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MBA vs MSc Business Analytics Course: एमबीए और एमएससी बिजनेस एनालिटिक्स में क्या अंतर है? क्या बिना मैथ वाले कर सकते हैं यह कोर्स?

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नई दिल्ली (MSc in Business Analytics Career Options). आज के डिजिटल दौर में सिर्फ अंदाजे के दम पर बिजनेस चलाना गुजरे जमाने की बात हो चुकी है. अब कंपनियां डेटा की ताकत को समझ चुकी हैं. अगर आप मैनेजमेंट की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं, लेकिन एमबीए से कुछ अलग और एडवांस करना चाहते हैं तो एमएससी इन मैनेजमेंट/बिजनेस एनालिटिक्स गेमचेंजर कोर्स साबित हो सकता है. यह मैनेजमेंट के पारंपरिक तौर-तरीकों में टेक्नोलॉजी और डेटा साइंस का तड़का लगाता है.

एमएससी इन मैनेजमेंट/बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स आपको ‘स्मार्ट मैनेजर’ बनाता है, जो केवल हुक्म चलाना नहीं जानता, बल्कि नंबर्स और डेटा को देखकर सटीक फैसले लेना जानता है. जहां एमबीए मुख्य रूप से लीडरशिप, थ्योरी और पीपल मैनेजमेंट पर केंद्रित होता है, वहीं एमएससी कोर्स अधिक टेक्निकल और डेटा-ओरिएंटेड होता है. यह कोर्स सिखाता है कि कैसे भारी-भरकम डेटा (Big Data) का एनालिसिस करके कंपनी का मुनाफा बढ़ाकर रिस्क को कम किया जा सकता है.

MSc in Business Analytics: सिर्फ थ्योरी नहीं, नंबर्स और कोडिंग का है खेल

एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स सामान्य मैनेजमेंट डिग्री से काफी अलग है. इसमें केवल मार्केटिंग और फाइनेंस के बुनियादी नियम नहीं रटाए जाते, बल्कि डेटा टूल्स का इस्तेमाल सिखाया जाता है. इस कोर्स के दौरान पायथन (Python), आर प्रोग्रामिंग (R Programming), टेबल्यू (Tableau) और एसक्यूएल (SQL) जैसे एडवांस सॉफ्टवेयर सीखते हैं. इसका मकसद ऐसे प्रोफेशनल तैयार करना है जो बिजनेस की दिक्कतों को डेटा के जरिए समझ सकें और उनका तकनीकी समाधान निकाल सकें.

डेटा के आधार पर मैनेजमेंट के फैसले

आजकल हर बड़ी कंपनी- चाहे वो अमेजन हो, गूगल हो या कोई स्टार्टअप- हर सेकंड करोड़ों का डेटा जनरेट कर रही है. एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स का मुख्य फोकस यही है कि उस डेटा से काम की बात कैसे निकाली जाए. उदाहरण के लिए, कोई ग्राहक ऐप पर क्या सर्च कर रहा है और क्यों रुक रहा है, इस डेटा को समझकर मैनेजर नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करते हैं. इसे ही ‘डेटा-ड्रिवन डिसीजन मेकिंग’ कहते हैं, जो इस कोर्स की यूएसपी (USP) है.

MSc in Business Analytics vs MBA: एमबीए और एमएससी बिजनेस एनालिटिक्स में क्या अंतर है?

अक्सर लोग कंफ्यूज होते हैं कि एमबीए करें या एमएससी? इसका सीधा जवाब है- अगर आपकी रुचि केवल टीम संभालने, नेटवर्किंग और जनरल मैनेजमेंट में है तो एमबीए बेहतर है. लेकिन अगर आपको नंबर्स अच्छे लगते हैं, थोड़ा बहुत कोडिंग या एनालिटिकल माइंडसेट है और आप टेक्नोलॉजी के साथ बिजनेस को जोड़ना चाहते हैं तो एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स आपके लिए परफेक्ट है. यह एमबीए की तुलना में अधिक व्यावहारिक और प्रैक्टिकल होता है.

एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स करियर ऑप्शन और सैलरी

एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स करने के बाद आपके लिए कॉरपोरेट जगत के सबसे महंगे और टॉप पदों के दरवाजे खुल जाते हैं. आप डेटा एनालिस्ट (Data Analyst), बिजनेस एनालिस्ट (Business Analyst), रिस्क मैनेजर या सप्लाई चेन एनालिस्ट के रूप में काम कर सकते हैं. इस समय मार्केट में डेटा को समझने वाले मैनेजर्स की भारी कमी है. इसलिए कंपनियां इन प्रोफेशनल्स को शुरुआती दौर में ही लाखों-करोड़ों का पैकेज देने के लिए तैयार रहती हैं.

एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स कौन कर सकता है?

एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स करने के लिए स्टूडेंट का बैकग्राउंड बहुत मायने रखता है. हालांकि कई यूनिवर्सिटीज ओपन माइंडसेट के साथ एडमिशन देती हैं. अगर आपने ग्रेजुएशन में गणित, स्टैटिस्टिक्स, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस या इकोनॉमिक्स पढ़ी है तो आपको एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स को समझने में बहुत आसानी होगी. हालांकि, बिजनेस बैकग्राउंड के उम्मीदवार भी अपनी एनालिटिकल स्किल्स को अपग्रेड करने के लिए इसे चुन रहे हैं.



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