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ह‍िंडन एयरपोर्ट-मेट्रो ने लगा द‍िए पंख, अब प्रॉपर्टी में उड़ान भर रहा गाज‍ियाबाद-द‍िल्‍ली के बीच का ये इलाका

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Trans Hindon Property: गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली से सटे इलाकों का रियल एस्टेट बाजार एक नए बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुका है. एक ओर हिंडन सिविल एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ वैशाली से गोकुलपुरी तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर ने इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और निवेश संभावनाओं को नई ऊंचाई दे दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में यह इलाका दिल्ली-एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित होने वाले रियल एस्टेट हब के रूप में उभर सकता है.

हिंडन एयरपोर्ट को वर्ष 2019 में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ‘उड़ान’ के तहत शुरू किया गया था. शुरुआत में यहां से सीमित उड़ानें संचालित होती थीं, लेकिन अब बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता, गोवा, चेन्नई और पटना जैसे शहरों के लिए उड़ानों का दायरा बढ़ा है. एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज हुई है, जिससे भविष्य में यहां बड़े टर्मिनल, बेहतर पार्किंग और यात्री सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ माना जा रहा है.

रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी शहर में एयर कनेक्टिविटी सीधे तौर पर प्रॉपर्टी बाजार को प्रभावित करती है. हिंडन एयरपोर्ट के विस्तार का सबसे अधिक लाभ इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा, सिद्धार्थ विहार, राजनगर एक्सटेंशन, मोहन नगर और हिंडन रिवर बेल्ट के आसपास के क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है. यहां पहले से मौजूद सड़क नेटवर्क और दिल्ली से नजदीकी इन इलाकों को निवेश के लिहाज से और आकर्षक बना रही है.

इसी के साथ वैशाली से गोकुलपुरी तक प्रस्तावित मेट्रो विस्तार परियोजना ने पूर्वी दिल्ली और ट्रांस हिंडन क्षेत्र को नई गति दी है. यह कॉरिडोर गाजियाबाद के लाखों लोगों को सीधे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ेगा. वर्तमान में वैशाली मेट्रो स्टेशन पर भारी यात्री दबाव रहता है, लेकिन नया कॉरिडोर बनने से आवागमन अधिक सुगम होगा और लोगों का सफर समय भी कम होगा.

विशेषज्ञों का कहना है कि मेट्रो और एयरपोर्ट जैसी दो बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का एक साथ प्रभाव किसी भी शहर के रियल एस्टेट बाजार को तेज रफ्तार दे सकता है. खासकर उन इलाकों में जहां पहले से आबादी, स्कूल, अस्पताल और कमर्शियल गतिविधियां मौजूद हों. गाजियाबाद का ट्रांस हिंडन क्षेत्र इसी श्रेणी में आता है.

सिद्धार्थ विहार, जो पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है, अब निवेशकों और एंड यूजर्स दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है. यहां से हिंडन एयरपोर्ट, नोएडा और दिल्ली तक बेहतर पहुंच मिलती है. वहीं राजनगर एक्सटेंशन और मोहन नगर क्षेत्र में भी नए आवासीय और मिश्रित उपयोग वाले प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है.

रियल एस्टेट कंसल्टेंट्स का मानना है कि एयरपोर्ट विस्तार और मेट्रो परियोजना के कारण आने वाले समय में इन इलाकों में किराये और संपत्ति मूल्यों में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल सकती है. विशेष रूप से नौकरीपेशा वर्ग और छोटे व्यवसायियों के लिए यह क्षेत्र अब बेहतर विकल्प बन रहा है क्योंकि यहां दिल्ली की तुलना में अपेाकृत किफायती कीमतों पर आधुनिक आवास उपलब्ध हैं.

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का असर केवल आवासीय बाजार तक सीमित नहीं रहेगा. एयरपोर्ट और मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर होने से होटल, रिटेल, ऑफिस स्पेस और वेयरहाउसिंग सेक्टर में भी निवेश बढ़ने की संभावना है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी.

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आने वाले वर्षों में सड़क चौड़ीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग, फ्लाईओवर और सार्वजनिक सुविधाओं पर भी समान गति से काम होता रहा, तो गाजियाबाद का यह हिस्सा एनसीआर के सबसे संतुलित और मजबूत रियल एस्टेट कॉरिडोर के रूप में विकसित हो सकता है.

एसकेए के डायरेक्टर संजय शर्मा कहते हैं, “इंफ्रास्ट्रक्चर विकास हमेशा रियल एस्टेट ग्रोथ का सबसे बड़ा ट्रिगर होता है और गाजियाबाद इस समय उसी चरण से गुजर रहा है. हिंडन एयरपोर्ट ने इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर की कनेक्टिविटी दी है, जबकि वैशाली–गोकुलपुरी मेट्रो विस्तार परियोजना स्थानीय आवागमन को और आसान बनाएगी. इसका सीधा असर आवासीय मांग, किराये और कमर्शियल गतिविधियों पर देखने को मिलेगा. सिद्धार्थ विहार, मोहन नगर और हिंडन रिवर बेल्ट जैसे क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में डेवलपमेंट तेज हुआ है और अब बेहतर कनेक्टिविटी इन इलाकों को और प्रतिस्पर्धी बनाएगी. खासकर नौकरीपेशा वर्ग और युवा खरीदारों के लिए यह क्षेत्र तेजी से आकर्षक विकल्प बन रहा है.”

वहीं मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी की मानें तो दिल्ली-एनसीआर में अब खरीदार केवल घर नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी और जीवनशैली तलाश रहे हैं. हिंडन एयरपोर्ट का विस्तार और नई मेट्रो कनेक्टिविटी गाजियाबाद को इसी दिशा में मजबूत बना रही है. खासतौर पर वे इलाके जो दिल्ली के करीब हैं और जहां अपेक्षाकृत किफायती कीमतों पर आधुनिक आवास उपलब्ध हैं, वहां आने वाले समय में मांग तेजी से बढ़ सकती है.’

अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल कहते हैं क‍ि हिंडन सिविल एयरपोर्ट और वैशाली–गोकुलपुरी मेट्रो कॉरिडोर जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं गाजियाबाद के रियल एस्टेट बाजार को दीर्घकालिक मजबूती देने वाली साबित हो सकती हैं. ट्रांस हिंडन क्षेत्र में पहले से अच्छी आबादी, स्कूल, अस्पताल और कमर्शियल एक्टिविटी मौजूद है, ऐसे में यह विकास केवल आवासीय बाजार तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि रिटेल, ऑफिस स्पेस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भी गति देगा.

जबक‍ि सिक्का ग्रुप के चेयरमैन हरविंदर सिंह सिक्का कहते हैं, ‘गाजियाबाद का रियल एस्टेट बाजार अब केवल एक किफायती विकल्प नहीं रह गया, बल्कि यह तेजी से एक संगठित और भविष्य उन्मुख शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है. हिंडन एयरपोर्ट और मेट्रो विस्तार जैसी परियोजनाएं इस बदलाव को नई दिशा देंगी. अगर सड़क नेटवर्क, फ्लाईओवर और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास इसी गति से जारी रहता है, तो गाजियाबाद का ट्रांस हिंडन क्षेत्र आने वाले समय में एनसीआर के सबसे मजबूत रियल एस्टेट निवेश गंतव्यों में शामिल हो सकता है.’



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