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बाराबंकी की अंशिका वर्मा बनी टॉपर, 97.83% के साथ प्रदेश में पहला स्थान

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बाराबंकी की छात्राओं ने यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया. जैदपुर के द मॉडर्न एकेडमी इंटर कॉलेज की अंशिका वर्मा ने 97.83% अंक के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, जबकि अदिति वर्मा और परी वर्मा ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया. खास बात यह रही कि टॉप-3 में सभी स्थान ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों ने हासिल किए, जिससे पूरे जिले में खुशी की लहर है.

बाराबंकी: गुरुवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जिलेभर में उत्साह का माहौल बन गया. बाराबंकी के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया. इस बार खास उपलब्धि यह रही कि हाईस्कूल की प्रदेश स्तरीय टॉप तीनों स्थान ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं ने हासिल कर नया इतिहास रच दिया. जैदपुर क्षेत्र के द मॉडर्न एकेडमी इंटर कॉलेज की छात्रा अंशिका वर्मा ने 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया. उनकी इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई. स्कूल परिसर में अंशिका को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा, जहां शिक्षकों और अभिभावकों ने उनकी मेहनत और लगन की सराहना की.

यूपी में दूसरा स्थान

वहीं, इसी विद्यालय की अदिति वर्मा ने 97.50 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया. अदिति भविष्य में न्यूरोलॉजिस्ट बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं. मौथरी गांव निवासी किसान शैलेंद्र कुमार की पुत्री परी वर्मा ने 97.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया. परी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए इंजीनियर बनने की इच्छा जताई.

इंजीनियर बनना चाहती हैं अंशिका

97.83 प्रतिशत अंक पाने वाली अंशिका वर्मा एक साधारण परिवार से हैं. उनकी सफलता ने सभी को गौरवान्वित किया है. उनके पिता एक किसान हैं, जबकि माता गृहिणी हैं. परिवार सीमित संसाधनों में जीवनयापन करता है. वहीं, अंशिका ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है. उनका सपना है कि वह आगे की पढ़ाई कर इंजीनियर बनें.

मेरी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को जाता है

अंशिका वर्मा ने बताया, मेरी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को जाता है, क्योंकि मेरे पिता एक किसान हैं. वह बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन कभी भी मुझे पढ़ाई करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी. उन्होंने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया. हमने पढ़ाई का एक टाइम टेबल बनाया था. स्कूल से आने के बाद मैं रोज 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थी, जिसकी वजह से आज यह मुकाम हासिल कर पाई हूं. मेरा आगे का सपना है कि मैं इंजीनियर बनकर देश की सेवा करूं.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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