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मजबूती का दूसरा नाम है तामड़ा ईंट… हथौड़े की चोट भी बेअसर, घर बनाने से पहले जान लें इसके बेमिसाल फायदे

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Tamda Brick: मजबूती के मामले में पत्थरों को मात देने वाली ‘तामड़ा ईंट’ क्या है? जानिए भट्टे की आग में तपकर लोहा बनी इस ईंट के बनने की प्रक्रिया और इसके बेमिसाल फायदों के बारे में. हालांकि इसका इस्तेमाल हर जगह नहीं हो सकता, लेकिन घर की नींव को ‘चट्टानी’ मजबूती देने के लिए इससे बेहतर कुछ भी नहीं. आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या है यह तामड़ा ईंट और क्यों यह निर्माण कार्यों में विशेष स्थान रखती है.

Tamda Brick: आज के दौर में आलीशान पक्के मकानों का सपना हर कोई देखता है और इन सपनों को मजबूती देती है ‘ईंट’. ईंटों का इतिहास सदियों पुराना है, जहां कभी लखौरी ईंटों का बोलबाला था, वहीं आज तकनीक और जरूरत के हिसाब से कई बदलाव आए हैं. लेकिन क्या आपने कभी ‘तामड़ा ईंट’ के बारे में सुना है? यह ईंट सामान्य ईंटों की तुलना में इतनी कठोर होती है कि बड़े-बड़े पत्थर भी इसके सामने फीके पड़ जाएं. हालांकि इसका इस्तेमाल हर जगह नहीं हो सकता, लेकिन घर की नींव को ‘चट्टानी’ मजबूती देने के लिए इससे बेहतर कुछ भी नहीं. आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या है यह तामड़ा ईंट और क्यों यह निर्माण कार्यों में विशेष स्थान रखती है.

कैसे तैयार होती है तामड़ा ईंट?
ईंटों की जानकारी रखने वाले अनिल कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि तामड़ा ईंट का शुरुआती आकार सामान्य ईंट जैसा ही होता है. लेकिन असली खेल भट्टे की आंच का है. जब भट्टे में ईंटों को पकाया जाता है, तो कुछ ईंटें ऐसी होती हैं जिन्हें सामान्य से बहुत अधिक तापमान मिल जाता है. अधिक ताप की वजह से ये ईंटें सामान्य से कहीं ज्यादा ठोस हो जाती हैं. अधिक पकने के कारण इनका रंग लाल से बदलकर भूरा या कभी-कभी काला पड़ जाता है और इनके आकार में भी हल्का टेढ़ापन आ जाता है.

पत्थर से भी अधिक है इसकी मजबूती
तामड़ा ईंट की सबसे बड़ी खासियत इसकी मजबूती है. जहां सामान्य ईंट हथौड़े के एक-दो वार में टूट जाती है, वहीं तामड़ा पर हथौड़ा मारना भी अक्सर बेअसर रहता है.जानकारों के अनुसार, इसे तोड़ने के लिए ‘दुरमुट’ जैसे भारी औजार का इस्तेमाल करना पड़ता है या फिर कम से कम 10 से 15 बार जोरदार प्रहार करने के बाद ही यह टूटती है. यही कारण है कि इसे निर्माण जगत का ‘लोहा’ माना जाता है.

निर्माण में कहां किया जाता है इसका सही इस्तेमाल?
अक्सर लोग सोचते हैं कि इतनी मजबूत ईंट है तो इसे दीवार की जुड़ाई में क्यों नहीं लगाया जाता? इसकी वजह इसका टेढ़ा-मेढ़ा आकार है. दरअसल, अधिक तापमान के कारण तामड़ा ईंट अपनी लंबाई और चौड़ाई का सटीक संतुलन खो देती है और इसके कोने भी खराब हो जाते हैं. एक समान आकार न होने के कारण इससे सीधी और सुंदर दीवार बनाना असंभव है. इसलिए, इसका सबसे बेहतरीन उपयोग घर या बिल्डिंग के फाउंडेशन (नींव) में होता है. नींव बनाते समय इसे छोटे टुकड़ों में तोड़कर इस्तेमाल किया जाता है, ताकि जमीन के नीचे (नींव) इतनी मजबूत हो जाए कि वह बड़ी से बड़ी इमारत का भार सहन कर सके.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



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