Last Updated:
चंदौली के मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन का बुलडोजर अभियान लगातार जारी है. पड़ाव से गोधना बाईपास तक पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे रोड विस्तार कार्य के तहत 300 से ज्यादा दुकानों, मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हटाया जा चुका है. इस कार्रवाई में समाजवादी पार्टी का कार्यालय भी ध्वस्त कर दिया गया, जिससे इलाके में हलचल मच गई. प्रशासन का कहना है कि नोटिस और मार्किंग के बाद ही यह कार्रवाई की जा रही है.
चंदौली: जिले के प्रमुख शहर मुगलसराय में शुक्रवार को सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन ने बुलडोजर चलाया. पीडब्ल्यूडी विभाग पड़ाव से गोधना बाईपास तक सड़क को चौड़ा करने का कार्य कर रहा है. इसी के तहत सड़क के दोनों तरफ सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए पिछले एक सप्ताह से अभियान जारी है. इस कार्रवाई में अब तक 300 से अधिक दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, निजी मकानों, मस्जिदों और समाजवादी पार्टी के कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया है. एसडीएम अनुपम मिश्रा की देखरेख में मार्किंग और नोटिस की प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह कार्रवाई की गई.
मलबे में तब्दील हुई इमारत
दरअसल, शुक्रवार को चल रहे इस अभियान में सबसे ज्यादा चर्चा समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर हुई कार्रवाई की रही. सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने के कारण प्रशासन ने भारी फोर्स की मौजूदगी में सपा दफ्तर को जमींदोज कर दिया. बुलडोजर के गरजते ही दफ्तर का वह हिस्सा ढह गया, जो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाया गया था. मौके पर मौजूद भारी भीड़ और सुरक्षा की दृष्टि से तैनात पुलिस बल के बीच यह बड़ी कार्रवाई पूरी की गई.
300 से ज्यादा निर्माण ढहे
मुगलसराय में यह बुलडोजर एक्शन पिछले एक सप्ताह से ज्यादा समय से चल रहा है. प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 300 से ज्यादा छोटे-बड़े निर्माण तोड़े जा चुके हैं. इसमें व्यावसायिक प्रतिष्ठान, निजी आवास, मस्जिदों के हिस्से और कॉलेजों की बाउंड्री शामिल हैं. शहर के बीचों-बीच स्थित पुराने जीटी रोड के किनारे दशकों से जमी दुकानों पर जब प्रशासन का पीला पंजा चला, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
बदल जाएगी शहर की सूरत
यह पूरी कवायद चंदौली-वाराणसी सीमा पर स्थित पड़ाव से लेकर गोधना बाईपास तक सड़क को चौड़ा करने के लिए की जा रही है. शहर के उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बाकायदा नापी कर मार्किंग की थी. जिन लोगों ने मार्किंग के बाद खुद अपना अतिक्रमण नहीं हटाया, वहां प्रशासन को बलपूर्वक कार्रवाई करनी पड़ी. दशकों पुराने इन प्रतिष्ठानों के टूटने से कई लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है, लेकिन विकास कार्यों को देखते हुए यह अभियान लगातार जारी है.
सुरक्षा के किए कड़े इंतजाम
एसडीएम अनुपम मिश्रा ने लोकल 18 से बताया कि इस कार्रवाई से पहले व्यापारियों के साथ बैठक की गई थी और बकायदा अनाउंसमेंट कराकर नोटिस भी दिए गए थे. सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे. व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की मार्किंग के बाद खुद भी सहयोग किया है, लेकिन अतिक्रमण के रेंज में आने वाले हिस्सों को हटाने के लिए बुलडोजर का सहारा लेना पड़ रहा है.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


