20.4 C
Munich

अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, विधानसभा सदस्यता बनी रहेगी बरकरार

Must read


Last Updated:

Mau Sadar MLA Abbas Ansari: अब्बास अंसारी पर उत्तर प्रदेश में कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं. वे माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद से यह मामला लगातार राजनीतिक और कानूनी चर्चा में बना हुआ है. अब एक बार फिर अंसारी चर्चाओं में आ गए हैं. उन्हें सुप्रीम कोर्ट बड़ी राहत मिली है.

Zoom

अब्‍बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत..

मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. हेट स्पीच से जुड़े एक केस में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के सजा पर रोक वाले फैसले को बरकरार रखा था. कोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता बनी रहेगी और फिलहाल उस पर कोई खतरा नहीं है.

दरअसल, हेट स्पीच से जुड़े एक केस से में निचली अदालत ने अब्बास अंसारी को सजा सुनाई थी. सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता पर सवाल उठने लगे थे. हालांकि, बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस सजा पर रोक लगा दी थी, जिसके चलते उनकी सदस्यता फिलहाल बच गई थी. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए भारत का सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी. सरकार ने मांग की थी कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द किया जाए, जिसमें सजा पर रोक लगाई गई है. सरकार का कहना था कि हाईकोर्ट का फैसला गलत है और सजा पर रोक हटाई जानी चाहिए, ताकि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सके.

इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं. इसके बाद अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज कर मामले का निस्तारण कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सजा पर लगाई गई रोक अभी भी लागू रहेगी. इसी वजह से अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वह अपने पद पर बने रहेंगे.

इस मामले में पहले निचली अदालत के फैसले के बाद सदस्यता पर खतरा पैदा हो गया था, लेकिन हाईकोर्ट की रोक ने उन्हें राहत दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह स्थिति और स्पष्ट हो गई है कि फिलहाल उनकी सदस्यता सुरक्षित रहेगी.

About the Author

authorimg

काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article