलों और वन्यजीवों से भरपूर है यह क्षेत्र

नेपाल के पहाड़ों से निकलकर आने वाली गंडक नदी इसकी खूबसूरती में और भी वृद्धि करती है. इंडो नेपाल बॉर्डर के नजदीक का यह क्षेत्र नेपाल से आने वाली नदियों, घने जंगलों और वन्यजीवों से भरपूर है जो बहुत ही खास दिखता है. इस क्षेत्र में एक बड़ी संख्या में मगरमच्छों की मौजूदगी ने इस क्षेत्र को लोगों के बीच चर्चा का विषय भी बना दिया है. दर्जनिया मगरमच्छ संरक्षण केंद्र के आसपास के क्षेत्र में भी मगरमच्छ देखने को मिलते हैं.

नदी की सुंदरता वन्यजीवों की संख्या और प्रकृति की खूबसूरती इस क्षेत्र को अन्य दूसरे जगह की तुलना में बेहद खास बनाती है. इस क्षेत्र में समय-समय पर मगरमच्छ और घड़ियाल दिखाई देते हैं. खासकर नदी के किनारे धूप संकेते हुए मगरमच्छ और घड़ियालों को देखा जा सकता है. इन गांवों के आसपास की खूबसूरती और प्राकृतिक माहौल को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं. इसके आसपास का प्राकृतिक वातावरण और वन क्षेत्र इसे वन्य जीवों के लिए बहुत ही सुरक्षित स्थान बनाते हैं.

पर्यटकों को यहां मिलता है रोमांच का अनुभव

महराजगंज जिले के इस क्षेत्र में जंगलों और जल स्रोतों को खूब समृद्धता है. इसके साथ ही इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मगरमच्छ और घड़ियाल कोई नई बात नहीं रह गए हैं इसके पीछे की वजह यह है कि वर्षों से इनकी मौजूद भी यहां पर है और इसी माहौल में वह बड़े हुए हैं इसलिए उनके लिए यह एक सामान्य सी बात है. इस क्षेत्र में दर्जनिया मगरमच्छ संरक्षण केंद्र इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से एक मजबूत आधार देते हैं. प्रकृति और वन्य जीवन में इंटरेस्ट रखने वाले पर्यटकों के लिए यह क्षेत्र एक बड़े आकर्षण का केंद्र है जहां नदी जंगल और वन्यजीवों का अनोखा संगम देखने को मिलता है. इसके साथ ही यह पर्यटकों के लिए एक बड़े रोमांच का अनुभव देता है.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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