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unbreakable cricket records: इंग्लैंड के जैक हॉब्स ने 61 टेस्ट मैच खेलकर लगभग 57 की औसत के साथ 5410 रन बनाए. 22 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट में एक्टिव रहने वाले इस दिग्गज ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रनों और शतकों का अंबार लगाया. उनके नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे ज्यादा रनों का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है. यह एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसका आने वाले समय में टूटना नामुमकिन नजर आता है.
जैक हॉब्स फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज.
नई दिल्ली. जब हम बात महान क्रिकेटर्स की करते हैं, तो अक्सर जहन में सचिन तेंदुलकर या डॉन ब्रैडमैन का नाम सबसे पहले आता है. इन दोनों दिग्गजों ने 22 गज की पट्टी पर अपने पूरे करियर के दौरान राज किया. ब्रैडमैन और सचिन के नाम कई ऐसे कीर्तिमान हैं, जिनका भविष्य में टूटना असंभव जैसा लगता है. हालांकि, इनसे भी पहले कई ऐसे दिग्गज आए, जिनका नाम भले ही सचिन-ब्रैडमैन जैसा प्रसिद्ध नहीं, लेकिन मैदान पर उनके कारनामे अमर हो चुके हैं. इन्हीं में से एक नाम हैं सर जैक हॉब्स, जिन्हें दुनिया सम्मान से ‘द मास्टर’ कहती है. इंग्लैंड के इस दिग्गज बल्लेबाज के रिकॉर्ड्स आज भी किसी जादू की तरह लगते हैं. उनका इंटरनेशनल करियर 61 मैचों का रहा, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने जो महानता हासिल की, उसके आगे दुनिया के बाकी क्रिकेटर्स के आंकड़े भी फीके नजर आते हैं. हॉब्स के नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का अद्भुत रिकॉर्ड दर्ज है.
जैक हॉब्स ने जो कीर्तिमान स्थापित किए, वे आधुनिक क्रिकेट की कल्पना से भी परे हैं. सर जैक हॉब्स के नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे अधिक रन और सबसे अधिक शतक बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है. यह एक ऐसा कीर्तिमान है, जिसे तोड़ना लगभग असंभव माना जाता है. उन्होंने 834 फर्स्ट क्लास मैच खेले और 61760 रन बनाए. हॉब्स दुनिया के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने फर्स्ट क्लास में 60000 रन का आंकड़ा पार किया. उन्होंने अपने शानदार करियर के दौरान 199 शतक लगाए. 273 अर्धशतक भी उनके नाम हैं.
199 शतक ठोक मचाया तहलका
हॉब्स ने अपने करियर के दौरान सरे और इंग्लैंड के लिए खेलते हुए यह रनों का पहाड़ खड़ा किया. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने 199 शतकों में से 100 शतक तो 40 की उम्र के बाद बनाए थे. यह उनकी फिटनेस और खेल के प्रति अटूट समर्पण का सबसे बड़ा प्रमाण है. भले ही हॉब्स का इंटरनेशनल करियर फर्स्ट क्लास जितना लंबा नहीं रहा, लेकिन आंकड़ों के मामले में वे यहां भी बेमिसाल थे. उन्होंने 1908 से 1930 के बीच इंग्लैंड के लिए कुल 61 टेस्ट मैच खेले. उन्होंने 56.94 की औसत के साथ 5410 रन बनाए, जिसमें 15 शतक भी शामिल रहे. उनका बेस्ट स्कोर 211 रन था. वहीं, फर्स्ट क्लास में उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 316 रन रहा. प्रथम विश्व युद्ध के कारण उनके करियर के कई सुनहरे साल बर्बाद हो गए, नहीं तो उनके टेस्ट आंकड़े आज कहीं अधिक विशाल होते. हर्बर्ट सटक्लिफ के साथ उनकी सलामी जोड़ी को क्रिकेट इतिहास की सबसे सफल जोड़ियों में गिना जाता है, जिन्होंने मिलकर इंग्लैंड को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं.
सचिन और ब्रैडमैन से तुलना
सचिन ने अपने पूरे करियर (सभी फॉर्मेट मिलाकर) में 34000 से अधिक रन बनाए, लेकिन हॉब्स के 61000+ रन केवल फर्स्ट क्लास फॉर्मेट में थे. आज के दौर में एक खिलाड़ी साल में मुश्किल से 10-12 फर्स्ट क्लास मैच खेल पाता है, जबकि हॉब्स के दौर में मैचों की संख्या बहुत अधिक होती थी. बात करें ब्रैडमैन की तो उनका औसत (99.94) अविश्वसनीय था, लेकिन रनों के अंबार और शतकों की संख्या के मामले में हॉब्स का कोई मुकाबला नहीं.
जैक हॉब्स की अन्य उपलब्धियां
जैक हॉब्स क्रिकेट के इतिहास में नाइटहुड (Sir) की उपाधि पाने वाले पहले प्रोफेशनल क्रिकेटर थे. साल 2000 में विजडन ने उन्हें 20वीं सदी के पांच महानतम क्रिकेटरों में चुना था. 1928-29 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 46 साल की उम्र में शतक लगाकर वे टेस्ट इतिहास के सबसे उम्रदराज शतक बनाने वाले खिलाड़ी बने. उनका टेस्ट करियर 22 साल 233 दिन का रहा, जिससे इतिहास में सबसे लंबे करियर के मामले में वह सातवें स्थान पर हैं. सबसे लंबा टेस्ट करियर विल्फ्रेड रोड्स का रहा, जिन्होंने 30 साल और 315 दिन का खेला.
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शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें


