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Vaibhav Suryavanshi Childhood Photos: 6 साल की उम्र में पहनी पहली जर्सी और आज आईपीएल के मैदान पर छक्कों की बरसात. तस्वीरों में देखिए टीम इंडिया के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी का बचपन और उनके संघर्ष की वो कहानी, जो आज करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है.
वर्ष 2017 की एक यादगार तस्वीर आज भी लोगों को भावुक कर देती है. उस समय वैभव सूर्यवंशी महज 6 साल के थे और अपने पिता संजीव सूर्यवंशी के साथ क्रिकेट मैच देखने गए थे. मैदान में खिलाड़ियों को जर्सी पहने देखकर उनके मन में भी वैसी ही इच्छा जगी. उन्होंने जिद की कि उन्हें भी जर्सी पहननी है. उनकी इस मासूम जिद को देखकर वहां मौजूद लोगों ने उन्हें क्रिकेट जर्सी पहनाई. उसी पल को कैमरे में कैद कर लिया गया. यह तस्वीर आज उनके शुरुआती क्रिकेट प्रेम और सपनों की पहली झलक मानी जाती है.

वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी स्वयं भी खिलाड़ी रहे हैं, जिससे घर का माहौल पहले से ही खेल के प्रति प्रेरित करने वाला था. वैभव अक्सर अपने पिता के साथ मैच देखने जाया करते थे और वहीं से उनके अंदर क्रिकेट के प्रति रुचि विकसित हुई. उस समय वे खुद मैदान में खेलने नहीं उतरे थे, बल्कि खेल को करीब से समझ रहे थे. उनके अंदर धीरे-धीरे क्रिकेटर बनने का सपना आकार लेने लगा. पिता का मार्गदर्शन और सहयोग उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा.

इस खास पल को पटोरी के वरिष्ठ पत्रकार सह क्रिकेटर फुटबॉलर चंदन सांडिल्य ने अपने कैमरे में कैद किया था. यह तस्वीर दरभंगा के नागेंद्र झा स्टेडियम में आयोजित 2017 की एक क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान ली गई थी. उस समय यह एक सामान्य घटना थी, लेकिन आज वही तस्वीर एक बड़े सफर की शुरुआत का प्रतीक बन गई है. चंदन सांडिल्य ने बताया कि उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बच्चा आगे चलकर क्रिकेट की दुनिया में इतना बड़ा नाम करेगा.
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आज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल जैसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और कम उम्र में ही अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. उनकी बल्लेबाजी शैली, खासकर छक्के लगाने की क्षमता, उन्हें भीड़ से अलग करती है. उन्होंने अपनी पहली ही आईपीएल पारी में छक्का लगाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था. आज वह लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. बचपन में पिता के साथ मैच देखने वाला यह बच्चा आज खुद क्रिकेट मैदान का चमकता सितारा बन गया है, जिसकी कहानी हर किसी को सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला देती है.

समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड क्षेत्र के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी आज कम उम्र में ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं.।लेकिन उनकी सफलता की कहानी जितनी बड़ी है, उतनी ही दिलचस्प उनकी बचपन की यादें भी हैं. जब उनकी पुरानी तस्वीरों पर नजर डालते हैं, तो एक मासूम बच्चा नजर आता है, जिसकी आंखों में सपने और क्रिकेट के प्रति गहरी लगन साफ झलकती है. यही जुनून धीरे-धीरे उनके जीवन का लक्ष्य बन गया. बचपन से ही उन्हें खेल के प्रति विशेष रुचि थी, जो आगे चलकर उनके करियर की नींव बनी.


