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Sultanpur News: औरंगजेब के पहले भी यूपी के सुल्तानपुर जिले में बड़ा धर्म परिवर्तन हुआ था, जिसे जौनपुर के शासक इब्राहिम शाह शर्की के समय माना जाता है. इस समय सुल्तानपुर में कई समुदायों का धर्म परिवर्तन करके उनको मुस्लिम धर्म में कन्वर्ट किया गया, तो आइए जानते हैं इब्राहिम शाह सर्की के समय कैसे और लगभग कितनी आबादी का धर्म परिवर्तन हुआ था.
सुल्तानपुर: धर्म परिवर्तन भारत में एक बड़ा और गहरा मुद्दा रहा है. इसकी जड़े मध्यकाल और मुगलों से ज्यादा जोड़कर देखी जाती है. ज्यादातर लोग यही जानते हैं कि औरंगजेब ने भारत में धर्म परिवर्तन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन औरंगजेब के पहले भी यूपी के सुल्तानपुर जिले में बड़ा धर्म परिवर्तन हुआ था, जिसे जौनपुर के शासक इब्राहिम शाह शर्की के समय माना जाता है. इस समय सुल्तानपुर में कई समुदायों का धर्म परिवर्तन करके उनको मुस्लिम धर्म में कन्वर्ट किया गया, तो आइए जानते हैं इब्राहिम शाह सर्की के समय कैसे और लगभग कितनी आबादी का धर्म परिवर्तन हुआ था.
वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि अलाउद्दीन खिलजी ने पुराने सुल्तानपुर में किले के उत्तर-पश्चिम दिशा में एक मस्जिद का भी निर्माण करवाया था. चौदहवीं शताब्दी के अंत में दिल्ली के तुगलक शासकों ने मलिक सरवर ख्वाजा जहां को अवध सूबे का वजीर नियुक्त किया. बाद में उन्हें गवर्नर भी बनाया गया, ताकि क्षेत्र के विद्रोही सरदारों को नियंत्रित किया जा सके. ख्वाजाजहां ने जौनपुर शहर को बसाने और उसके विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. तुगलक वंश की कमजोरियों का फायदा उठाकर उन्होंने खुद को स्वतंत्र घोषित कर दिया और जौनपुर में शर्की सल्तनत की नींव रखी. यही वह दौर था जब पूर्वांचल के कई इलाकों में नई राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान विकसित हुई.
सुल्तानपुर से इस तरह था संबंध
इतिहासकार व वरिष्ठ पत्रकार राजेश्वर सिंह की पुस्तक “सुल्तानपुर इतिहास की झलक” में भी इस बात का जिक्र है कि उस दौर में योग्य लोगों को उनकी क्षमता के आधार पर मलिक-उल-शर्क अथवा पूर्व का स्वामी जैसी उपाधियों से सम्मानित किया जाता था. उसी समय सुल्तानपुर भी जौनपुर के शर्की शासकों के अधीन हुआ करता था. शर्की वंश में इब्राहिम शर्की, जिनका शासनकाल 1402 से 1440 ईस्वी तक माना जाता है, एक महत्वपूर्ण इस्लाम परस्त शासक थे.
बड़े पैमाने पर हुआ धर्म परिवर्तन
उनके शासनकाल में इस्लाम धर्म का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ. जौनपुर उस समय इस्लामी शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बन गया था. शर्की शासकों ने सुल्तानपुर में बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन कराने का भी प्रयास किया. दिल्ली के सुल्तान बहलोल लोदी ने 1479 ईस्वी में जौनपुर के अंतिम शर्की शासक हुसैन शाह शर्की को पराजित कर शर्की शासन का अंत कर दिया.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.


