Last Updated:
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के मुकाबलों के आगे के शेड्यूल में बदलाव किए जाने की मांग चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल की तरफ से की गई है. उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख को इसे लेकर पत्र भी लिखा है. उनका कहना है कि ईंधन की बचत के लिए टीमों को कम यात्रा करना चाहिए और मैच बिना दर्शकों के कराया जाए.
आईपीएल के बचे मुकाबलों को बिना दर्शक कराने की मांग
नई दिल्ली. 28 मार्च से शुरू हुए इंडियन प्रीमियर लीग IPL में अब तक टीमों ने हवाई रास्ते से और सड़क मार्ग से करीब लाखों किलोमीटर तय कर लिए होंगे. टीमों के शेड्यूल के मुताबिक अलग-अलग शहरों में उनके मैच रखे गए हैं. मौजूदा परिस्थितियों में यह हवाई यात्राएं भारत सरकार पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं. सरकारी विभाग, राजनेता, अधिकारी, सामान्य नागरिक, प्रधानमंत्री मोदी जी की सलाह पर फिजूलखर्ची से बचने की कोशिश कर रहे हैं. इस मुश्किल वक्त में सिर्फ IPL ही ऐसा आयोजन है जो फिलहाल किसी भी संकट से अछूता नजर आ रहा है,
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने आज इस मुद्दे पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया को एक पत्र लिखा है. मांग की है कि हवाई यात्रा में कटौती करते हुए आईपीएल के बचे हुए मैचों के लिए नया शेड्यूल जारी किया जाए. सीमित मैदानों के वेन्यू पर बिना दर्शकों के IPL के बाकी मैच कराए जाएं,
कोरोना काल में भी आयोजकों ने सीमित संख्या के मैदानों पर IPL का सफल आयोजन कराया था.
इसके अलावा आईपीएल के बाकी मैच बिना दर्शकों के भी हो सकते हैं.
50000 के लगभग दर्शक आते हैं जिससे कि हजारों लीटर पेट्रोल डीजल खर्च होता है. CTI के मुताबिक आईपीएल टीमों के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले चार्टर्ड विमान जैसे बोईंग 737 या एअरबस A 320 औसतन लगभग 2400 से 3000 लीटर प्रति घंटा ईंधन खर्च करते हैं. इस हिसाब से यदि फ्लाइट लगभग 2 घंटे उड़ती है तो अनुमानित खपत करीब 5000 से 6000 लीटर एवियशन फ्यूल ATF होती है. अगर विमान थोड़ा बड़ा हो या लंबी दूरी के लिए ज्यादा वजन लेकर उड़ रहा हो तो यह आंकड़ा 7000 से 8000 लीटर तक भी जा सकता है.
अब ईंधन के इस खर्च को टीमों के करीब 10 हवाई यात्रा से गुना कर दिया जाए तो कह सकते हैं कि हर टीम करीब 50000 से 70000 लीटर एवियशन फ्यूल खर्च कर रही है. CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि समय की मांग है कि IPL के बचे हुए मैचों का शेड्यूल दुबारा से बनाते हुए सीमित मैदानों पर बचे हुए मैचों को कराया जाए और बिना दर्शकों के मैच आयोजित हों. इससे लाखों लीटर ईंधन, पेट्रोल डीजल बचेगा और देश पर बोझ कम पड़ेगा
About the Author

हिंदुस्तान टाइम्स में इंटर्नशिप के साथ पत्रकारिता की शुरुआत करने वाली रचना 2015 में Network 18 से जुड़ीं. फिलहाल News 18 टीवी चैनल में सीनियर कॉरस्पॉडेंट के तौर पर काम कर रही हैं. मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों…और पढ़ें


