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मार्च 2021 में एंटीगुआ के मैदान पर जो हुआ, उसने इस कहावत को एक नई परिभाषा दे दी. श्रीलंका और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में एक ऐसा दुर्लभ संयोग बना, जो क्रिकेट जगत में इससे पहले कभी नहीं देखा गया था.
अकिला धनंजय ने लिया हैट्रिक फिर उसी मैच में पोलार्ड ने मार दिया 6 छक्के
नई दिल्ली. एक ही मैच में अर्श से फर्श तक पहुंचने की कहानी देखनी हो, तो श्रीलंका के स्पिनर अकिला धनंजय का वह मैच याद कर लीजिए. क्रिकेट के इतिहास में शायद ही किसी खिलाड़ी ने 10 मिनट के भीतर ‘हीरो’ से ‘जीरो’ बनने का ऐसा सफर तय किया होगा.
क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन मार्च 2021 में एंटीगुआ के मैदान पर जो हुआ, उसने इस कहावत को एक नई परिभाषा दे दी. श्रीलंका और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में एक ऐसा दुर्लभ संयोग बना, जो क्रिकेट जगत में इससे पहले कभी नहीं देखा गया था. इस मैच के केंद्र में थे श्रीलंकाई स्पिनर अकिला धनंजय और कैरेबियाई पावर-हाउस किरोन पोलार्ड.
अकिला का जादुई स्पेल: हैट्रिक की गूँज
मैच की शुरुआत में ऐसा लगा कि यह दिन अकिला धनंजय के नाम रहने वाला है अपने दूसरे ही ओवर (पारी के चौथे ओवर) में उन्होंने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. अकिला ने लगातार तीन गेंदों पर इविन लुईस, क्रिस गेल और निकोलस पूरन जैसे दिग्गजों को आउट कर सनसनी फैला दी. क्रिस गेल जैसे बल्लेबाज को पहली ही गेंद पर एलबीडब्ल्यू करना किसी भी गेंदबाज के लिए सपने जैसा होता है. अकिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय में हैट्रिक लेने वाले श्रीलंका के तीसरे गेंदबाज बन गए थे. उस वक्त तक अकिला के आंकड़े थे: 2 ओवर, 17 रन और 3 विकेट.
पोलार्ड का पलटवार: 6 गेंदों में 6 छक्के
अभी मैच का सबसे बड़ा ड्रामा बाकी था. अकिला अपना अगला ओवर (पारी का छठा ओवर) डालने आए। स्ट्राइक पर थे वेस्टइंडीज के कप्तान किरोन पोलार्ड. अकिला ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि जिस हैट्रिक की खुशी वो मना रहे हैं, वह अगले 6 मिनट में एक दुःस्वप्न में बदल जाएगी. पहली गेंद पर पोलार्ड ने घुटने टेके और काउ-कॉर्नर के ऊपर से गगनचुंबी छक्का जड़ा. दूसरी गेंद पर सीधी गेंद और पोलार्ड ने इसे सीधा गेंदबाज के सिर के ऊपर से स्टैंड्स में पहुँचाया. तीसरी गेंद पर लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से एक और करारा प्रहार.चौथी गेंद पर अकिला ने दिशा बदलने की कोशिश की, लेकिन पोलार्ड ने डीप मिड-विकेट पर छक्का जड़ दिया. पांचवीं गेंद: फिर से वही हश्र, गेंद बाउंड्री के पार. स्टेडियम में शोर बढ़ चुका था. छठी गेंद और आखिरी गेंद पर पोलार्ड ने मिड-विकेट की तरफ छक्का लगाकर इतिहास रच दिया.
अनोखा और दर्दनाक रिकॉर्ड
इस एक ओवर ने मैच का पासा पलट दिया.अकिला धनंजय दुनिया के पहले ऐसे गेंदबाज बन गए जिन्होंने एक ही मैच में हैट्रिक भी ली और उसी मैच में 6 छक्के भी खाए. युवराज सिंह और हर्शल गिब्स के बाद पोलार्ड अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ओवर में 6 छक्के मारने वाले तीसरे बल्लेबाज बने. यह मैच क्रिकेट की क्रूरता और खूबसूरती दोनों का उदाहरण है जहाँ अकिला ने अपनी कला से दुनिया को चौंकाया, वहीं पोलार्ड ने अपनी ताकत से यह साबित कर दिया कि खेल में वापसी कभी भी की जा सकती है. अकिला धनंजय का नाम आज भी क्रिकेट इतिहास के उन पन्नों में दर्ज है, जहाँ एक ही दिन में उन्होंने जीत का स्वाद भी चखा और हार की कड़वाहट भी झेली.


