Marco Rubio India Visit: पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो आज भारत दौरे पर हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री बनने के बाद मार्को रुबियो की यह पहली भारत यात्रा है. अमेरिकी विदेश मंत्री की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया में संकट है. जब इंडो-पैसिफिक से लेकर वैश्विक भू-राजनीति तक कई बड़े मुद्दों पर नई रणनीतिक सरगर्मियां तेज हैं. जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने की कवायद तेज है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 23 से 26 मई तक भारत में रहेंगे. इस दौरान वह कोलकाता, दिल्ली से आगरा और जयपुर तक जाएंगे. उनकी पीएम मोदी, एस जयशंकर से भी मुलाकात होगी. मार्को रुबियो की फ्लाइट आज यानी शनिवार को दिल्ली नहीं, बल्कि सीधे कोलकाता लैंड करेगी.
अब सवाल है कि आखिर मार्को रुबियो सबसे पहले कोलकाता क्यों जा रहे हैं?
दरअसल, भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की कोलकाता यात्रा खास तौर पर चर्चा में है. इसकी वजह यही है करीब एक दशक से अधिक समय बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री पश्चिम बंगाल की राजधानी पहुंचेगा. इससे पहले मई 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था. तब उन्होंने उस वक्त की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी.
अब सवाल है कि अमेरिकी विदेश मंत्री ने दिल्ली के बदले कोलकाता को ही क्यों चुना?
इसकी वजह है कि कोलकाता अमेरिका की कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है. यहां स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास भारत में अमेरिका का पहला और दुनिया के सबसे पुराने अमेरिकी कॉन्सुलेट्स में से एक है. 19 नवंबर 1792 को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन ने बेंजामिन जॉय को कोलकाता में पहला अमेरिकी कॉन्सुल नियुक्त किया था. .हालांकि, वे अप्रैल 1794 में कोलकाता पहुंचे, लेकिन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने उन्हें औपचारिक मान्यता नहीं दी थी. इसके बावजूद इसे भारत और अमेरिका के आधिकारिक संबंधों की शुरुआत माना जाता है.
क्यों खास है कोलकाता का अमेरिकि कॉन्सुलेट
कोलकाता का अमेरिकी कॉन्सुलेट पश्चिम बंगाल सहित बिहार, झारखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा जैसे 11 राज्यों में अमेरिकी हितों की देखरेख करता है. जुलाई 2016 में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के तत्कालीन अंडर सेक्रेटरी थॉमस ए शैनोन जूनियर भी कोलकाता आए थे. उस दौरान उन्होंने शहर के ऐतिहासिक महत्व और भारत में सबसे पुराने अमेरिकी कॉन्सुलेट की मौजूदगी को यात्रा की बड़ी वजह बताया था. बहरहला, कोलकाता के बाद रुबियो सीधे दिल्ली आएंगे.
मार्को रुबियो की यह यात्रा क्यों अहम?
मार्को रुबियो की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे. ऐसे में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की संतुलनकारी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. स्वीडन दौरे के बाद रुबियो भारत पहुंचेंगे. वह इस दौरान कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली का दौरा करेंगे. उनके कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ उच्चस्तरीय बैठकें शामिल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी उनकी मुलाकात संभव मानी जा रही है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 23-26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे.
किन मसलों पर होगी चर्चा?
नई दिल्ली में होने वाली बैठकों में रक्षा सहयोग, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप, सप्लाई चेन, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों जैसे मुद्दों पर अहम चर्चा होने की उम्मीद है.
इस यात्रा की खास बात यह भी है कि भारत में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की 26 मई को बैठक हो रही है, जिसमें अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक तालमेल को और मजबूत करने पर जोर रहेग. Quadrilateral Security Dialogue के जरिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुक्त, समावेशी और नियम आधारित व्यवस्था बनाए रखने की कोशिशों को नई गति देने की तैयारी है. क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक से आनेवाले वक्त में क्वाड लीडर्स सम्मेलन की संभावान बन सकती है जो कि पिछले वर्ष से ही लंबित है. ये बैठक भविष्य में होती है तो इसमें ट्रंप भी हिस्सा लेंगे. क्वाड की मेजबानी मौजूदा में भारत के पास है.
मार्को रुबियो का पूरा शेड्यूल
- 23 मई 2026 को कब-क्या होगा
- अमेरिकी विदेश मंत्री कल सुबह 7 बजे कोलकाता पहुंचेंगे।
- दोपहर 1:15 बजे दिल्ली आगमन के बाद प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे बैठक सेवा तीर्थ में होगी.
4 मई 2026 को कब क्या होगा?
- विदेश मंत्री और अमेरिकी विदेश मंत्री के बीच आज द्विपक्षीय बैठक होगी
- बैठक सुबह 11:30 बजे आयोजित होगी.
- शाम 6:20 बजे इंडिपेंडेंस डे समारोह में भी शामिल होंगे.
26 मई 2026 को कब-क्या होगा?
- क्वाड विदेश मंत्रियों की
- अहम बैठक दिल्ली में होगी बैठक, सुबह 9 बजे में आयोजित होगी.
- इससे पहले सुबह 8:30 बजे फैमिली फोटो सेशन होगा, जबकि 9:50 बजे प्रेस वक्तव्य जारी किए जाएंगे.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के 8 प्रमुख हाइलाइट्स:
- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 23-26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे.
- विदेश मंत्री बनने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक भारत दौरा होगा.
- रुबियो कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली जाएंगे.
- एस जयशंकर और NSA अजीत डोभाल से उच्चस्तरीय बैठकें प्रस्तावित हैं.
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की भी संभावना है.
- 26 मई को क्वाड बैठक में इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर चर्चा होगी.
- यात्रा के प्रमुख मुद्दे ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रक्षा सहयोग हैं.
- अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट यात्रा की बड़ी पृष्ठभूमि है.


