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PM Modi Mann Ki Baat Live: बुद्ध के शांति मंत्र से न्यूक्लियर पावर तक… मन की बात में PM मोदी का बड़ा संदेश, आत्मनिर्भर भारत हो रहा मजबूत

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बुद्ध के शांति मंत्र से न्यूक्लियर पावर तक: मन की बात में PM का बड़ा संदेश

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PM Modi Mann Ki Baat Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड जरिए देश को विज्ञान और शांति का अद्भुत संगम दिखाया. एक तरफ जहां उन्होंने भगवान बुद्ध के विचारों को विश्व शांति के लिए अनिवार्य बताया, वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की सफलता को भारत के परमाणु इतिहास का ‘स्वर्ण युग’ करार दिया. पीएम ने गर्व के साथ बताया कि हमारा सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम अब खेती, स्वास्थ्य और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रहा है. इसके अलावा, भारत ने विंड एनर्जी में 56 गीगावाट की क्षमता हासिल कर दुनिया को अपनी ‘क्लीन एनर्जी’ की ताकत का अहसास कराया है. बुद्ध के शांति मंत्र से लेकर न्यूक्लियर पावर तक की यह यात्रा सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करती है.

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पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम

Mann Ki Baat Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मन की बात के 133वें एपिसोड को संबोधित कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के एक और एपिसोड में देशवासियों से जुड़ते हुए कहा कि उनसे संवाद करना हमेशा खुशी देता है. उन्होंने कहा कि चुनाव की व्यस्तताओं के बावजूद लोगों के पत्रों और संदेशों के जरिए देश की उपलब्धियों और खुशियों को साझा करने का सिलसिला जारी रहा. प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार ‘मन की बात’ की शुरुआत देश की एक बड़ी उपलब्धि के साथ की जा रही है.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा, भारत ने हमेशा विज्ञान को देश की प्रगति से जोड़कर देखा है और इसी सोच के साथ हमारे वैज्ञानिक सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहे हैं. उनके प्रयासों से यह कार्यक्रम राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दे रहा है, इससे औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षेत्र और स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा लाभ मिला है. खेती-किसानी से लेकर आधुनिक इनोवेटर्स तक, इस सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम ने कई क्षेत्रों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे न्यूक्लियर वैज्ञानिकों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया है. तमिलनाडु के कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल कर ली है, जो भारत की न्यूक्लियर ऊर्जा यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह परमाणु रिएक्टर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी सफलता है. PM मोदी ने कहा कि भारत ने हाल ही में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. देश की विंड एनर्जी उत्पादन क्षमता अब 56 गीगावाट से अधिक हो चुकी है और पिछले एक साल में ही करीब 6 गीगावाट नई क्षमता जुड़ी है, जो स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की तेज़ प्रगति को दर्शाता है.

पीएम मोदी ने दिया भगवान बुद्ध का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध का जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है. उन्होंने सिखाया कि शांति हमारे भीतर से शुरू होती है और स्वयं पर विजय ही सबसे बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया तनाव और संघर्षों से गुजर रही है, ऐसे समय में बुद्ध के विचार और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण अमेरिका के चिली में एक संस्था भगवान बुद्ध के विचारों को आगे बढ़ा रही है, जो लद्दाख में जन्मे ड्रुब्पोन ओत्ज़ेर रिनपोछे के मार्गदर्शन में काम कर रही है. यह संस्था ध्यान और करुणा को लोगों के जीवन से जोड़ रही है, जबकि कोचीगुआज घाटी में बना स्तूप लोगों को शांति और सुकून का अनुभव कराता है.

मन की बात के 133वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे देश में 23 जनवरी, यानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से लेकर 30 जनवरी, यानी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तक ‘गणतंत्र उत्सव’ मनाया जाता है. उन्होंने बताया कि इस उत्सव का एक अहम हिस्सा ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह है और इसके पीछे एक विशेष कारण भी है. PM मोदी ने कहा कि यह समारोह विभिन्न बैंड्स के जरिए देश की विविध संगीत परंपराओं को प्रस्तुत करता है और पिछले कुछ सालों में इसमें भारतीय धुनों का समावेश बढ़ा है, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया है. उन्होंने इस साल के बीटिंग रिट्रीट को खास बताया और कहा कि वायुसेना, थलसेना, नौसेना और सीएपीएफ के बैंड्स ने शानदार प्रदर्शन किया.

‘लाखा जी के बाराती’ का पीएम मोदी ने किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि बरसात खत्म होते ही कच्छ के रण की धरती जीवंत हो उठती है, जहां हर साल लाखों फ्लेमिंगो पक्षी आते हैं और पूरा इलाका गुलाबी रंग में रंग जाता है, इसलिए इसे ‘फ्लेमिंगो सिटी’ कहा जाता है. ये पक्षी यहीं घोंसले बनाते हैं और अपने बच्चों को बड़ा करते हैं, जबकि कच्छ के लोग इन्हें ‘लाखा जी के बाराती’ कहते हैं. उन्होंने कहा कि अब ये ‘बाराती’ कच्छ में पर्यावरण संरक्षण के एक सुंदर प्रतीक बन गए हैं.

मन की बात 133वां एपिसोड

‘मन की बात’ कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन के पूरे नेटवर्क पर किया जाता है. इसके अलावा Newsonair ऐप और यूट्यूब चैनलों के जरिए भी इसे लाइव देखा और सुना जाता है. हिंदी प्रसारण के तुरंत बाद इसे विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया जाता है, इससे देश के हर कोने तक यह कार्यक्रम पहुंच सके. पिछले एपिसोड्स पर नजर डालें तो प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार बदलते वैश्विक और तकनीकी परिदृश्य पर भी अपनी बात रखी है. 131वें एपिसोड में उन्होंने दिल्ली में आयोजित ग्लोबल AI समिट का जिक्र करते हुए भारत की तकनीकी क्षमता और युवाओं में बढ़ती रुचि को सराहा था.

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Sumit KumarSenior Sub Editor

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें



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