नई दिल्ली: लगता है कि मोहम्मद शमी अब कभी टीम इंडिया में वापसी नहीं कर पाएंगे. जिस प्लेयर ने भारत को 2023 का वर्ल्ड कप जिताया वो अब दोबारा ब्लू जर्सी में शायद ही खेल पाएगा. कम से कम अजीत अगरकर के चीफ सिलेक्टर रहते तो इसकी उम्मीद कम ही लगती है. दरअसल, अफगानिस्तान के खिलाफ 14 जून से शुरू हो रही घरेलू वनडे सीरीज के लिए मोहम्मद शमी एक बार फिर टीम इंडिया में जगह बनाने में नाकाम रहे हैं.
बंगाल के लिए 2025-27 घरेलू रणजी सीजन में 67 विकेट लेने के बाद आईपीएल में भी ठीकठाक प्रदर्शन करने वाले मोहम्मद शमी के नाम पर सिलेक्टर्स ने चर्चा तक नहीं की. टीम की घोषणा वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने कहा:
हां, वह लगातार डोमेस्टिक क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन हमें बताया गया है कि इस समय वह टी-20 क्रिकेट के लिए तैयार हैं इसलिए मोहम्मद शमी को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई. हां, जम्मू कश्मीर औकिब नबी के बारे में बात हुई.
क्या संन्सास लेने वाले हैं मोहम्मद शमी?
अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज से पहले शमी को दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला और उसके बाद हुए टी-20 विश्व कप स्क्वॉड में भी जगह नहीं दी गई थी. बीते दिनों एक पॉडकास्ट में इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने संन्यास के सवाल पर कहा था कि वह तभी क्रिकेट से विदा लेंगे जब उन्हें “ऊब” महसूस होने लगेगी.
IPL 2026 में 12 मैच में 10 विकेट
शमी को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने खरीदा था हालांकि, उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा और 2026 एडिशन से पहले उन्हें लखनऊ सुपर जायंट्स ट्रेड कर दिया गया. शमी लखनऊ के लिए कुछ खास नहीं कर पाए हैं. 12 मैच में शमी के नाम 8.81 की महंगी इकॉनमी के साथ सिर्फ 10 विकेट ही दर्ज हैं. शमी की टीम लखनऊ प्लेऑफ की दौड़ से काफी पहले ही बाहर हो चुकी है.
टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया
शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान) साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल
वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे


