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वो बॉल जो पड़ी अभिषेक-हेड पर भारी, उस गेंद की इजाद के लिए शमी ने लगाए 4 दिन, क्या है ये ‘नई खोज’, बता गए बॉलिंग कोच

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नई दिल्ली.  IPL 2026 कोई खिलाड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में है तो वो हैं भारतीय टीम से दरकिनार किए गए  मोहम्मद शमी. उनकी गेंदबाजी और जिस तरह से शमी ने अभिषेक शर्मा को जैसे आउट किया वो उसका खुलासा लखनऊ सुपर जायंट्स के कोच ने किया. अभिषेक को आउट करने के पीछे का राज एक ‘नई’ गेंद थी, जिसे उन्होंने कुछ दिन पहले ही गेंदबाजी कोच भरत अरुण के साथ मिलकर सीखा था.

ये लखनऊ सुपर जायंट्स के स्पिन कोच कार्ल क्रो ने बताया कि टीम से बाहर चल रहे शमी ने बंगाल के लिए शानदार घरेलू सीजन के बाद एलएसजी के लिए जबरदस्त प्रदर्शन किया, चार ओवर में 2/9 के आंकड़े के साथ 18 डॉट गेंदें फेंकी और सनराइजर्स हैदराबाद के टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया.

‘नई गेंद’ का आविष्कार

क्रो ने कहा, कि गेंदबाजी कोच भरत अरुण और शमी ने मैच से चार दिन पहले नई गेंदबाजी वेरिएशन पर काम किया. उसी गेंद से उन्होंने अभिषेक को आउट किया.” ये गेंद स्लो और वाइड थी, जिससे नंबर 1 टी20 बल्लेबाज को फंसाया गया. शमी ने पहले फील्ड में बदलाव किया, डीप थर्ड मैन को डीप पॉइंट पर भेजा, फिर बल्लेबाज को लेग स्टंप लाइन पर यॉर्कर से चौंका दिया. ओवर की आखिरी गेंद पर उन्होंने ऑफ साइड पर एक और फील्डर लगाया, स्लिप हटाया और लेफ्ट हैंडर को वाइड स्लो गेंद डाली, जिससे ड्राइव पर मोटा एज लगा और एम सिद्धार्थ ने शॉर्ट थर्ड मैन पर कैच लिया. शमी ने अगले ओवर में ट्रैविस हेड को भी आउट किया, जिससे एसआरएच 156/9 पर रुक गई. एलएसजी ने पांच विकेट से जीत हासिल की, जो उनका सीजन की पहली जीत थी.

शमी सीखने को हमेशा तैयार

क्रो ने कहा कि शमी की सीखने की इच्छा उन्हें सबसे अलग बनाती है. “मुझे लगता है कि हम सब चाहे युवा हों या अनुभवी कभी भी नई स्किल सीखने के लिए बूढ़े नहीं होते. सिर्फ चार दिन में शमी ने वो स्किल सीखी, मैच में उसे आजमाया और विकेट लिया, ये भरत के कोचिंग और शमी की सोच दोनों का कमाल है. सीनियर खिलाड़ी होते हुए भी वो नई स्किल सीखने और अपना खेल आगे बढ़ाने के लिए तैयार रहते हैं, ये सोच शानदार है. शमी ने बंगाल के लिए 2025-26 घरेलू सीजन में 68 विकेट लिए जिसमें  सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 16, विजय हजारे ट्रॉफी में 15 और रणजी ट्रॉफी में 37 विकेट. लेकिन कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत आगरकर की अगुवाई में नेशनल टीम में उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि 2027 वर्ल्ड कप के लिए उनकी वापसी की मांग बढ़ रही है.

ऋषभ की कप्तानी अलग है

इंग्लैंड के पूर्व फर्स्ट क्लास क्रिकेटर क्रो ने कप्तान ऋषभ पंत की भी तारीफ की, उन्हें ‘सशक्त बनाने वाला’ लीडर बताया. “मैं कहूंगा कि वो अपने गेंदबाजों को पूरी तरह सशक्त बनाते हैं. टीम मीटिंग में उनकी राय सुनने में दिलचस्पी रखते हैं और उनकी योजनाओं को समझना चाहते हैं. मुझे पंत बहुत अच्छे लगे हैं. एक चीज जो वो बहुत अच्छे से करते हैं भले ही छोटी लगे जब वो कप्तान के तौर पर कमरे में आते हैं, हर किसी को ‘हैलो’ कहते हैं और हाथ मिलाते हैं. इससे टीम में अपनापन महसूस होता है, और मुझे ये बहुत पसंद है.

सबको साथ लेकर चलने वाला लीडर 

ऋषभ पंत निश्चित रूप से खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने वाले कप्तान हैं. जरूरत पड़ने पर सलाह भी देते हैं. विकेटकीपर होने के नाते कभी-कभी 30 गज पीछे से गेंदबाज के पास जाकर सलाह देना मुश्किल होता है, लेकिन उनके पास एडन मार्करम और निकोलस पूरन जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं जो मदद करते हैं.” “मैं ऋषभ से बहुत प्रभावित हूं. वो सच में चाहते हैं कि टीम अच्छा करे. दूसरे दिन मैंने उन्हें कहते सुना, ‘टीम के लिए और क्या कर सकता हूं?’ जब आपका लीडर ऐसा सोचता है, तो खिलाड़ी खुद-ब-खुद उसका अनुसरण करते हैं.



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