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‘आने वाले दिनों में और भी बुरा होने वाला है देश का हाल’, पीएम मोदी की 7 अपीलों पर अरविंद केजरीवाल का पलटवार

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से जो सात कठोर कदम उठाने की अपील की है, वह अर्थव्यवस्था के डूबने का संकेत है. केजरीवाल का आरोप है कि केंद्र सरकार देश की असली आर्थिक स्थिति को छिपा रही है. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री की अपील से यह साफ हो गया है कि देश की हालत बहुत खराब है. केजरीवाल का दावा है कि आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. केजरीवाल का आरोप है कि आजादी के बाद देश ने कई युद्ध और मंदी देखी, लेकिन किसी भी प्रधानमंत्री ने जनता पर ऐसे प्रतिबंध नहीं लगाए. केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि सरकार को लोगों से सोना न खरीदने और विदेश यात्रा न करने जैसी अपील करनी पड़ रही है? उन्होंने इसे मिडिल क्लास की जेब पर हमला बताया है.

क्या मिडिल क्लास को ही देनी होगी सारी कुर्बानी?

केजरीवाल का दावा है कि प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए सातों कदम सिर्फ मध्यम वर्ग को प्रभावित करने वाले हैं. केजरीवाल का आरोप है कि सरकार चाहती है कि आम आदमी विदेश न जाए, सोना न खरीदे और पेट्रोल-डीजल की बचत करे. उन्होंने पूछा कि आखिर सारी कुर्बानी मिडिल क्लास ही क्यों दे? केजरीवाल का दावा है कि सरकार ने अपने मंत्रियों, अफसरों और बड़े उद्योगपतियों के खर्चों में किसी भी तरह की कटौती का ऐलान नहीं किया है.

केजरीवाल का आरोप है कि प्रधानमंत्री के ‘दोस्त’ और बड़े खरबपति अब भी विलासिता का जीवन जी रहे हैं. उनका कहना है कि अगर देश संकट में है, तो सबसे पहले सरकार और सत्ता में बैठे लोगों को अपने खर्चे कम करने चाहिए. केजरीवाल का दावा है कि सिर्फ मिडिल क्लास को टारगेट करना अन्यायपूर्ण है.

ईरान-अमेरिका युद्ध और भारत की स्थिति पर केजरीवाल का आरोप

दुनिया भर में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का असर हर देश पर पड़ रहा है. केजरीवाल का दावा है कि पूरी दुनिया इस युद्ध से प्रभावित है, लेकिन किसी अन्य देश ने अपने नागरिकों पर ऐसे कठोर नियम नहीं थोपे हैं. केजरीवाल का आरोप है कि केंद्र सरकार युद्ध का बहाना बनाकर अपनी आर्थिक नाकामियों को छिपाना चाहती है.

उन्होंने सवाल किया कि जब अन्य पड़ोसी देशों ने अपने नागरिकों से ऐसी अपील नहीं की, तो भारत को इसकी जरूरत क्यों पड़ी? केजरीवाल का दावा है कि सरकार को डर है कि विदेशी मुद्रा भंडार पूरी तरह खत्म हो सकता है. इसी वजह से विदेशी उत्पाद और तेल की खपत कम करने का दबाव बनाया जा रहा है.

क्या देश की अर्थव्यवस्था वाकई बड़े संकट में है?

अरविंद केजरीवाल का दावा है कि देश में इस समय ‘अफवाहों का बाजार’ गर्म है. केजरीवाल का आरोप है कि सरकार की चुप्पी की वजह से लोगों के मन में डर बैठ गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वह देश के सामने आकर सच बताएं. केजरीवाल का दावा है कि जब तक डेटा सार्वजनिक नहीं होगा, तब तक निवेशकों और आम जनता का भरोसा नहीं लौटेगा.

केजरीवाल का आरोप है कि सरकार को यह बताना चाहिए कि अगले एक साल में अर्थव्यवस्था की क्या स्थिति होने वाली है. उन्होंने कहा कि देशवासी देशभक्त हैं और हर तरह की कठिनाई सहने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें अंधेरे में नहीं रखा जाना चाहिए.



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