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Who is Smaran Ravichandran: कर्नाटक के होनहार बाएं हाथ के बल्लेबाज स्मरण रविचंद्रन ने कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल डेब्यू किया. 22 वर्षीय स्मरण ने घरेलू क्रिकेट में 73.04 की औसत से रन बनाकर अपनी अलग छाप छोड़ी है. 2025 विजय हजारे ट्रॉफी फाइनल में शानदार शतक जड़कर उन्होंने सुर्खियां बटोरी थीं. चोट के कारण पिछले सीजन से बाहर रहने के बावजूद सनराइजर्स ने उनकी क्षमता पर अटूट भरोसा जताते हुए उन्हें 2026 सीजन के लिए रिटेन किया, जिसका परिणाम आज उनके शानदार डेब्यू के रूप में सामने आया.
स्मरण रविचंद्रन डोमेस्टिक क्रिकेट में तीन दोहरे शतक जड़ चुके हैं.
नई दिल्ली. स्मरण रविचंद्रन को आईपीएल में आखिरकार डेब्यू का मौका मिल गया. सनराइजर्स हैदराबाद ने इस खिलाड़ी को कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ मैच में डेब्यू कराया. जब स्मरण मैदान पर उतरे, तो यह महज एक खिलाड़ी का डेब्यू नहीं था, बल्कि एक प्रतिभाशाली युवा के संघर्ष, धैर्य और अटूट विश्वास की जीत थी. कर्नाटक के रहने वाले 22 वर्षीय स्मरण रविचंद्रन भारतीय घरेलू क्रिकेट के उभरते हुए सितारों में से एक हैं. लेफ्ट हैंड के मध्यक्रम के बल्लेबाज के रूप में उन्होंने बहुत कम समय में अपनी तकनीक और बड़े स्कोर करने की क्षमता से सबको प्रभावित किया है. उनकी बल्लेबाजी शैली में एक विशेष किस्म की शांति और परिपक्वता है, जो आमतौर पर कम उम्र के खिलाड़ियों में कम देखने को मिलती है.
घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार
स्मरण रविचंद्रन (Smaran Ravichandran) का नाम आज हर तरफ इसलिए है क्योंकि उनके आंकड़े खुद उनकी कहानी बयां करते हैं. उन्होंने 2024-25 के घरेलू सीजन में कर्नाटक के लिए पदार्पण किया और तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा. अगर हम उनके प्रथम श्रेणी करियर पर नजर डालें, तो उन्होंने 17 मैचों में 1534 रन बनाए हैं. उनका औसत 73.04 का है, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए एक असाधारण उपलब्धि है. इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में निरंतरता दिखाते हुए तीन दोहरे शतक (Double Centuries) भी जड़े हैं. यह आंकड़े साबित करते हैं कि स्मरण न केवल टिककर खेलने में माहिर हैं, बल्कि पारी को लंबी करने की उनमें अद्भुत कला है.
विजय हजारे ट्रॉफी में पहचान मिली
स्मरण के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 2025 की विजय हजारे ट्रॉफी का फाइनल था. एक बड़े टूर्नामेंट के फाइनल का दबाव किसी भी खिलाड़ी को तोड़ सकता है, लेकिन स्मरण ने उस दिन कुछ और ही सोचा था. विदर्भ जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जब उनकी टीम को रनों की सख्त जरूरत थी, तब स्मरण ने शानदार 101 रनों की नाबाद पारी खेलकर कर्नाटक को जीत दिलाई और खिताब अपने नाम किया. उसी दिन क्रिकेट जगत को समझ आ गया था कि भारत को एक नया ‘मैच-विनर’ मिल गया है.
सनराइजर्स का भरोसा और चोट से वापसी की कहानी
स्मरण रविचंद्रन का आईपीएल तक का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. 2025 के सीजन में उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद ने एडम ज़म्पा के रिप्लेसमेंट के तौर पर महज 30 लाख रुपये की बेस प्राइस में अपनी टीम में शामिल किया था. यह एक बड़ा अवसर था, लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था. पिछले साल एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में वह चोटिल हो गए. आमतौर पर, आईपीएल जैसी प्रतिस्पर्धी लीग में चोटिल खिलाड़ियों को अक्सर टीम से रिलीज कर दिया जाता है. लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद का प्रबंधन, जिसने उनकी प्रतिभा और क्षमता को करीब से देखा था, ने उन पर भरोसा बनाए रखा। फ्रेंचाइजी ने उन्हें 2026 सीजन के लिए रिटेन किया. यह रिटेंशन केवल एक कागजी कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह उनके प्रति टीम के विश्वास का प्रतीक था. आज जब वह कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ मैदान पर उतरे, तो यह उसी विश्वास का परिणाम था. उन्होंने साबित कर दिया कि फ्रेंचाइजी ने जो निवेश उन पर किया था, वह बिल्कुल सही था.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


