Last Updated:
6 साल के बाद दिल्ली मेडिकल काउंसिल का चुनाव होने जा रहा है. 31 मई को होने वाले इलेक्शन में डीएमसी के 8 पदों पर 60 डॉक्टर मैदान में ताल ठोक रहे हैं. इनमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड के बाद राष्ट्रव्यापी आंदोलन को लीड करने वाले डॉ. रोहन कृष्णन ने भी नामांकन भरा है. उन्होंने कहा कि इस बार भ्रष्टाचार रोकने और डॉक्टरों की समस्याएं उठाने का वादा है.
डीएमसी चुनाव 31 मई को होने जा रहे हैं.
DMC Election: दिल्ली मेडिकल काउंसिल चुनाव 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो गई हैं. आखिरकार 6 साल के बाद 31 मई को डीएमसी का चुनाव होना है. जिसके लिए पूरी दिल्ली के डॉक्टर जुटे हुए हैं. काउंसिल के आठ सदस्य पदों के लिए अभी तक 60 रजिस्टर्ड प्रेक्टिशनर्स डॉक्टरों ने नामांकन दाखिल किया है.
दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) के 31 मई को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 30 अप्रैल को खत्म हो चुकी है. जबकि नामांकन पत्रों की जांच 4 मई को सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगी. ऐसे में 8 मई को शाम 4 बजे तक प्रत्याशी अपने नाम वापस ले सकते हैं. उसके बाद 8 मई को ही शाम 5 बजे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी.
डीएमसी पदों के लिए वोटिंग 31 मई को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक दिल्ली मेडिकल काउंसिल के शास्त्री पार्क स्थित ऑफिस में होगी. उसी दिन शाम को 6 बजे से मतगणना के बाद विजेता का नाम घोषित कर दिया जाएगा.
डीएमसी गवर्निंग बॉडी सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के चीफ पैट्रन डॉ. रोहन कृष्णन ने बताया कि डीएमसी इलेक्शन 2025 में ही होने थे लेकिन इस बार 6 साल बाद यह चुनाव हो रहा है. दिल्ली में डॉक्टरों की बढ़ती समस्याओं की आवाज बनने के लिए वे चुनाव मैदान में उतरे हैं.
बता दें कि रोहन कृष्णन वही डॉक्टर हैं, जिसने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में रेप मामले को नेशनल लेवल का आंदोलन बना दिया था. रोहन ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन को लीड किया था और पीड़िता के लिए न्याय की आवाज बुलंद की थी. इसके अलावा भी रोहन पहले कई बार डॉक्टरों के मुद्दों को राष्ट्र स्तर पर उठा चुके हैं.
दिल्ली के 6 बड़े अस्पताल दे रहे समर्थन
डॉक्टरों के राष्ट्रीय संगठन फेमा के स्थाई अध्यक्ष डॉ. मनीष जांगड़ा ने बताया कि डॉक्टर रोहन कृष्णन को इस बार ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली, सफदरजंग अस्पताल, आरएमएल, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, ईएसआई अस्पताल, आर्मी अस्पताल और कई बड़े अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों से समर्थन प्राप्त है.
क्या करेंगे बड़ा काम
डॉ. रोहन कृष्णन ने कहा, ‘डीएमसी में पिछले कई सालों से कई अनियमितताएं थीं, भ्रष्टाचार भी है, यही वजह रही कि चुनाव तय समय पर नहीं हुए और एक साल लेट हो गए, लेकिन डीएमसी में आने के बाद हम सबसे पहला काम भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का करेंगे. डॉक्टरों की समस्याओं को सबसे पहले सुना जाएगा और मरीज और डॉक्टरों के बीच में सेतु का काम किया जाएगा ताकि बेहतर पेशेंट केयर का उदाहरण बना जा सके.
About the Author

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें


