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Maharajganj tousit place: नेपाल के नारायणी-गंडक नदी का किनारा जिसे हम बी–गैप के नाम से भी जानते हैं. बी-गैप अपने बेहतरीन भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए लोगों के बीच एक खास जगह बनाता है. यहां खड़ा होने के बाद हमें नेपाल के सुंदर पहाड़ों का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है. वहीं बिहार में मौजूद वाल्मीकिनगर के टाइगर रिजर्व की खूबसूरती भी यहां से दिखती है. इसके साथ ही नेपाल के पहाड़ों से निकलकर आने वाली नदी का पानी तो अपने जल स्तर और लहरों से पर्यटकों को अपनी ओर खींच लेता है.
महराजगंज: महराजगंज जिला पड़ोसी देश नेपाल के साथ सीमा साझा करता है. यही वजह है इसकी प्राकृतिक खूबसूरती और भी बढ़ जाती है. नेपाल के पहाड़ों से निकलकर आने वाली नदियां, पहाड़ों की खूबसूरत वादियां, इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं. भारत नेपाल सीमा क्षेत्र में कई ऐसे पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जो प्रकृति की खूबसूरती को अपने अंदर समेटे हुए हैं तो वहीं बॉर्डर से नजदीक नेपाल में भी कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां इंडिया से भी एक बड़ी संख्या में लोग घूमने के लिए जाते हैं. इनमें से ही एक जगह है बी–गैप, जो अपने प्राकृतिक खूबसूरती से यहां आने वाले लोगों का दिल जीत लेता है.
नारायणी–गंडक का किनारा बनाता है बी-गैप
नेपाल के नारायणी-गंडक नदी का किनारा जिसे हम बी-गैप के नाम से भी जानते हैं. बी-गैप अपने बेहतरीन भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए लोगों के बीच एक खास जगह बनाता है. यहां खड़ा होने के बाद हमें नेपाल के सुंदर पहाड़ों का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है. वहीं बिहार में मौजूद वाल्मीकिनगर के टाइगर रिजर्व की खूबसूरती भी यहां से दिखती है. इसके साथ ही नेपाल के पहाड़ों से निकलकर आने वाली नदी का पानी तो अपने जल स्तर और लहरों से पर्यटकों को अपनी ओर खींच लेता है.
इसके दोनों ओर फैली हरियाली, उत्तर दिशा में दिखने वाली पहाड़ों को वादियां और कल-कल बहती नदी का पानी लोगों का मन मोह लेता है. प्रकृति की गोद में बसा यह क्षेत्र शांत वातावरण, सुकून और बेहद शानदार नजारों की वजह से यह प्राकृतिक खूबसूरती से भरा पर्यटन स्थल है. नदी के किनारे बैठ कर आप किसी भी चीज को भूल जाते हैं क्योंकि यहां के नदी का बहता पानी आपको अपने मधुर कल–कल की आवाज में खींच लेता है.
शांत वातावरण और प्रकृति की खूबसूरती से समृद्ध
बी-गैप की बात करें तो भारत नेपाल सीमा से सटा नारायणी-गंडक नदी के किनारे बना एक महत्वपूर्ण बाढ़ सुरक्षा तटबंध है, जो नेपाल के नवलपरासी जिले के सुस्ता गांव पालिका और उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के झूलनीपुर क्षेत्र के पास नारायणी नदी के किनारे स्थित है. भारत नेपाल सीमा से नजदीक होने की वजह से यह क्षेत्र भारत और नेपाल दोनों ही देशों के लोगों के बीच आकर्षक का केंद्र है.
खास बात है कि यह जगह भले ही नेपाल में है लेकिन एक बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं और यहां के शांत वातावरण और प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेते हैं. खासकर यहां महराजगंज जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों से लोग आते हैं और यहां के प्राकृतिक नज़ारों का लुफ्त उठाते हैं. यहां पहुंचने के बाद सबसे पहले किसी भी पर्यटक का नजर नदी के कल-कल बहती पानी और पहाड़ों की वादियों की तरफ जाता है. नेपाल के पहाड़ों से निकलकर नदी पूरे इस क्षेत्र के खूबसूरती को और भी अधिक समृद्ध बना दे देती है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें


