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Yamuna Expressway Toll: यमुना एक्सप्रेस-वे पर टोल बढ़ने की बात सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे पर अब सफर महंगा हो सकता है. फिलहाल इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला उत्तर प्रदेश शासन को लेना है. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA के अधिकारियों के मुताबिक अभी सिर्फ प्रस्ताव मिला है और मंजूरी मिलने के बाद ही नई दरें लागू होंगी.
यमुना एक्सप्रेसवे
ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से आगरा और पूर्वी उत्तर प्रदेश की तरफ सफर करने वाले लोगों की जेब पर जल्द नया बोझ पड़ सकता है. यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है. एक्सप्रेसवे का संचालन संभाल रही कंपनी ने सरकार को प्रस्ताव भेजकर टोल दरों में करीब 3.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मांग की है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो आने वाले दिनों में कार, बस, ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहनों से सफर करना पहले से ज्यादा महंगा हो जाएगा. कंपनी का कहना है कि एक्सप्रेसवे के संचालन और रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है. सड़क की सुरक्षा, पेट्रोलिंग, तकनीकी निगरानी और मरम्मत पर हर साल बड़ी रकम खर्च होती है. जबकि पिछले साल से अब तक टोल दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया. कंपनी ने एग्रीमेंट का हवाला देते हुए कहा है कि नियमों के मुताबिक हर साल टोल बढ़ाने का प्रावधान है, इसलिए अब नई दरें लागू करना जरूरी हो गया है.
फिलहाल इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला उत्तर प्रदेश शासन को लेना है. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA के अधिकारियों के मुताबिक अभी सिर्फ प्रस्ताव मिला है और मंजूरी मिलने के बाद ही नई दरें लागू होंगी. करीब 165 किलोमीटर लंबा यमुना एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे व्यस्त हाई-स्पीड कॉरिडोर बन चुका है. हर दिन यहां 50 हजार से ज्यादा वाहन दौड़ते हैं. दिल्ली-एनसीआर से आगरा जाने वाले यात्रियों के लिए यह सबसे तेज और आसान रास्ता माना जाता है. लेकिन आने वाले समय में इस मार्ग पर ट्रैफिक और कई गुना बढ़ने वाला है. इसकी सबसे बड़ी वजह जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दूसरे बड़े एक्सप्रेसवे हैं.
दरअसल, यमुना एक्सप्रेसवे अब सिर्फ नोएडा और आगरा को जोड़ने वाली सड़क नहीं रह गई है. यह धीरे-धीरे उत्तर भारत के बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क का मुख्य हिस्सा बनता जा रहा है. यह पहले से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और बरेली एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है. वहीं भविष्य में गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भी इससे कनेक्ट होंगे. इसके बाद इस रास्ते पर भारी ट्रैफिक का दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस एक्सप्रेसवे की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. एयरपोर्ट से जुड़े यात्रियों, कार्गो ट्रकों और व्यापारिक गतिविधियों के कारण वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ेगी. इसी को देखते हुए संचालन कंपनी अभी से इंफ्रास्ट्रक्चर और रखरखाव के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने की तैयारी कर रही है.
यमुना एक्सप्रेसवे पर अभी तीन बड़े टोल प्लाजा मौजूद हैं, जो जेवर, मथुरा और आगरा में बने हुए हैं. यहां वाहन की श्रेणी और तय दूरी के हिसाब से टोल लिया जाता है. फिलहाल कार और जीप जैसे हल्के वाहनों से लगभग 2.95 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क वसूला जाता है. बस और ट्रक चालकों को इससे कहीं ज्यादा टोल देना पड़ता है. अगर नई दरें लागू हुईं तो हर श्रेणी के वाहनों को ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा. टोल बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना इस एक्सप्रेसवे से सफर करते हैं. निजी वाहन चालकों के अलावा ट्रांसपोर्ट कंपनियों और बस ऑपरेटरों की लागत भी बढ़ जाएगी. माना जा रहा है कि माल ढुलाई महंगी होने से इसका असर बाजार तक पहुंच सकता है और कई चीजों के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…और पढ़ें


