नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड्स, आंकड़े और जश्न का एक अलग ही रोमांच होता है. लेकिन कभी-कभी डिजिटल स्कोरबोर्ड की एक छोटी सी चूक खिलाड़ी की पूरी खुशी पर पानी फेर देती है. कुछ ऐसा ही अजीबोगरीब वाकया भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे अभिषेक शर्मा के साथ हुआ. आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मैच में अभिषेक शर्मा को लगा कि उन्होंने मैदान पर बल्ले से कोहराम मचाते हुए महज 20 गेंदों में एक तूफानी अर्धशतक (50 रन) जड़ दिया. उन्होंने इसका जश्न भी मनाया, हेलमेट उठाकर दर्शकों और ड्रेसिंग रूम का अभिवादन स्वीकार किया, लेकिन मैच खत्म होने के बाद जब दोनों टीमों के खिलाड़ी पवेलियन लौटे, तो कहानी पूरी तरह बदल चुकी थी.
मैच की दोनों पारियों के 40 ओवर समाप्त होने के बाद जब आधिकारिक स्कोरकार्ड सामने आया, तो हर कोई हैरान रह गया. स्कोरिंग की एक गलती के सुधार के बाद अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) का स्कोर 50 से घटकर 49 रन (20 गेंद) रह गया था. यानी जिस अर्धशतक का जश्न उन्होंने मैदान पर मनाया था, वह रिकॉर्ड किताबों में कभी दर्ज ही नहीं हुआ.
कैसे शुरू हुआ ‘एक रन’ का यह भ्रम
इस पूरे भ्रम की शुरुआत भारतीय पारी के दूसरे ओवर की आखिरी गेंद पर हुई थी. अभिषेक शर्मा क्रीज पर पैर जमा चुके थे और आक्रामक मूड में नजर आ रहे थे. गेंदबाज ने लेग साइड की तरफ एक लेंथ डिलीवरी फेंकी, जिस पर अभिषेक ने पुल शॉट खेलने का प्रयास किया. हालांकि, गेंद उनके बल्ले पर आने के बजाय सीधे उनके थाई पैड (जांघ के पैड) से टकराई और फाइन लेग की दिशा में लुढ़क गई. इस बीच दोनों बल्लेबाजों ने दौड़कर एक रन पूरा कर लिया. मैदान पर मौजूद ऑफिशियल स्कोरर ने शुरुआती तौर पर इसे अभिषेक के बल्ले से निकला रन मान लिया और उनके व्यक्तिगत खाते में एक रन जोड़ दिया. चूंकि लाइव मैच के दौरान चीजें बहुत तेजी से बदलती हैं, इसलिए किसी का ध्यान इस पर तुरंत नहीं गया.
अभिषेक शर्मा की फिफ्टी पर फिरा पानी.
रिव्यू के बाद बदला गया फैसला
जब मैच आगे बढ़ा और तकनीकी टीम ने इस गेंद का दोबारा रीप्ले देखा, तो यह साफ हो गया कि गेंद अभिषेक के बल्ले से नहीं बल्कि उनके पैड से टकराकर गई थी. क्रिकेट के नियमों के अनुसार, इसे बल्लेबाज का रन नहीं बल्कि ‘लेग-बाय’ (अतिरिक्त रन) माना जाना चाहिए था. मैच के दौरान ही बैक-एंड पर इस फैसले को संशोधित किया गया. इस सुधार से टीम इंडिया के कुल स्कोर पर तो कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि रन अभी भी भारत के खाते में ही जुड़ा था, लेकिन अभिषेक शर्मा का व्यक्तिगत स्कोर एक रन कम हो गया और वह रन भारत के ‘एक्स्ट्रा’ रनों की सूची में डाल दिया गया.
मैदान पर मनाया ‘अधूरा’ जश्न
इस पूरी कागजी और तकनीकी कार्रवाई से बेखबर, अभिषेक शर्मा मैदान पर अपनी धुआंधार बल्लेबाजी का लुत्फ उठा रहे थे. उनके दिमाग में स्कोरर द्वारा की गई शुरुआती एंट्री ही चल रही थी. जब उन्होंने अपनी 20वीं गेंद खेली, तो उन्हें लगा कि उन्होंने अपना पचासा पूरा कर लिया है. उन्होंने पूरे जोश के साथ अपना बल्ला हवा में लहराया और अर्धशतक का जश्न मनाया. नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े साथी खिलाड़ी और ड्रेसिंग रूम में बैठे कोच व खिलाड़ियों ने भी खड़े होकर तालियां बजाईं.
अभिषेक की कोई गलती नहीं थी
मैच के दौरान बल्लेबाजों के पास केवल वही जानकारी होती है जो मैदान के बड़े स्कोरबोर्ड पर दिखती है. चूंकि वहां उस समय सुधार अपडेट नहीं हुआ था, इसलिए अभिषेक का अपने अर्धशतक पर विश्वास करना और जश्न मनाना पूरी तरह से स्वाभाविक था.
क्या कहता है आईसीसी का नियम
मैच खत्म होने के बाद स्कोरकार्ड में इस तरह के बदलाव को लेकर कई क्रिकेट फैंस के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या मैच खत्म होने के बाद स्कोर बदला जा सकता है? इसका जवाब आईसीसी के नियमों में छिपा है. आईसीसी के मेन्स टी20आई प्लेइंग कंडीशंस के क्लॉज 16.8 के तहत अंपायरों और स्कोरर को मैच खत्म होने के बाद भी गलतियों को सुधारने का पूरा अधिकार है. इस नियम के अनुसार, ‘यदि खिलाड़ी और अंपायर मैच समाप्त होने के विश्वास के साथ मैदान से बाहर चले गए हैं, और बाद में अंपायरों को पता चलता है कि स्कोरिंग में कोई ऐसी गलती हुई है जो मैच के परिणाम को प्रभावित करती है, तो वे क्लॉज 16.9 के अधीन रहते हुए आवश्यक प्रक्रिया अपनाएंगे.’ हालांकि, भारत-आयरलैंड के इस मैच में इस एक रन के सुधार से मैच के अंतिम परिणाम (जीत-हार) पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन नियमों के मुताबिक अंपायर दोनों टीमों के कप्तानों को इस सुधार के बारे में सूचित करने के लिए बाध्य थे.
कब नहीं बदला जा सकता स्कोरकार्ड
इस नियम में एक बेहद महत्वपूर्ण शर्त भी शामिल है. क्लॉज 16.9 के अनुसार, स्कोरकार्ड में बदलाव केवल तभी तक संभव है जब तक आधिकारिक सहमति न बन गई हो. नियम कहता है कि एक बार जब अंपायरों ने मैच की समाप्ति पर स्कोरर के साथ स्कोर की सटीकता पर पूरी तरह सहमति जता दी और साइन कर दिया, तो उसके बाद स्कोरकार्ड में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता. इस मामले में, अंपायरों के अंतिम रूप से सहमत होने से पहले ही इस गलती को पकड़ लिया गया था, जिसके कारण अभिषेक शर्मा का वह बहुमूल्य रन उनके खाते से हटा दिया गया.


