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UP News : आयोग पंचायत निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति और प्रभावों का अध्ययन करेगा. 6 माह के अंदर OBC आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट देगा. चुनाव से ठीक पहले योगी सरकार के इस फैसले को अखिलेश यादव के पीडीए का काट माना जा रहा है. रिटायर्ड जस्टिस राम अवतार सिंह पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बनाए गए हैं. रिटायर्ड ADJ ब्रजेश कुमार और संतोष विश्वकर्मा सदस्य बने. इनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से 6 माह के लिए हुई है.
योगी सरकार के इस फैसले को पीडीए की काट माना जा रहा है.
लखनऊ. यूपी में पंचायत चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. योगी सरकार ने UP राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन दिया है. ये नियुक्ति त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग में की गई है. 5 सदस्यीय होगा पिछड़ा वर्ग आयोग. रिटायर्ड जस्टिस राम अवतार सिंह पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बनाए गए हैं. रिटायर्ड ADJ ब्रजेश कुमार और संतोष विश्वकर्मा सदस्य बने. रिटायर्ड IAS अरविन्द चौरसिया और एसपी सिंह भी सदस्य बनाए गए हैं. इनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से 6 माह के लिए हुई है. आयोग पंचायत निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति और प्रभावों का अध्ययन करेगा. पिछड़ा वर्ग आयोग 6 माह के अंदर OBC आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट देगा. चुनाव से ठीक पहले योगी सरकार के इस फैसले को सपा मुखिया अखिलेश यादव के पीडीए का काट माना जा रहा है.
कानून अड़चन दूर
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के लिए समर्पित आयोग का गठन करने संबंधी अधिसूचना मंगलवार को जारी की गई थी. इस आयोग के गठन से पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी कानूनी अड़चन दूर हो गई है. हालांकि, पंचायत चुनाव के टालने की पूरी संभावना है. पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी बताया कि पंचायत चुनाव तक प्रधानों-प्रमुखों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी है. इसके लिए शासन को पत्र भी भेजा गया है.
26 मई को प्रधानों का कार्यकाल खत्म
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के मुताबिक, विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है जिसमें प्रशासकों के माध्यम से ग्राम प्रधानों और प्रमुखों का कार्यकाल बढ़ाया जाए. राजभर ने कहा कि सपा ने पंचायत चुनाव टालने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डलवाई थी. ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा. शासन को प्रशासक समिति के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को सौंपने का प्रस्ताव भेजा गया. ग्राम प्रधान के साथ ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल भी प्रशासक समिति के माध्यम से बढ़ेगा. ऐसी स्थिति में पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होने की उम्मीद है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें


