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पाकिस्तान क्रिकेट टीम के महान ऑलराउंडर इमरान खान जिन्होंने देश के लिए बतौर कप्तान 1992 का आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप जीता. इसके बाद राजनीति में कदम रखा और अपना पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ बनाई. 2018 में उनकी पार्टी ने बंपर जीत दर्ज की और इमरान पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री बने.
पाकिस्तान को आईसीसी वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कप्तान इमरान खान बने थे देश के प्रधानमंत्री
क्रिकेट खेलने वाले हर एक खिलाड़ी का सपना होता है कि वो अपने देश की तरफ से इंटरनेशनल मैच खेले. इसके साथ चाहत आईसीसी वर्ल्ड कप में खेलने की भी होती है. एक दिन अपनी टीम का कप्तान बनकर आईसीसी ट्रॉफी जीतने का सपना कुछ ही खिलाड़ी अब तक पूरा कर पाए हैं. विश्व कप जीतने वाले ऐसे सिर्फ एक ही कप्तान हुए हैं जिनके बतौर राजनेता कामयाबी मिली और वो देश के प्रधानमंत्री बने. हम बात कर रहे हैं पाकिस्तान के पूर्व वर्ल्ड चैंपियन कप्तान इमरान खान की.
इमरान खान ने अपनी जिंदगी में वो सब हासिल किया जो किसी के लिए भी सपना होता है. एक ऐसी राजनीतिक उपलब्धि जो उस व्यक्ति के लिए शिखर पर ले जाए. जिसने अपनी पहचान एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक खेल के हीरो के रूप में बनाई थी. दुनिया के सबसे मशहूर क्रिकेटरों में से एक के रूप में अपने खेल करियर को खत्म करने के बाद उन्होंने राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई.
इमरान खान का क्रिकेट करियर
इमरान खान का जन्म अक्टूबर 1952 में लाहौर, पाकिस्तान में हुआ था. उन्होंने अपनी पढ़ाई लाहौर के निजी एचिसन स्कूल से शुरू की और बाद में रॉयल ग्रामर स्कूल, वूस्टर में पढ़ाई की. खान को दुनिया के महानतम ऑलराउंडर में गिना जाता है. अपने शानदार करियर में उन्होंने 88 टेस्ट मैच खेले और 3807 रन बनाए. उन्होंने 1992 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद क्रिकेट से संन्यास लिया. पाकिस्तान के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक बन गए.
इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कैसे बने?
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद खान ने राजनीति पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया. 1996 में उन्होंने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई. यह केंद्र-वाम पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) और रूढ़िवादी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (PML) के विरोध में थी. 2007 में खान ने पाकिस्तान में आपातकाल के विरोध में भूख हड़ताल की. यह उस समय हुआ जब उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई के तहत जेल में डाल दिया गया था.
PTI ने दो दशकों में तेजी से विकास किया और अब पाकिस्तान की प्रमुख राजनीतिक ताकतों में से एक है. 2013 के चुनाव में इसने PPP को पीछे छोड़ते हुए पंजाब और सिंध प्रांतों में आधिकारिक विपक्षी पार्टी का दर्जा हासिल किया. 2018 के चुनाव में खान की पार्टी का मुकाबला सत्तारूढ़ PML से हुआ. इसके पूर्व नेता नवाज शरीफ को 2017 में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते प्रधानमंत्री पद से हटाया गया और बाद में जेल भेज दिया गया.
2013 के चुनावों में इमरान खान की पार्टी पीटीआई वोटों के हिसाब से दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी और सीटों के हिसाब से तीसरे स्थान पर रही. मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में खान की पीटीआई ने कई मुद्दों को उठाते हुए जनता को संगठित किया. इसमें सबसे प्रमुख आजादी मार्च था. 2018 तक खान ने जनता का पर्याप्त विश्वास हासिल कर लिया था और उस साल के आम चुनावों में पीटीआई ने 270 में से 116 सीटें जीती थीं. अगस्त 2018 में उनकी पार्टी ने चुनाव में जीत हासिल की और 22वें प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला. उनको अप्रैल 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर काम करने का मौका मिला. 2022 में क्रिकेटर से राजनेता बने नेता विपक्ष द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव में हार गए, जिसे नेशनल असेंबली में कुल 174 वोट मिले.
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विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें


