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धनंजय सिंह पर हमले का मामला, चली थी ताबड़तोड़ गोलियां, अब 24 साल बाद फैसले की घड़ी करीब

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Dhananjay Singh Case Update: वाराणसी में 24 साल पुराने बहुचर्चित हमले के मामले में बड़ी कानूनी हलचल देखने को मिली है. पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर वर्ष 2002 में हुए जानलेवा हमले से जुड़े केस में अब सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. लंबे समय से विचाराधीन इस मामले में बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष दोनों ने अपनी अंतिम दलीलें पेश कर दी है. इस हमले में सपा से बागी विधायक अभय सिंह समेत कई लोगों को नामजद किया गया था. अब 13 अप्रैल को संभावित फैसले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि यह निर्णय वर्षों पुराने विवाद पर अंतिम मुहर लगा सकता है.

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धनंजय सिंह हमले केस में बड़ी अपडेट

UP News: वाराणसी में बहुचर्चित 24 साल पुराने हमले के मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है. पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हुए हमले से जुड़े केस में एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. अब इस मामले में 13 अप्रैल को फैसला सुनाए जाने की संभावना जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि सुनवाई के दौरान पूर्व सांसद धनंजय सिंह खुद कोर्ट में मौजूद रहे. बचाव पक्ष ने अपनी अंतिम दलीलें कोर्ट के सामने रखी, वहीं वादी और अभियोजन पक्ष ने भी अपना पक्ष मजबूती से रखा. दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.

ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई
यह मामला साल 2002 का है. जब धनंजय सिंह पर जानलेवा हमला हुआ था. उस समय उन पर उनके गनर और ड्राइवर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई थी. इस हमले में मुख्य आरोपी के तौर पर सपा से बागी विधायक अभय सिंह का नाम सामने आया था. इसके अलावा एमएलसी विनीत सिंह समेत करीब सात लोगों को इस मामले में नामजद किया गया था.

केस में अंतिम बहस पूरी
घटना के बाद यह मामला काफी सुर्खियों में रहा और लंबे समय से अदालत में विचाराधीन था. अब करीब 24 साल बाद इस केस में अंतिम बहस पूरी हो चुकी है. जिससे फैसले का इंतजार तेज हो गया है. सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों पक्षों के समर्थकों की निगाहें अदालत के फैसले पर टिक गई है.

विवाद पर अंतिम मुहर
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी. अदालत परिसर में पुलिस बल तैनात रहा. ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो. अब 13 अप्रैल को आने वाले फैसले पर सबकी नजरें टिकी है, क्योंकि यह निर्णय लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर अंतिम मुहर लगा सकता है.

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Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें



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