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नोट करें टाइम… सीट के लिए लड़ाई खत्म! मिडिल बर्थ को लेकर भारतीय रेलवे ने बदले नियम, क्या है नया समय? जानें

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Train Middle Berth Rules 2026: भारतीय रेलवे ने ट्रेन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मिडिल बर्थ सीट को लेकर नए नियम स्पष्ट किए हैं. अक्सर सफर के दौरान मिडिल बर्थ खोलने को लेकर यात्रियों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती थी, खासकर दिन के समय. रेलवे के अनुसार अब मिडिल बर्थ को केवल निर्धारित समय के दौरान ही खोला जा सकेगा. नियमों के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक यात्री मिडिल बर्थ का उपयोग कर सकते हैं, जबकि दिन के समय नीचे वाली सीट पर बैठे यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी. रेलवे का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य सभी यात्रियों को आरामदायक और विवाद-मुक्त यात्रा अनुभव देना है. यदि कोई यात्री नियमों का उल्लंघन करता है तो शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है.

अगर आप भी भारतीय रेल में सफर कर रहे हैं, खासतौर पर मिडिल बर्थ सीट पर यात्रा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है. ट्रेन में मिडिल बर्थ को लेकर यात्रियों के बीच अक्सर होने वाले झगड़ों और विवादों को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने नई एडवाइजरी जारी की है.

करौली

रेलवे ने साफ कर दिया है कि मिडिल बर्थ को खोलने और बंद करने के नियम तय हैं और सभी यात्रियों को इनका पालन करना होगा. कोटा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि रेलवे बोर्ड के कमर्शियल सर्कुलर नंबर 60/2017 के अनुसार आरक्षित कोचों में मिडिल बर्थ केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही खोली जा सकती है.

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रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन में सबसे ज्यादा विवाद मिडिल बर्थ को लेकर ही सामने आते हैं. कई बार यात्री दिन में भी मिडिल बर्थ खोलकर सो जाते हैं, जिससे नीचे बैठे यात्रियों को परेशानी होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने एक बार फिर नियमों को लेकर यात्रियों को जागरूक किया है.

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इसके अलावा रेलवे ने अन्य सीटों के नियम भी बताए हैं. लोअर बर्थ वाले यात्री को दिन के समय अपनी सीट दूसरे सहयात्रियों के साथ साझा करनी होगी. वहीं अपर बर्थ वाला यात्री पूरे दिन अपनी सीट का उपयोग कर सकता है. साइड लोअर बर्थ पर आरएसी यात्री के साथ सीट साझा करनी पड़ सकती है, जबकि साइड अपर बर्थ वाले यात्री को रात में अपनी सीट पर जाना होगा.

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रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जानकारी के अभाव में अक्सर ट्रेन में अनावश्यक विवाद हो जाते हैं. ऐसे में यात्रियों को यात्रा से पहले नियमों की जानकारी जरूर रखनी चाहिए ताकि सफर बिना किसी परेशानी के पूरा हो सके. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, बीमार यात्रियों और गर्भवती महिलाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखें.

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कोटा मंडल द्वारा जारी की गई नई एडवाइजरी के अनुसार सुबह 6 बजे के बाद मिडिल बर्थ को बंद रखना जरूरी होगा ताकि लोअर बर्थ पर बैठे यात्री आराम से बैठ सकें और दिन में परेशानी न हों.

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रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी को नियमों को लेकर आपत्ति या विवाद हो तो यात्रा टिकट परीक्षक यानी टीटीई को नियम लागू कराने का अधिकार होगा. ऐसे में टीटीई का फैसला मानना यात्रियों के लिए जरूरी होगा.

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