नई दिल्ली. आईपीएल 2026 का सीजन अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है. टूर्नामेंट की तीन मजबूत टीमें- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (18 अंक), गुजरात टाइटंस (16 अंक) और सनराइजर्स हैदराबाद (16 अंक) शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेऑफ का टिकट पक्का कर चुकी हैं. दूसरी तरफ, मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स का सफर इस साल खत्म हो चुका है और वे आधिकारिक तौर पर बाहर हो चुकी हैं. अब प्लेऑफ का सिर्फ एक आखिरी स्लॉट बचा है, लेकिन दावेदार एक या दो नहीं, बल्कि पूरी 5 टीमें हैं. पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच चौथे स्थान के लिए करो या मरो की जंग छिड़ चुकी है. आइए पॉइंट्स टेबल को देखते हुए सभी टीमों के समीकरण जानते हैं.
पंजाब किंग्स- 13 अंक (नेट रन रेट: +0.227)
पंजाब किंग्स इस समय 13 अंकों के साथ चौथे स्थान पर काबिज है और इस रेस में सबसे आगे दिख रही है. पंजाब का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उनका नेट रन रेट (+0.227) इस रेस में शामिल अन्य सभी टीमों से बेहतर है. पंजाब का आखिरी लीग मैच 23 मई को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ है. अगर पंजाब यह मैच जीत जाती है, तो उसके 15 अंक हो जाएंगे और टीम का प्लेऑफ में पहुंचना लगभग तय हो जाएगा. हालांकि, उसे उम्मीद करनी होगी कि अन्य टीमें 14 अंक तक ही सीमित रहे. अगर कोई टीम 15 अंक तक पहुंचती है तो उसका नेट रन रेट कम हो.
राजस्थान रॉयल्स- 12 अंक(नेट रन रेट: +0.027)
राजस्थान रॉयल्स अभी 12 मैचों में 12 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है. पंजाब के बाद राजस्थान भी ऐसी टीम है जिसके पास 14 से अधिक अंक हासिल करने का मौका है, क्योंकि उनके दो मैच अभी बाकी हैं. राजस्थान को प्लेऑफ में सुरक्षित पहुंचने के लिए अपने दोनों बचे हुए मैच जीतने होंगे, जिससे वे 16 अंकों तक पहुंच सकते हैं. ऐसा हुआ तो राजस्थान प्लेऑफ का टिकट पक्का कर लेगी. हालांकि, अगर वे दो में से सिर्फ एक मैच जीतते हैं, तो वे 14 अंकों पर रुक जाएंगे. इसके लिए उन्हें उम्मीद करनी होगी कि बाकी टीमें 14 से आगे न बढ़ें और फिर मामला नेट रन रेट पर आ जाएगा. उनका मौजूदा रन रेट (+0.027) ठीक-ठाक है, लेकिन बेहतर स्थिति के लिए उन्हें बड़ी जीत की दरकार होगी.
चेन्नई सुपर किंग्स- 12 अंक (नेट रन रेट: -0.016)
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मिली हार ने चेन्नई सुपर किंग्स की राह को बेहद पेचीदा बना दिया है. 13 मैचों में 12 अंकों के साथ सीएसके छठे स्थान पर है और अब वे अपनी किस्मत के भरोसे नहीं हैं. रुतुराज गायकवाड़ की सेना को 21 मई को गुजरात टाइटंस के खिलाफ अपना आखिरी मैच हर हाल में बड़े अंतर से जीतना होगा, ताकि वे 14 अंकों तक पहुंच सकें और माइनस में चल रहे नेट रन रेट (-0.016) को सुधार सकें. इसके बाद सीएसके को दुआ करनी होगी कि पंजाब और दिल्ली अपना आखिरी मैच हार जाए, केकेआर अपना एक मैच हार जाए और राजस्थान भी अपने दोनों मैच हार जाए.
दिल्ली कैपिटल्स- 12 अंक (नेट रन रेट: -0.871)
दिल्ली कैपिटल्स के भी 13 मैचों में 12 अंक हैं, लेकिन उनका बेहद खराब नेट रन रेट (-0.871) उनके लिए सबसे बड़ा रोड़ा बन चुका है. दिल्ली को अपना आखिरी मैच तो जीतना ही होगा, जिससे वे 14 अंक तक पहुंच सकें. लेकिन सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, उन्हें काफी बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी ताकि रन रेट सुधर सके. साथ ही उन्हें पंजाब, राजस्थान और चेन्नई की हार पर निर्भर रहना होगा. कुल मिलाकर दिल्ली के लिए राह सबसे कठिन है.
कोलकाता नाइट राइडर्स- 11 अंक (नेट रन रेट: -0.038)
केकेआर भले ही 11 अंकों के साथ आठवें स्थान पर दिख रही हो, लेकिन उनके दो मैच बाकी होने के कारण वे अभी भी पूरी तरह रेस में बने हुए हैं. केकेआर को प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपने दोनों बचे हुए मैच जीतने होंगे. दो जीत के साथ वे 15 अंकों तक पहुंच सकते हैं. उनका एक मैच बेनतीजा रहा था, इसलिए अगर वे दोनों मैच जीतते हैं तो पंजाब के हारने और राजस्थान के एक मैच गंवाने की स्थिति में वे सीधे क्वालीफाई कर जाएंगे.
किसका पलड़ा है भारी?
मौजूदा पॉइंट्स टेबल और मैचों को देखें तो पंजाब किंग्स (PBKS) का पलड़ा सबसे भारी है, क्योंकि उन्हें सिर्फ अपना आखिरी मैच जीतना है. वहीं राजस्थान रॉयल्स के पास भी दो मैच होने के कारण अच्छा मौका है. चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता को अपनी जीत के साथ-साथ चमत्कारों और दूसरी टीमों के नतीजों की जरूरत है.


