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Harbhajan Singh Geeta Basra Love Story: हरभजन सिंह और बॉलीवुड अभिनेत्री गीता बसरा की प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. भज्जी का दिल फिल्म ‘द ट्रेन’ में इमरान हाशमी के साथ गीता के उस चर्चित किसिंग सीन को देखकर ही आ गया था. शुरुआत में गीता ने भज्जी के कॉफी के ऑफर को नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. 2007 वर्ल्ड कप के बाद शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और साल 2015 में दोनों हमेशा के लिए एक हो गए.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट और बॉलीवुड का नाता पुराना है. क्रिकेटर और बॉलीवुड की हसीनाओं का मेल अक्सर चर्चा का विषय रहा है. इन्हीं मशहूर जोड़ियों में से एक हैं हरभजन सिंह और गीता बसरा. एक आक्रामक स्पिनर और एक चुलबुली अभिनेत्री की यह प्रेम कहानी जितनी दिलचस्प है, उतनी ही फिल्मी भी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भज्जी के दिल में गीता के लिए प्यार की चिंगारी एक बॉलीवुड फिल्म के ‘किसिंग सीन’ को देखकर जगी थी? साल 2006 का समय था. हरभजनमैदान पर बल्लेबाजों को अपनी स्पिन से छका रहे थे, लेकिन तभी उनकी अपनी दुनिया में एक हलचल हुई. बॉलीवुड में कदम रखने के लिए लंदन से भारत आईं गीता बसरा की फिल्म ‘द ट्रेन’ उस समय खूब सुर्खियां बटोर रही थी. उस दौर में इमरान हाशमी की फिल्मों की एक अलग ही पहचान थी उनके ‘किसिंग सीन्स’.
हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने जब इस फिल्म का एक गाना और उसके कुछ क्लिप्स देखे, तो वे गीता बसरा (Geeta Basra) को देखते ही रह गए. फिल्म में इमरान हाशमी (Emraan Hashmi ) और गीता बसरा के बीच फिल्माया गया किसिंग सीन उस समय काफी चर्चा का केंद्र बना हुआ था. हरभजन, जो एक खिलाड़ी के तौर पर बेहद सख्त नजर आते थे, इस सीन और गीता की सादगी व खूबसूरती के इतने कायल हो गए कि वह अपना दिल हार बैठे. यह महज एक क्रश नहीं था, बल्कि एक ऐसी दीवानगी थी जिसने उन्हें गीता से मिलने के लिए बेचैन कर दिया.
जब इमरान हाशमी को गीता बसरा की ओर से मिला रिजेक्शन
हरभजन सिंह ने तय कर लिया था कि उन्हें गीता से मिलना है. उन्होंने पूरी कोशिश की और बड़ी मशक्कत के बाद गीता बसरा का फोन नंबर हासिल किया. एक खिलाड़ी के तौर पर भज्जी का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर था, उन्होंने तुरंत गीता को फोन किया और उन्हें कॉफी पर मिलने का ऑफर दिया. लेकिन, गीता बसरा उस समय बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने में जुटी थीं. एक अनजान व्यक्ति (भले ही वह मशहूर क्रिकेटर हो) के साथ कॉफी पर जाना उन्हें उचित नहीं लगा. उन्होंने भज्जी के प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया. भज्जी का यह पहला दांव खाली गया था.
2007 का वर्ल्ड कप और दोस्ती की शुरुआत
कहते हैं न, ‘सब्र का फल मीठा होता है’. साल 2007 का आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप हरभजन सिंह के करियर का सबसे सुनहरा पल था. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने इतिहास रचा था. मैदान पर हरभजन ने शानदार प्रदर्शन किया था. उसी जीत के बाद, गीता बसरा ने हरभजन को एक बधाई संदेश भेजा. यह संदेश मात्र एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह दोनों के बीच बातचीत का एक नया दरवाजा था. यहीं से ‘द ट्रेन’ के उस फैन और बॉलीवुड बाला की दोस्ती की शुरुआत हुई.
प्यार में बदलती दोस्ती और शादी का बंधन
साल 2008 आते-आते दोनों के बीच बातचीत और गहरी हो गई. फोन पर शुरू हुई बातें धीरे-धीरे मुलाकातों में बदलने लगीं. गीता को धीरे-धीरे यह एहसास हुआ कि हरभजन केवल एक गुस्सैल क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक बेहद सच्चा और नेक इंसान हैं. उनके अंदर का मजाकिया स्वभाव और परिवार के प्रति उनकी निष्ठा ने गीता का दिल जीत लिया. अगले कई सालों तक उन्होंने अपने रिश्ते को मीडिया की चकाचौंध से दूर रखा. इस दौरान हरभजन ने गीता के साथ अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए अपने परिवार खासकर अपनी मां और बहनों को राजी किया. एक पारंपरिक पंजाबी परिवार में एक बॉलीवुड एक्ट्रेस को बहू के रूप में स्वीकार कराना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन भज्जी ने अपनी जिद और प्यार से सबको मना लिया. आखिरकार, 29 अक्टूबर 2015 को यह कपल शादी के बंधन में बंध गया. जालंधर में हुई इस शादी ने खूब सुर्खियां बटोरीं. आज हरभजन सिंह और गीता बसरा एक बेटी हिनाया के माता-पिता हैं और एक खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


