Today Weather Live: देश का मौसम इस वक्त बिल्कुल दो चेहरों वाला हो गया है. एक तरफ राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और यूपी के कई इलाके आग की भट्टी की तरह तप रहे हैं. दूसरी तरफ बिहार, बंगाल, झारखंड और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में आंधी, तूफान और मूसलाधार बारिश ने डर का माहौल बना दिया है. अब अरब सागर में बन रहा नया साइक्लोनिक सिस्टम मौसम की तस्वीर को और ज्यादा खतरनाक बना सकता है. मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने साफ संकेत दिए हैं कि दक्षिण-मध्य अरब सागर में 21 मई के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने जा रहा है. इसके बाद 22 मई तक लो प्रेशर एरिया और फिर डिप्रेशन बनने की आशंका है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सिस्टम सोमालिया-यमन की तरफ बढ़ सकता है. लेकिन इसका असर भारत के मानसून और मौसम दोनों पर पड़ेगा. यही वजह है कि अब देशभर के 17 राज्यों के लिए आंधी, बवंडर, बिजली और भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है.
बिहार में मौसम अचानक करवट ले सकता है.
- IMD ने 20 मई के लिए जारी अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि देश के पूर्वी और तटीय हिस्सों में मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. बिहार, झारखंड और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में तेज बवंडर, बिजली गिरने और भारी बारिश का खतरा है. वहीं ओडिशा और आंध्र प्रदेश में धूलभरी आंधी लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले 48 घंटे काफी संवेदनशील रहने वाले हैं और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
- अरब सागर में बनने वाला सिस्टम फिलहाल भारतीय तट की ओर नहीं बढ़ रहा, लेकिन इसका असर समुद्री हवाओं और मानसून की दिशा पर साफ दिखाई देगा. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. अरब सागर, मन्नार की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है.
दिल्ली-NCR में लू का हमला, बारिश की उम्मीद नहीं
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी तेजी से खतरनाक रूप ले रही है. मौसम विभाग के मुताबिक राजधानी में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है. कई इलाकों में लू चल रही है और लोगों का दिन में घर से निकलना मुश्किल हो गया है. बारिश की फिलहाल कोई संभावना नहीं है. हालांकि पिछले दिनों हुई हल्की आंधी और बूंदाबांदी के कारण प्रदूषण में थोड़ी राहत मिली है. AQI मध्यम श्रेणी में बना हुआ है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है.
यूपी में हीटवेव का कहर, बाद में राहत के संकेत
उत्तर प्रदेश में गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है. बुंदेलखंड और पूर्वांचल के कई जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है. बांदा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जबकि लखनऊ में भी पारा 41 डिग्री के पार है. मौसम विभाग का कहना है कि 22 मई के बाद कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है और हल्की बारिश से राहत मिल सकती है. लेकिन फिलहाल अगले तीन दिन भीषण गर्मी वाले रहने वाले हैं.
बिहार में थंडरस्क्वाॉल और बिजली गिरने का खतरा
बिहार में मौसम अचानक करवट ले सकता है. IMD ने पटना, गया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, दरभंगा, समस्तीपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है. 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. साथ ही बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है.
झारखंड में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब बना रह सकता है. गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक 20 से 25 मई के बीच कई जिलों में अचानक तेज आंधी आ सकती है.
राजस्थान में आग उगलता मौसम, रात में भी लू
मध्यप्रदेश में गर्मी और बारिश दोनों का असर
झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब बना रह सकता है.
पंजाब हरियाणा में तपिश से हाल-बेहाल
- पंजाब में तापमान लगातार बढ़ रहा है. अमृतसर, पटियाला, लुधियाना और बठिंडा में लोगों को तेज गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग ने 25 मई तक हीटवेव अलर्ट जारी किया है. खेतों में काम करने वाले किसानों को दोपहर में सावधानी बरतने को कहा गया है.
- हरियाणा में भी गर्मी विकराल रूप ले चुकी है. गुरुग्राम, फरीदाबाद, सिरसा और नारनौल में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच गया है. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले दो दिन राहत की कोई उम्मीद नहीं है. लू और गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ाएंगी.
उत्तराखंड में पहाड़ों पर बारिश, मैदानों में गर्मी
उत्तराखंड में मौसम दो हिस्सों में बंटा हुआ नजर आ रहा है. देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में गर्मी बढ़ रही है. वहीं चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
हिमाचल में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो रहा है. शिमला, कुल्लू, चंबा और किन्नौर में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. हालांकि ऊना और बिलासपुर जैसे मैदानी इलाकों में गर्मी का असर बना रहेगा.
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का दौर
असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और त्रिपुरा में अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना है. साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण कई इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मौसम विभाग ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
दक्षिण भारत में मानसून से पहले तूफानी हलचल
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार में मौसम तेजी से बदल रहा है. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण कई हिस्सों में तेज बारिश और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की एंट्री से पहले यह प्री-मानसून एक्टिविटी काफी तेज रहने वाली है.
अरब सागर में बनने वाला सिस्टम कितना खतरनाक है?
फिलहाल यह सिस्टम भारत के तट से दूर रहने की संभावना है, लेकिन इसका असर मानसून और मौसम के पैटर्न पर पड़ेगा. इससे समुद्री हवाएं तेज होंगी और कई राज्यों में आंधी-बारिश बढ़ सकती है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा थंडरस्क्वाॉल का खतरा है?
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा खतरा है. यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं.
क्या मानसून में देरी हो सकती है?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर में बनने वाले सिस्टम मानसून की प्रगति को प्रभावित कर सकते हैं. इससे केरल में मानसून की एंट्री की गति थोड़ी धीमी पड़ सकती है.
दिल्ली और यूपी में राहत कब मिलेगी?
फिलहाल अगले 3 से 4 दिन तक भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना है. इसके बाद हल्के बादल और बूंदाबांदी से कुछ राहत मिल सकती है.
मछुआरों को क्या चेतावनी दी गई है?
मौसम विभाग ने अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है. तेज हवाओं और ऊंची लहरों का खतरा बना हुआ है.


