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Food Voucher Tax : इनकम टैक्स के नए नियमों के मुताबिक, फूड वाउचर पर अब टैक्स छूट का लाभ 200 रुपये प्रतिदिन मील के हिसाब से दिया जाएगा. अगर आपकी कंपनी भी फूड वाउचर देती है तो इस छूट का फायदा उठाया जा सकता है. लेकिन, ध्यान रहे कि छूट की यह लिमिट अगले वित्तवर्ष से लागू होगी.
फूड वाउचर पर टैक्स छूट कैसे क्लेम की जाती है.
नई दिल्ली. इनकम टैक्स विभाग ने फूड वाउचर पर मिलने वाली टैक्स छूट के नियमों में बदलाव किया है. अगर आपकी कंपनी भी फूड वाउचर देती है और आप इस पर आईटीआर भरते समय टैक्स छूट क्लेम करते हैं तो इस बार जरा ध्यान से रिटर्न भरना. कई कर्मचारी इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि फूड वाउचर के लिए 50 रुपये के हिसाब से टैक्स छूट क्लेम करना है या फिर 200 रुपये के हिसाब से. लिहाजा आप आईटीआर भरने से पहले यह जान लें आपको 50 और 200 में से कौन सा फूड वाउचर क्लेम करना होगा.
प्राइवेट सेक्टर की तमाम कंपनियां अपने कर्मचारियों को फूड वाउचर उपलब्ध कराती हैं. यह वाउचर टैक्स फ्री सेग्मेंट का हिस्सा होता है और आईटीआर भरते समय कर्मचारी इसे टैक्स छूट के लिए क्लेम कर सकते हैं. अब जबकि वित्तवर्ष 2025-26 का इनकम टैक्स रिटर्न भरना शुरू हो चुका है तो तमाम कर्मचारियों के मन में इस बात को लेकर असमंजस है कि आखिर उन्हें कितने रुपये वाला वाउचर क्लेम करना है. इनकम टैक्स नियमों में हुए हालिया बदलाव के तहत 50 रुपये की वाउचर लिमिट का अब 200 रुपये तक बढ़ा दिया गया है, जिसके बाद यह कंफ्यूजन दिख रही है.
क्या है नया इनकम टैक्स कानून
नए कानून के तहत फूड वाउचर लिमिट को बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है, जो वाउचर अथवा फूड कार्ड के जरिये रिडीम कराया जा सकता है. हालांकि, यह लिमिट वित्तवर्ष 2026-27 से लागू हो रही है तो टैक्स छूट भी इसी चालू वित्तवर्ष से शुरू होगी. लिहाजा पिछले वित्तवर्ष के लिए आईटीआर भरते समय कर्मचारियों को 50 रुपये के हिसाब से ही वाउचर क्लेम करना होगा. अगले साल जब चालू वित्तवर्ष का आईटीआर भरा जाएगा, तब 200 रुपये वाली लिमिट को कैश कराया जा सकता है.
कैसे मिलती है वाउचर पर टैक्स छूट
इनकम टैक्स कानून के तहत पिछले वित्तवर्ष यानी 2025-26 अथवा असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए फूड वाउचर की लिमिट रोजाना 50 रुपये ही है, जो टैक्स फ्री रकम होती है. हालांकि, इस वाउचर पर टैक्स क्लेम तभी किया जा सकता है जब कर्मचारी पुराने टैक्स रिजीम का इस्तेमाल करता है. हालांकि, कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों को 50 रुपये की लिमिट से ज्यादा का वाउचर भुगतान करती हैं, लेकिन इससे ज्यादा की रकम को टैक्सेबल इनकम मानकर कैलकुलेट किया जाता है.
ज्यादा पैसों पर क्या नियम
अगर आप पिछले वित्तवर्ष के लिए वाउचर क्लेम करने जा रहे हैं तो 50 रुपये से ज्यादा की जो भी रकम है, उस पर अपने स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा. यह रकम आपकी कुल आमदनी में जोड़ दी जाएगी. इनकम टैक्स के मौजूदा नियम के तहत सेक्सन 15(5)(a) के तहत चालू वित्तवर्ष से वाउचर की रकम को बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है, जिस पर नए और पुराने दोनों ही टैक्स रिजीम के तहत छूट का दावा किया जा सकता है. हालांकि, यह छूट कुछ खास कंडीशन में ही ऑफर की जा सकती है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें


