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Water crisis in Ghaziabad: गाजियाबाद के कैला भट्ठा और विजयनगर की आदर्श कॉलोनी में भीषण जल संकट गहरा गया है. कैला भट्ठा में कुल 34 सरकारी ट्यूबवेलों में से 13 पंप पिछले एक साल से खराब पड़े हैं, जिससे नाराज लोगों ने पार्षद दफ्तर पर प्रदर्शन किया. वहीं, आदर्श कॉलोनी के 500 परिवार एक महीने से पानी के लिए तरस रहे हैं. नगर निगम के अधिकारियों पर लापरवाही और झूठी फोटो लगाकर शिकायत बंद करने का आरोप है, जिससे जनता निजी टैंकर खरीदने को मजबूर है.
Water crisis in Ghaziabad: भीषण गर्मी के इस मौसम में जब लोगों को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत है, तब गाजियाबाद के दो बड़े इलाकों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है. नगर निगम की भारी लापरवाही के कारण कैला भट्ठा और विजयनगर की आदर्श कॉलोनी में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि कैला भट्ठा इलाके में कुल 34 सरकारी ट्यूबवेलों में से 13 पंप पिछले एक साल से पूरी तरह खराब पड़े हैं. जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है या यूं कहें कि वे पूरी तरह बेखबर बने हुए हैं. पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे परेशान लोगों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा और उन्होंने पार्षद कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया.
वार्ड-95 में चरमराई पेयजल व्यवस्था, पार्षद दफ्तर पर फूटा गुस्सा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजियाबाद के वार्ड नंबर 95 में आने वाले कैला भट्ठा इलाके की पेयजल व्यवस्था इस समय पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है. भीषण गर्मी में पानी न मिलने से नाराज स्थानीय निवासियों ने रविवार को स्थानीय पार्षद रुक्साना सैफी के आवास और कार्यालय का घेराव किया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस इलाके में लगे 5 हॉर्सपावर क्षमता के पांच मिनी ट्यूबवेल और 10 हॉर्सपावर क्षमता का एक मिनी ट्यूबवेल पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है. इतना ही नहीं, इलाके का सबसे बड़ा 30 हॉर्सपावर का पीएसी ट्यूबवेल भी करीब दो वर्षों से धूल फांक रहा है. सरकारी सिस्टम की इस सुस्ती का खामियाजा यहां की हजारों की आबादी भुगत रही है.
इन इलाकों में मचा है पानी के लिए हाहाकार
ट्यूबवेल और पानी के पंप खराब होने की वजह से कैला भट्ठा के कई प्रमुख हिस्सों में पानी की सप्लाई ठप है. सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल हैं:
- कैला भट्ठा मेन रोड
- कैला भट्ठा गली नंबर 2, 4, 5, 6, 7, 8, 13 और 14
- लालटेन फैक्ट्री क्षेत्र
- कैला चौक और उसके आसपास के इलाके
इन जगहों पर रहने वाले लोगों को सुबह-शाम रोजमर्रा के कामों और पीने के पानी के लिए दूर-दराज के इलाकों में भटकना पड़ रहा है या फिर महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है.
बड़े पंप सूख चुके हैं, रीबोर कराने की है सख्त जरूरत
मामले पर स्थानीय पार्षद रुक्साना सैफी ने बताया कि उनके वार्ड में स्थिति सचमुच चिंताजनक है. इलाके में लगे सात बड़े पानी के पंप पूरी तरह सूख चुके हैं, जिन्हें तुरंत रीबोर (फिर से खुदाई) कराने की जरूरत है. इसके अलावा 6 छोटे पंप भी पूरी तरह खराब हैं, जिनमें 30 एचपी का बड़ा पंप भी शामिल है. पार्षद का कहना है कि उन्होंने जनता की इस परेशानी को लेकर जलकल विभाग के महाप्रबंधक से लेकर नगर आयुक्त तक को कई बार लिखित शिकायतें भेजी हैं. इसके बावजूद अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है और कोई सुनवाई नहीं की जा रही.
आदर्श कॉलोनी के 500 परिवार एक महीने से प्यासे
जल संकट की ऐसी ही एक और खौफनाक तस्वीर विजयनगर की आदर्श कॉलोनी से सामने आई है. यहां पिछले एक महीने से पानी का गंभीर संकट बना हुआ है और करीब 500 परिवारों के हजारों लोग पानी के लिए तरस रहे हैं. स्थानीय निवासी शिवम राठौर ने बताया कि करीब एक महीने पहले कॉलोनी में पानी सप्लाई करने वाले पंप की मोटर जल गई थी. शिकायत के बाद नगर निगम ने आनन-फानन में यहाँ एक पुरानी मोटर तो लगा दी, लेकिन वो भी कुछ ही दिनों में जवाब दे गई. तब से लेकर आज तक इलाके में पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही है.
अधिकारियों का खेल, झूठी फोटो लगाकर बंद कर दी शिकायत!
नगर निगम के अधिकारियों की संवेदनहीनता यहीं खत्म नहीं होती. रेजिडेंट जतीन चौधरी ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि लोगों ने पानी की इस समस्या की शिकायत सरकारी हेल्पलाइन नंबर 1076 पर दर्ज कराई थी. लेकिन अधिकारियों ने मामले को सुलझाने के बजाय, किसी दूसरे इलाके की फोटो लगाकर शिकायत को ‘निस्तारित’ दिखा दिया और केस बंद कर दिया. आरोप है कि इतने बड़े जल संकट के बावजूद नगर निगम की ओर से इलाके में पानी के टैंकर तक नहीं भेजे जा रहे हैं. मजबूरी में यहां के गरीब और मध्यमवर्गीय लोग भारी पैसा खर्च करके निजी टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं.
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी?
जब इस पूरे मामले पर जलकल विभाग के महाप्रबंधक केपी आनंद से बात की गई, तो उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा, ‘सभी जेई (जूनियर इंजीनियर) से रिपोर्ट मांगी गई है कि क्षेत्र में कौन-कौन से पंप खराब पड़े हैं. उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं. जहां भी पंप खराब हैं, उनकी सूची मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा और लोगों की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता पर होगा.’ अब देखना यह होगा कि अधिकारियों के ये निर्देश सिर्फ कागजों तक सीमित रहते हैं या भीषण गर्मी से जूझ रही गाजियाबाद की जनता को सचमुच पानी मिल पाता है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें


