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सहारनपुर के 25 वर्षीय अमनजीत सिंह ने छोटी हाइट और लोगों के तानों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. कभी डिप्रेशन से जूझने वाले अमनजीत अब पावरलिफ्टिंग में नेशनल खेलने की तैयारी कर रहे हैं. 47 किलो भार वर्ग में वह अपने वजन से लगभग तीन गुना ज्यादा भार उठाकर भारत के लिए मेडल जीतने का सपना देख रहे हैं.
सहारनपुर. शारीरिक चुनौतियां भले ही कितनी क्यों ना हो, लेकिन अगर कुछ कर गुजरने का जुनून और हौसला हो तो उसके आगे सभी चुनौती बौनी साबित होती है. ऐसा ही कुछ करने निकल पड़े हैं अमनजीत, जिन्होंने अपनी छोटी हाइट की वजह से अपने सपनों को चकनाचूर होते देखा, लोगों ने भी बहुत चिढ़ाया लेकिन जब समझ आया कि अब किस्मत पर नहीं बल्कि अपने आप कुछ कर गुजरने की बारी है. तब उन्होंने पावरलिफ्टिंग को ज्वाइन किया. अमनजीत पिछले 2 महीने से पावरलिफ्टिंग की तैयारी कर रहे हैं उनका सपना है कि जब उन्ही के जैसे और लोग भी भारत के लिए मेडल ला सकते हैं तो वह क्यों नहीं. अमनजीत के पिता यूपी पुलिस में SI है और अमनजीत का भी सपना था कि वह भी एक अच्छा सिपाही बने. लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ा होता चला गया और उसको महसूस हुआ कि वह औरों जैसा नहीं है और उसकी हाइट काफी कम है, तब उसको बेहद निराशा हाथ लगी. उसने खाना, पीना और लोगों से बात करना भी बंद कर दिया. अमनजीत घर में चार भाई बहनों में सबसे बड़ा है पिताजी के बाद सारी जिम्मेदारी अमनजीत के ऊपर ही आनी है. अमनजीत ने कई एग्जाम भी दिए वहां पर भी किस्मत ने साथ नहीं दिया. अब हार कर अमनजीत ने पावरलिफ्टिंग को चुना और वह दिन रात मेहनत कर पावरलिफ्टिंग में अपनी किस्मत को आजमा रहा है. अमनजीत पावरलिफ्टिंग में 47 किलोग्राम भार वर्ग में नेशनल खेलने की तैयारी में है जिसमें वह अपने भार से लगभग तीन गुना अधिक भार उठा लेता है. नेशनल में उसको लगभग 130kg का लक्ष्य चाहिए और उसी के लिए वह दिन-रात एक कर रहा है. अमनजीत ने अपने हौसले को टूटने नहीं दिया और आज दूसरों के कहने से उसकी कोई फर्क नहीं पड़ता. वह सिर्फ अपने लक्ष्य को टारगेट कर रहा है और उसको उम्मीद है कि वह इस बार जरुर सफल होगा.
हाइट छोटी पर लंबी उड़ान को तैयार सहारनपुर का अमनजीत सिंह
अमनजीत सिंह ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि मेरी उम्र 25 साल है जबकि मेरी हाइट 4.3 है. मेरी हाइट छोटी होने के कारण मैं बचपन से ही काफी चीजों को फेस करता आ रहा हूं. लोग हंसते भी थे चिड़ावाते भी थे कोई बेना कहता था कोई छोटू कहता था कोई कुछ कहता था उसे समय इतना मुझे ज्यादा कुछ मालूम नहीं था लेकिन जैसे-जैसे मैं बड़ा होता चला गया तब मुझे मालूम हुआ कि यह लोग मुझे ऐसा क्यों बोलते हैं. फिर मुझे थोड़ी चीड़ होने लगी फिर धीरे-धीरे मुझे आदत हो गई और आज जो कोई कुछ कहता है तो मुझे फर्क नहीं पड़ता. जब मैं धीरे-धीरे बड़ा हुआ और मुझे पता चला कि मेरी हाइट छोटी है और मैं दूसरों के जैसा नहीं हूं तब मैं बहुत ज्यादा उदास और डिप्रेशन में आ गया था. मैं किसी से ज्यादा बोलता भी नहीं था लगभग 1 साल तक सही से खाना, पीना, सोना कुछ नहीं हो पता था और फिर जब मैंने देखा कि लोग मुझसे भी छोटे हैं और मेरे जैसे हैं जब वह कुछ कर सकते हैं तो मैं भी कर सकता हूं. मैं इससे पहले IAS की तैयारी कर रहा था लेकिन बहुत ज्यादा टफ है और उसको मैं नहीं कर पाया. मैंने बैंक का पेपर भी क्वालिफाइड किया था लेकिन उसके सेकंड पेपर में मैं बाहर हो गया. मेरे पापा पुलिस में है और मैं भी सोचता था कि मैं भी पुलिस में ही जाऊं लेकिन हाइट छोटी होने की वजह से वह सपना मेरा पूरा नहीं हो पाया. दो-तीन महीने पहले मैंने पैरा ओलंपिक की कुछ वीडियो देखी थी उसमें मेरी ही कैटिगरी और मेरी ही तरह के लोग खेल रहे थे तो मैंने सोचा जब वह कर सकते हैं तो मैं भी कर सकता हूं. फिर मैंने कुछ समय पहले पावरलिफ्टिंग को स्टार्ट किया. पहले मुझे इंडिया के लिए खेलना है और फिर ओलंपिक में खेल कर भारत के लिए मेडल लाना है फिलहाल 110 किलो वेट उठा लेता हूं.
पावरलिफ्टिंग में नेशनल की तैयारी कर रहा अमनजीत सिंह
पावरलिफ्टिंग ट्रेनर सन्नी ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि मेरे पास एक बच्चा आया है जिसका नाम अमरजीत है और मैं उसको पावरलिफ्टिंग की तैयारी करा रहा हूं. अभी उसको कराते हुए 2 महीने ही हुए हैं और उसका परफॉर्मेंस बहुत अच्छा है. कभी उसकी नेशनल लेवल की क्वालिफाइड चल रही है और स्टेट में वह बिल्कुल पक्का मेडल देगा. अभी वह 47 कैटेगरी में खेलेगा जबकि स्टेट की क्वालीफाई वह अचीव कर चुका है और नेशनल की उसकी तैयारी है जिसमें 130 kg की स्ट्रेंथ उसको चाहिए ही चाहिए.
ऐसे व्यक्तियों में कुछ करने का होता है जुनून
दीपक शर्मा फिटनेस कोच ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि अमरजीत सिंह जुनून को देखते ही वह हमारे पास आया. इन लोगों के अंदर कुछ कर गुजरने की चाह होती है. ओलंपिक में ऐसे ही हमारे खिलाड़ी देश के लिए मेडल ला रहे हैं तो इसने भी सोचा क्यों ना कुछ ऐसा किया जाए जिससे देश का भी नाम रोशन हो और परिवार का भी. मैं इसको प्रतिदिन फिटनेस की कोचिंग देता हूं और हमें उम्मीद है कि यह है जल्द ही एक बड़े स्तर पर जाएगा.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें


