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राहुल द्रविड़ ने कहा कि पिछले कुछ सालों में बल्लेबाजी में जो बदलाव आए हैं, उसे देखते हुए गेंदबाजों को भी अपने खेल में सुधार करना होगा. उन्होंने बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि अब वे मैदान के हर हिस्से में चौके-छक्के लगा रहे हैं
राहुल द्रविड़ ने कहा कि टी-20 में पिच पर थोड़ा गेंदबाजों के लिए मदद जरूरी
नई दिल्ली. lतकनीकी रूप से भारत के सबसे सक्षम बल्लेबाजों में से एक भारत के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ ने कहा कि टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी का तरीका काफी बदल गया है और गेंदबाजों को इसके साथ तालमेल बैठाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी. द्रविड़ के कोच रहते भारत ने 2024 में दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीता था. उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी और टॉप टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने पावरप्ले में बल्लेबाजी का तरीका पूरी तरह बदल दिया है.
द्रविड़ अभी डबलिन में हैं, जहां उन्हें यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग की डबलिन टीम का मालिक बनाया गया है. राहुल द्रविड़ ने कहा कि पिछले कुछ सालों में बल्लेबाजी में जो बदलाव आए हैं, उसे देखते हुए गेंदबाजों को भी अपने खेल में सुधार करना होगा. उन्होंने बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि अब वे मैदान के हर हिस्से में चौके-छक्के लगा रहे हैं.
गेंदबाजों को बल्लेबाजों के स्किल को मैच करना होगा
द्रविड़ ने कहा कि बल्लेबाजी की स्किल, छक्के मारने की ताकत और अलग-अलग जगह शॉट लगाने की क्षमता में काफी सुधार हुआ है. आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स को कोचिंग दे चुके द्रविड़ ने कहा कि गेंदबाजों को लगातार अपने हुनर पर काम करना होगा. उन्हें भरोसा है कि कुछ गेंदबाज अपनी पहचान बना पाएंगे. हालांकि द्रविड़ ने माना कि बल्लेबाजों ने टी20 की जरूरतों के हिसाब से खुद को गेंदबाजों से बेहतर ढाल लिया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल बल्लेबाज गेंदबाजों से आगे हैं, लेकिन अगले दो-तीन साल में हालात बदल सकते हैं.
टी-20 में पिच थोड़ा बॉलिंग फ्रेंडली बने
द्रविड़ ने कहा कि आज के टेस्ट क्रिकेट में लगभग हर मैच का नतीजा निकलता है और कई मैचों में गेंदबाजों का दबदबा दिखा है. टेस्ट मैच की अवधि कम हुई है, जिससे गेंदबाजों का रोल बढ़ा है. अब देखना होगा कि क्या गेंदबाज टी20 में भी ऐसा कर पाएंगे. फ्लैट पिच पर गेंदबाजों के लिए सफलता पाना मुश्किल है, इस पर द्रविड़ ने कहा कि गेंदबाजों को थोड़ी मदद चाहिए और इसके लिए विकेट को थोड़ा चुनौतीपूर्ण बनाना होगा. सीमा रेखा बढ़ाना संभव नहीं है. जब पूछा गया कि क्या हर ओवर में दो बाउंसर देना सही रहेगा, तो द्रविड़ ने कहा कि कोई भी ऐसा नियम जिससे गेंदबाजों को मदद मिले, अच्छा रहेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले कुछ साल में गेंदबाज बेहतर प्रदर्शन करेंगे और ज्यादा स्विंग भी देखने को मिलेगी. द्रविड़ ने कहा कि खेल का संतुलन जरूरी है, न तो बल्लेबाजों के पक्ष में और न ही गेंदबाजों के पक्ष में.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


