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राजस्थान रॉयल्स के इस युवा ओपनर ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि क्लब के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है. एक तरफ जहां बिहार के 13 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चर्चा का केंद्र बने हुए हैं, वहीं उनके सीनियर साथी यशस्वी जायसवाल रिकॉर्ड की सीढ़ियां चढ़ते जा रहे हैं.
यशस्वी जायसवाल ने बनाया राजस्थान रॉयल्स के लिए एक और रिकॉर्ड
नई दिल्ली. कहते हैं कि क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं, लेकिन जब कोई खिलाड़ी अपनी निरंतरता से दिग्गजों को पीछे छोड़ने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है. वैसे तो आईपीएल (IPL) के गलियारों में इस समय एक ही नाम की गूंज है और वो हैं वैभव सूर्यवंशी पर यशस्वी जायसवाल उनसे बहुत पीछे नहीं च रहे है.
राजस्थान रॉयल्स के इस युवा ओपनर ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि क्लब के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है. एक तरफ जहां बिहार के 13 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चर्चा का केंद्र बने हुए हैं, वहीं उनके सीनियर साथी यशस्वी जायसवाल रिकॉर्ड की सीढ़ियां चढ़ते जा रहे हैं.
रहाणे को पछाड़ा, अब दिग्गजों की बारी
यशस्वी जायसवाल ने राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए अपनी 20वीं बार 50 से अधिक रनों की पारी (50+) खेलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. इस रिकॉर्ड को बनाने में यशस्वी ने सिर्फ 75 पारी खेली है. इस पारी के साथ ही उन्होंने राजस्थान के पूर्व कप्तान और भरोसेमंद बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे को पीछे छोड़ दिया है. रहाणे ने रॉयल्स के लिए 19 बार 50 से अधिक का स्कोर बनाया था. यशस्वी का यह सफर महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और प्रतिभा की कहानी है। कभी आजाद मैदान के बाहर गोलगप्पे बेचने वाले इस लड़के ने आज दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग में अपनी बादशाहत कायम कर ली है. उनकी बल्लेबाजी में जो निडरता दिखती है, वही उन्हें आज के दौर के अन्य बल्लेबाजों से अलग खड़ा करती है.
सैमसन और बटलर के करीब
अब यशस्वी की नजरें उस शिखर पर हैं जहाँ राजस्थान रॉयल्स के दो सबसे बड़े स्तंभ जोस बटलर और कप्तान संजू सैमसन खड़े हैं फिलहाल इस लिस्ट में संजू सैमसन और जो बटलर ने 25 बार (50+ स्कोर) पार किया है. वहीं यशस्वी जायसवाल ने 20 बार (50+ स्कोर) का पार कर लिया है. मात्र 20 की उम्र पार करते ही यशस्वी ने जिस तरह से इन दिग्गजों को चुनौती देना शुरू किया है, उससे यह साफ है कि आने वाले एक-दो सीजन में वह इस सूची में शीर्ष पर काबिज हो सकते हैं. बटलर की आक्रामकता और सैमसन की क्लास का जो मिश्रण यशस्वी के खेल में दिखता है, वह राजस्थान रॉयल्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
भविष्य की ‘ओपनिंग’ जोड़ी की झलक
क्रिकेट जगत में इस समय यशस्वी और वैभव सूर्यवंशी की चर्चा एक साथ हो रही है. जहां वैभव अपनी कम उम्र में बड़े शॉट खेलने की क्षमता से सबको चौंका रहे हैं, वहीं यशस्वी ने दिखाया है कि कैसे लंबी रेस का घोड़ा बना जाता है. भारतीय क्रिकेट के लिए यह सुखद संकेत है कि बाएं हाथ के दो आक्रामक बल्लेबाज अलग-अलग स्तरों पर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा रहे हैं.
यशस्वी जायसवाल का 20वीं बार 50 का आंकड़ा पार करना महज एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह राजस्थान रॉयल्स के भरोसे की जीत है उन्होंने साबित कर दिया है कि वह केवल एक ‘पिंच हिटर’ नहीं, बल्कि पारी को बुनने वाले और अंत तक ले जाने वाले मैच विनर हैं.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें


