7.1 C
Munich

दिल्ली से दूर तमिलनाडु में केजरीवाल-स्टालिन की ‘जुगलबंदी’, क्या 2029 के बड़े मोर्चे की तैयारी?

Must read


होमताजा खबरदेश

तमिलनाडु: केजरीवाल-स्टालिन की ‘जुगलबंदी’, क्या 2029 के बड़े मोर्चे की तैयारी?

Last Updated:

Arvind Kejriwal M K Stalin News: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के रण में उत्तर और दक्षिण की ‘दोस्ती’ ने एक नया सियासी रोमांच भर दिया है. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन के समर्थन में वोट मांगने चेन्नई पहुंचे हैं. क्या यह केवल एक राज्य का चुनाव है या फिर 2029 की दिल्ली की सत्ता के लिए बुनी जा रही एक बड़ी बिसात का संकेत है?

Zoom

अरविंद केजरीवाल और एम के स्टालिन का मेगा शो

Arvind Kejriwal M K Stalin News: तमिलनाडु चुनाव के अंतिम दौर में अरविंद केजरीवाल ने चेन्नई पहुंचकर स्टालिन के पक्ष में हुंकार भरी है. ‘झूठे मामलों’ और ‘जेल’ के दर्द को साझा करते हुए दोनों नेताओं ने शिक्षा-स्वास्थ्य के साझा विजन को ‘गवर्नेंस 2.0’ का नाम दिया है. चेन्नई में दोनों नेताओं के रोड-शो ने 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए एक नए तीसरे मोर्चे की तैयारी है? तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान से ठीक पहले चेन्नई की सड़कों पर एक अलग ही सियासी नजारा देखने को मिला. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के साथ एक मंच पर नजर आए. स्टालिन ने केजरीवाल का स्वागत करते हुए उन्हें अपना ‘भाई’ बताया और उनके संघर्षों की जमकर तारीफ की. फिर दोनों ने बाद में चेन्नई में रोड-शो किया. राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को केवल तमिलनाडु चुनाव तक सीमित नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे 2029 के आम चुनाव के लिए ‘स्टालिन-केजरीवाल’ की एक नई धुरी के रूप में देखा जा रहा है.

रोड-शो को संबोधित करते हुए एम.के. स्टालिन ने केजरीवाल का पक्ष लेते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के झूठे मामले दर्ज किए और उन्हें सलाखों के पीछे डाला. लेकिन सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं. केजरीवाल ने अदालतों के जरिए अपनी बेगुनाही साबित की और आज वे हमारे बीच खड़े हैं.’ स्टालिन ने इस बहाने केंद्र सरकार पर ‘एजेंसी के दुरुपयोग’ का आरोप लगाते हुए तमिलनाडु की जनता से भाजपा और उसके सहयोगियों को सबक सिखाने की अपील की.

‘झूठे मामलों का दर्द और अदालती जीत’

केजरीवाल ने चेन्नई में कहा कि वे और स्टालिन शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के मामले में एक ही विजन साझा करते हैं. स्टालिन ने इस चुनाव में ‘द्रविड़ियन मॉडल 2.0’ का वादा किया है, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं को अगले स्तर पर ले जाने की बात कही गई है. केजरीवाल ने इस विजन का समर्थन करते हुए कहा कि जिस तरह दिल्ली ने शिक्षा में क्रांति की, वैसा ही काम स्टालिन तमिलनाडु में कर रहे हैं. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के शासन से सीखने की बात कही, जिसे विश्लेषक भविष्य के एक ‘कॉमन नेशनल एजेंडा’ के तौर पर देख रहे हैं.

इस मुलाकात का सबसे महत्वपूर्ण एंगल 2029 का लोकसभा चुनाव है. कयास लगाए जा रहे हैं कि स्टालिन और केजरीवाल मिलकर एक ऐसा राष्ट्रीय विकल्प तैयार करना चाहते हैं जो क्षेत्रीय अस्मिता और जन-कल्याण  पर आधारित हो. तमिलनाडु में स्टालिन का ‘2.0’ मॉडल अगर सफल होता है, तो वे इसे राष्ट्रीय स्तर पर पेश करने की ताकत रखेंगे. केजरीवाल का दक्षिण भारत में आकर स्टालिन के लिए प्रचार करना यह दिखाता है कि ‘इंडिया गठबंधन’ के भीतर भी एक ऐसी मजबूत उप-धुरी तैयार हो रही है जो दिल्ली और दक्षिण के बीच सेतु का काम करेगी.





Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article