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Virat Kohli RCB Party Culture: राजकुमार शर्मा ने खुलासा किया कि जब उन्होंने देखा कि इस ग्लैमर की वजह से विराट कोहली के खेल और प्रगति में थोड़ा ठहराव आ रहा है, तब उन्होंने एक सख्त गुरु की भूमिका निभाई. उन्होंने विराट को काबू में रखने और सही दिशा दिखाने के लिए काफी सख्ती की. कोच ने बताया, ‘उस समय मुझे विराट के साथ वाकई बहुत कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी. मुझे उसे बहुत डांटना भी पड़ा.’
विराट कोहली और आरसीबी के पार्टी कल्चर को लेकर राजकुमार शर्मा ने क्या-क्या बताया?
नई दिल्ली. आज जब भी विश्व क्रिकेट में फिटनेस, अनुशासन और कड़े अभ्यास की बात होती है, तो सबसे पहला नाम विराट कोहली का आता है. कोहली ने अपनी फिटनेस से न सिर्फ अपने खेल को एक अलग स्तर पर पहुंचाया, बल्कि भारतीय क्रिकेट संस्कृति को भी हमेशा के लिए बदल दिया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि करियर के शुरुआती दौर में ‘किंग कोहली’ भी भटकने की कगार पर थे? आईपीएल के शुरुआती सालों की चकाचौंध, ग्लैमर और पार्टियों के बीच एक 17-18 साल के युवा विराट के लिए खुद को संभालना आसान नहीं था. हाल ही में विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने एक इंटरव्यू में उस दौर का बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है, जब उन्हें विराट को सही रास्ते पर लाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी.
आरसीबी का वो ‘पार्टी कल्चर’…
कोच राजकुमार शर्मा ने ‘एक्सप्रेस कैफे’ यूट्यूब चैनल पर बातचीत करते हुए उस दौर को याद किया जब विराट कोहली ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ अपने सफर की शुरुआत की थी. उन दिनों आरसीबी अपने हाई-प्रोफाइल मालिकों, बॉलीवुड हस्तियों की मौजूदगी और मैच के बाद होने वाली आलीशान, भव्य पार्टियों के लिए जानी जाती थी. पूर्व मालिक विजय माल्या को उस दौर में इस चकाचौंध भरे ‘पार्टी कल्चर’ का चेहरा माना जाता था.
राजकुमार शर्मा ने कहा, ‘वह विराट के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव था. जब वे आरसीबी के लिए चुने गए, तो आप जानते ही हैं कि तब वहां का माहौल कैसा था- वह पार्टियों का दौर था और मैं इसमें विराट को बिल्कुल भी दोष नहीं देता. 17 या 18 साल का एक बच्चा उस पार्टी कल्चर से खुद को दूर नहीं रख सकता था. उन दिनों हर खिलाड़ी के लिए उन बैठकों और पार्टियों में शामिल होना अनिवार्य हुआ करता था. वहां का कल्चर ही ऐसा था कि आपको पार्टी में जाना ही पड़ता था, तो ऐसे में एक कम उम्र का बच्चा खुद को कैसे रोकता?’
‘मुझे बहुत डांटना पड़ा’
राजकुमार शर्मा ने खुलासा किया कि जब उन्होंने देखा कि इस ग्लैमर की वजह से विराट के खेल और प्रगति में थोड़ा ठहराव आ रहा है, तब उन्होंने एक सख्त गुरु की भूमिका निभाई. उन्होंने विराट को काबू में रखने और सही दिशा दिखाने के लिए काफी सख्ती की. कोच ने आगे बताया, ‘उस समय मुझे विराट के साथ वाकई बहुत कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी. मुझे उसे बहुत डांटना भी पड़ा. मैंने उसे संभालने के लिए कई ऐसी चीजें कीं जिन्हें मैं यहां बयां नहीं कर सकता. लेकिन मेरा काम उसे संभालना था. भगवान का शुक्र है कि विराट ने मेरी बात को समझा. उसे यह अहसास हो गया कि करियर में आगे बढ़ने के लिए क्या करना जरूरी है और उसके बाद उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.’
वो टर्निंग पॉइंट जिसने पैदा किया ‘फिटनेस का नया किंग’
कोच की डांट और मार्गदर्शन के बाद विराट ने खुद को संभाला, लेकिन उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट IPL 2012 के बाद आया. खुद कोहली ने कई बार इस बात का जिक्र किया है कि साल 2012 के आईपीएल के बाद जब वह घर लौटे, तो वे अपनी शारीरिक बनावट और खराब फिटनेस से बेहद नाखुश थे. उसी पल उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल को पूरी तरह बदलने का फैसला किया. विराट ने फास्ट फूड और पार्टियों से दूरी बनाई, सख्त डाइट चार्ट अपनाया और जिम में घंटों पसीना बहाना शुरू किया.
इस फिटनेस का असर यह हुआ कि एक दशक से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी आज 2026 में कोहली की फील्डिंग की तीव्रता, बाउंड्री रोकने के लिए डाइव लगाना और विकेटों के बीच चीते जैसी दौड़ युवाओं को प्रेरित करती है. अगर उस दौर में कोच राजकुमार शर्मा ने डांटकर विराट को उस ‘भटकाव’ से बाहर न निकाला होता, तो शायद आज दुनिया ‘किंग कोहली’ के इस अविश्वसनीय रूप को नहीं देख पाती.
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शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें


