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मई का आधा महीना बीतते ही किसान धान की नर्सरी की तैयारी में जुट जाते हैं. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर नर्सरी डालने से पहले खेत की सही जुताई, समतलीकरण और बीज उपचार किया जाए तो धान की पैदावार बढ़ाने के साथ पौधों को रोगों से भी बचाया जा सकता है.
सुल्तानपुर. मई का आधा महिना बीतने वाला है, ऐसे में किसान अब धान की नर्सरी भी डालने वाले हैं. अगर आप भी चाहते हैं कि आपका खेतों में धान की पैदावार अच्छी हो और किसी प्रकार का रोग आदि न लगे तो आज हम आपको बताने वाले हैं कुछ ऐसे आसान से टिप्स जिनको आप धान की नर्सरी डालने से पहले अपने खेतों में प्रयोग कर सकते हैं. जिससे न सिर्फ पैदावार में बढ़ोत्तरी होगी, बल्कि इससे धान में पौधों में लगने वाले रोगों से भी छुटकारा मिल सकेगा. कृषि विज्ञान केंद्र सुल्तानपुर में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर सी के त्रिपाठी बताते हैं कि धान की अच्छी नर्सरी के लिए सबसे पहले ऐसे खेत का चयन करें जहां पानी रुकने और निकालने की उचित व्यवस्था हो. उस खेत का चयन करें जिसकी मिट्टी उपजाऊ और भुरभुरी हो ताकि बीज आसानी से अंकुरित हो सके. नर्सरी वाले खेत को मेन खेत के पास रखें जिससे पौधों को रोपाई के समय ले जाने में आसानी होती है.
खेत की करें जुताई
किसान माता प्रसाद लोकल 18 से बताते हैं कि धान की नर्सरी डालने से पहले खेत की 2 से 3 बार अच्छी तरह जुताई कर लेनी चाहिए. पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से और बाद की जुताई देशी हल या फिर रोटावेटर से करना चाहिए. इसके बाद खेत में पानी भरकर पडलिंग कर लें जिससे मिट्टी मुलायम हो जाए. इसके साथ ही खेत को समतल कर लें क्योंकि ऊंची-नीची जमीन होने पर कहीं पानी ज्यादा तो कहीं कम रहेगा, जिससे पौधे बराबर विकसित नहीं हो पाएंगे. अगर आप छोटी-छोटी क्यारियां बनाकर नर्सरी तैयार करते हैं तो यही सबसे अच्छा तरीका माना जाता है.
बुवाई के समय बरतें सावधानी
कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर सी के त्रिपाठी बताते हैं कि धान की नर्सरी में जब भी डालें तो उसमें हमेशा प्रमाणित और स्वस्थ बीज का ही उपयोग करना चाहिए. बुवाई से पहले बीज को नमक घोल से साफ कर लेना चाहिए और फफूंदनाशक दवा से उपचार जरूर कर लें. इससे बीज में होने वाले रोगों से बचाव होता है. इसके साथ ही बीज को 24 घंटे पानी में भिगोकर रखने के बाद अंकुरित करके बोना चाहिए. ध्यान रखें कि बीज बहुत घना न बोएं, वरना पौधे कमजोर हो सकते हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें


