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आईपीएल 2026 अब तक के इतिहास का सबसे विस्फोटक सीजन बन चुका है.आज मुंबई की यह जीत इस सीजन का 5वां ऐसा मुकाबला था, जहाँ 200 से ज्यादा का स्कोर सफलतापूर्वक चेज़ किया गया. यह अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड की तरह है क्योंकि इससे पहले किसी भी एक सीजन में इतने बड़े लक्ष्य इतनी बार हासिल नहीं किए गए.
IPL 2026 में 15 बार हो चुका है 200+ रन चेज, टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ
नई दिल्ली. महीना बदला, मैदान बदला, यहां तक की मौसम भी बदल गया बस आईपीएल सीजन 2026 में नहीं बदल रहा है तो गेंदबाजों का 22 गज की पट्टी पर लगातार मानमर्दन. रायपुर में खेले गए दोनों मुकाबलों को छोड़ दे तो लगभग हर मैदान पर 200+ रन बन रहे है और चेज भी हो रहे है. अब मुल्लापुर से पंजाब की टीम धर्मशाला पहुंची पर गेंदबाजों के लिए हालात जस के तस रहे. इस बात से इंकार नहीं है कि गेंदबाजी की क्वालिटी गिरी है पर गेंदबाजी डिपार्टमेंट करे भी तो क्या करें.
आईपीएल 2026 अब तक के इतिहास का सबसे विस्फोटक सीजन बन चुका है.आज मुंबई की यह जीत इस सीजन का 5वां ऐसा मुकाबला था, जहाँ 200 से ज्यादा का स्कोर सफलतापूर्वक चेज़ किया गया. यह अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड की तरह है क्योंकि इससे पहले किसी भी एक सीजन में इतने बड़े लक्ष्य इतनी बार हासिल नहीं किए गए.11 मई तक ही 14 बार ऐसा हो चुका था और आज मुंबई ने इस फेहरिस्त में एक और पन्ना जोड़ दिया है. मुंबई इंडियंस ने इस सीजन में तीसरी बार 200 प्लस का स्कोर चेज़ करके अपनी ‘चेज़ मास्टर’ वाली छवि को और मजबूत कर लिया है.
पंचिंग बैग बने बॉलर्स
आईपीएल सीजन 19 में अब टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना ही समझदारी लगता है, क्योंकि ओस और इम्पैक्ट प्लेयर नियम ने स्कोरबोर्ड के दबाव को लगभग खत्म ही कर दिया है. आईपीएल 2026 का यह सीजन ‘रन चेज़’ के मामले में इतिहास रच रहा है. 11 मई 2026 तक इस सीजन में कुल 14 बार 200 से अधिक रनों का सफलतापूर्वक पीछा किया जा चुका था. 14 मई को मुंबई की यह जीत इस जादुई आंकड़े को आगे ले जाती है. यह आईपीएल 2026 में 15वीं बार है जब किसी टीम ने 200+ का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया है. खास बात यह है कि इस सीजन में अकेले मुंबई इंडियंस ने तीन बार 200 से ज्यादा का स्कोर चेज़ किया है.
स्ट्राइक रेट आसमान पर इकॉनमी पाताल में
धर्मशाला के बारे में कहा जाता था कि यहां की परिस्थिति तेज गेंदबाजों को मदद करती है पर हुआ इसका एकदम उल्टा.तिलक वर्मा 227.27 के स्ट्राइक रेट से मैच जिता देते है वहीं कम से कम दो गेंदबाज हर मैच में 50+ रन लुटाते ही है इससे अछूता धर्मशाला भी नहीं रहा. इस सीजन में ज्यादातर टीमों के पास ऐसे ओपनर्स है जो 200+ के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करके शुरुआत से ऐसे माहौल बना रहे है जिससे हर मैच में गेंदबाज मैच खत्म होने के बाद सिर झुकाए नजर आते है.ये हालात और बदतर होते जा रहे है क्योंकि पाटा पिचें और छोटे मैदान गेंदबाजों के लिए बड़ा सिरदर्द बनते जा रहे है.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


